चलिए जानते हैं कि घर में यूज होने वाले नमक को कैसे बनाया जाता है। क्योंकि नमक के बिना कोई भी दाल, सब्जी अच्छी नहीं लगती हैं।इसके लिए सबसे पहले समुद्र के पानी को उथले गड्ढों में स्टोर किया जाता है इसके बाद इसको वाष्पीकृत होने के लिए छोड़ दिया जाता है। सफेद नमक का रासायनिक नाम सोडियम क्लोराइड होता है । जिसकाा निर्माण सोडियम हाइड्रॉक्साइड और हाइड्रोक्लोरिक एसिड के बीच अभिक्रिया द्वारा संपन्न होता है। 
नमक कैसे बनता है ?
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नमक बनाने के लिए समुद्र के किनारे पर खारा पानी भरा होता है वहाँ पर कुछ क्यारियां बना दी जाती हैं,जिसमे समुद्र के पानी को इकट्ठा करके समुद्र के पानी को भाप बनाकर उड़ा दिया जाता है, और जो बचा हुआ जो पदार्थ बचता है, वह नमक ही बचता है इसके बाद में नामक क़ो रिफाइन करके फ्रेश नामक बनाया जाता है और फिर इस नामक क़ो पैकट मे पैक करके मार्केट मे लाकर बेच दिया जाता है।

दोस्तों नमक हर घर में उपयोग किया जाता है बिना नमक के सब्जी नहीं बनाई जा सकती है इस पोस्ट में हम बताएंगे कि नमक कैसे बनता है। जब बहुत सी नदियां जमीन से होकर गुजरती है तो यह अपने साथ मिनरल्स को लेकर समुद्र में गिरती हैं इसीलिए समुद्र में बहुत अधिक मात्रा में मिनरल्स पाया जाता है इसीलिए समुद्र का पानी खारा होता है नमक वास्तव में मिनरल्स होते हैं नमक को बनाने के लिए समुद्र के किनारे क्यारियां बना दी जाती हैं जिसमें समुद्र के पानी को इकट्ठा किया जाता है और फिर समुद्र के पानी को भाप बनाकर उड़ा दिया जाता है। और बचा हुआ मटेरियल नमक होता है।

नमक का इस्तेमाल हर घर में किया जाता है यदि आज नामक नहीं होता तो हमें खाने के स्वाद के बारे में पता ही नहीं चलता यदि खाने में नमक की मात्रा अधिक हो जाती है तो इससे खाने का स्वाद बिगड़ जाता है और यदि खाने में नमक की मात्रा कम हो जाती है तो इसे खाने का स्वाद बिगड़ जाता है लेकिन क्या आपने कभी सोचा है आखिर नमक बनकर कहां से आता होगा नहीं जानते होंगे तो चलिए हम आपको इसके पीछे की कहानी बताते हैं। नमक को तैयार करने में सबसे बड़ा योगदान समुद्र का है इसके लिए समुद्र के पानी को उथले गड्ढों में इकट्ठा किया जाता है इसके बाद इसे वाष्पीकरण करने के लिए छोड़ दिया जाता है जो की भाप बनकर उड़ जाता है और बचा हुआ पदार्थ नमक बन जाता है बाद में जिसे शुद्ध करके लोगों को बेच दिया जाता है।
चौराहों पर मिलने वाला डोसा जिसे आमतौर पर स्ट्रीट फ़ूड कहा जाता है सचमुच ही बेहद स्वादिष्ट होता है । होटल या रेस्ट्रॉन्ट से बिलकुल अलग स्ट्रीट फ़ूड का अपना अलग जायगा और स्वाद होता है, यही कारण है की स्ट्रीट फ़ूड की हर चौराहे और सड़क पर भरमार लगी हुई है । मै विशेष रूप से रामफल चौक पर मिलने वाले डोसे की विधि जानने गयी । यह विधि बेहद सरल थी और इसे बनाना उससे भी आसान । आइये जाने कि किस तरह चौराहों पर मिलने वाला डोसा बनाया जाता है, और किस तरह वह उसे इतना स्वादिष्ट बनाते हैं ।

- मसाला डोसा का मसाला बनाने के लिए सबसे पहले आलुओं को उबालकर और छील कर उसका भरता बना कर रख लीजिये ।
- अब प्याज को लम्बा और हरी मिर्च को बारीक काट लजिए ।
- गैस पर कढ़ाई चढ़ाइये और उसमे दो बड़े चम्मच तेल डाल दीजिये ।
- तेल गरम हो जाने पर उसमें सरसो के दाने और कड़ीपत्ता डाल दीजिये ।
- अब इसके अंदर प्याज और हरी मिर्च डालकर हल्का भूनिये ।
- अब आलू डालिये और अच्छी तरह हिलाइए ।
- पांच मिनट के अंतराल में इसमें सभी मसाले डाल दीजिये और अच्छी तरह से मिलाइये ।
- जब सभ मसाले अच्छी तरह आलू के साथ मिजाये तो इसमें नमक डालिये और अच्छी तरह मिलाकर गैस बंद कर दीजिये और ढककर अलग रख दीजिए ।डोसे का मसाला तैयार है ।
- डोसा बनाने के लिए चावल और डाल को 30 भिगो कर रख दीजिये ।
- जब यह अच्छी तरह से भीग जाएं तो इसे बारीक पीस लीजिये ।
- अब इसमें दही मिलाइये और थोड़ा पानी डालकर गाढ़ा पेस्ट बना लीजिये ।
- आपके डोसे का पेस्ट अच्छी तरह तैयार है, अब गैस पर डोसा तवा चढ़ाइये उसमे थोड़ा तेल छिड़किये और डोसे का पेस्ट डालकर फैलाइये ।
- 2 मिनट एक तरफ से पक जाने पर इसमें डोसे का मसाला लगाकर अच्छी तरह फैलाइये और उसे रोल करके प्लेट में निकाल लीजिये ।
नमक एक ऐसी चीज़ है जिसके बिना खाने का स्वाद अधूरा नहीं फीका हो जाता है | इतना ही नहीं बल्कि अगर इसकी मात्रा ज्यादा हो जाये तो तब भी यह नुक्सान देह है और अगर कम हो जाये तब भी यह नुक्सान देह है | साधारण शब्दों में कहा जये तो अगर नमक की मात्रा थोड़ी भी ज्यादा होते ही स्वाद बिगड़ भी जाता है। बहुत ही कम मात्रा में उपयोग होने के बावजूद नमक खाने में अपना विशेष महत्व बनाये रखता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि जो नमक किसी कंपनी की पैकिंग में आपके घर आता है वो असल में कहाँ और कैसे बनता है?
(courtesy-sailehar)
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