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Ram kumar

Updated on Jun 5, 2026astrology

केदारनाथ मंदिर के कुछ दिलचस्प तथ्य क्या हैं ?

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5 Answers

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Decoding the ancient language of the stars — with six years of practice, study,...
Updated on Jun 5, 2026

Kedarnath Temple भारत के सबसे प्रसिद्ध और पवित्र Shiva temples में गिना जाता है। यह हिमालय की ऊंचाई पर स्थित है और चार धाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। Interesting facts:

  • यह मंदिर लगभग 3,500 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है
  • माना जाता है कि इसका संबंध महाभारत काल से है
  • Temple architecture कठोर weather conditions में भी मजबूत बनी हुई है
  • 2013 की devastating floods के दौरान मंदिर सुरक्षित बच गया था
  • यह केवल कुछ महीनों के लिए खुलता है क्योंकि सर्दियों में क्षेत्र बर्फ से ढक जाता है

Kedarnath spirituality, adventure और natural beauty का unique combination माना जाता है।

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ABOUT THE AUTHORMadhav Sharma

Madhav Sharma is a professional astrologer with over 6 years of practice in Vedic astrology. He holds a Jyotish Visharad certification from the Indian Council of Astrological Sciences (ICAS), New Delhi — one of India's most recognised credentials in the field — and has studied under senior practitioners with decades of lineage in classical Vedic traditions. His content covers Vedic astrology, birth chart analysis, planetary transits, kundli matching, horoscope predictions, and the practical application of astrological principles in daily life. His work has been published on platforms including AstroSage, GaneshaSpeaks, and Boldsky Astrology, where he writes for readers seeking guidance grounded in classical astrological texts and consistent interpretive practice. Over six years, Madhav has conducted 2,000+ individual consultations and published 200+ articles on astrology, covering everything from beginner guides to in-depth analyses of rare planetary combinations. He is a practising member of the Indian Astrology Federation and has been a featured voice at astrology conferences and spiritual wellness events across India. Across all his writing, his approach remains consistent — classical knowledge, disciplined interpretation, and content that respects both the tradition of Vedic astrology and the intelligence of the reader.

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Updated on Jun 1, 2026
केदारनाथ मंदिर का नाम आते ही, सभी के दिमाग में उत्तराखंड की हरियाली नज़र आती हैं | जैसा कि सभी जानते हैं, केदारनाथ मंदिर भारत में उत्तराखंड के रूद्रप्रयाग जिले में स्थित है। आपको बता दें, कि केदारनाथ में भगवान शिव जी विराजमान हैं, और यह भगवान शिव,12 ज्योतिलिंग में से एक हैं |
 
केदारनाथ उत्तराखण्ड के हिमालय की गोद में में स्थित हैं, और 12 ज्योतिर्लिंग में से एक होने के साथ-साथ केदारनाथ की एक और विशेषता यह हैं, कि यह चार धाम और पंच केदार में से भी एक है |
 
- केदारनाथ में शिवलिंग स्थापना की कहानी :-
 
हिमालय की गोद में बसे केदार पर्वत में भगवान विष्णु के अवतार, नर और नारायण ऋषि तपस्या कर रहें थे, उनकी इस कठिन तपस्या को भंग करने के लिए रक्षक पक्ष ने काफी जोर लगाया, पर नर और नारायण ऋषि की तपस्या को भंग नहीं कर सके | फिर उनकी तपस्या से खुश होकर भगवान शिव ने जब उनसे वरदान मांगने को कहा तो उन्होंने भगवान शिव को सदा ले लिए ज्योतिर्लिंग के रूप में केदार पर्वत पर विराजमान होने का आग्रह किया, जिसको भगवान ने मान लिया, और भगवान शिव ज्योतिर्लिंग के रूप में केदार पर्वत पर विराजमान हो गए | तब से केदार पर्वत को केदारनाथ के नाम से जाना जाता हैं |
 
केदारनाथ मंदिर शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से एक हैं, जिनके दर्शन मात्रा से पापों से मुक्ति मिलती हैं | सावन का महीना लग गया हैं, जिसमें भगवान शिव की आराधना की जाती हैं | सावन के महीने व्रत और पूजन करने वालों को भगवान शिव मनचाहा वरदान देते हैं |
 
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ABOUT THE AUTHORKanchan Sharma

हिंदी लेखक

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Culture & Tradition Lover
Answered on Oct 14, 2023

केदारनाथ मंदिर के कुछ दिलचस्प तथ्य के बारे में आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताते हैं,

केदारनाथ का सबसे बड़ा रोचक तथ्य रहस्य यहां पर स्थित शिवलिंग है। यह शिवलिंग त्रिकोण के आकार का एक बड़ा पत्थर है जिसे भगवान शिव के बैल रूपी अवतार का पीठ वाला भाग माना जाता है। यह शिवलिंग मानव निर्मित ना होकर प्राकृतिक है जो धरती में से प्रकट हुआ था।

केदारनाथ मंदिर से जुड़ा एक और रोचक तथ्य जिससे जुड़ा हुआ है वह है यहां के पुजारी। सदियों पहले जब भारत की भूमि पर आदि शंकराचार्य ने जन्म लिया था तब उनके द्वारा केदारनाथ मंदिर का पुनः निर्माण किया गया था। साथ ही उनकी समाधि भी केदारनाथ मंदिर के पीछे स्थित है।

केदारनाथ में केवल 2013 की प्राकृतिक आपदा ही नहीं झेली थी बल्कि 400 वर्षों तक यह मंदिर भारत में ढका रहा था। जी हां सही सुना आपने वीडियो इंस्टिट्यूट हिमालय देहरादून के द्वारा एक शोध किया गया जिसमें बताया गया की 13वीं शताब्दी से लेकर 17वीं शताब्दी तक इस जगह पर भीषण बर्फबारी हुई थी।

Letsdiskuss

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Answered on Oct 10, 2023

केदारनाथ मंदिर के कुछ दिलचस्प के बारे में बताते हैं।

केदारनाथ मंदिर का निर्माण बड़े-बड़े पत्थरों और चट्टानों, शिलाखंड से किया गया है। इन शिलाखंड को आपस में जोड़ने के लिए इंटरलॉकिंग तकनीक को अपनाया गया है जिसमें कहीं भी सीमेंट इत्यादि का प्रयोग नही किया गया है।

केदारनाथ मंदिर केवल भक्तों के लिए 6 माह तक ही खुलता है।मई में इसे अक्षयतृतीय के दिन खोला जाता है व दीपावली के अगले दिन गोवर्धन पूजा में इसे बंद कर दिया जाता है।उसके बाद मंदिर के कपाट छह माह तक बंद रहते हैं व भगवान शिव के प्रतीकात्मक स्वरुप को नीचे उखीमठ में स्थापित कर दिया जाता है।

केदारनाथ मंदिर का शिवलिंग त्रिभुजाकार है इस मंदिर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती और भगवान नन्दी,पांच पांडव और उनकी पत्नी द्रोपती के साथ विराजमान है। केदारनाथ मंदिर में कन्नड़ भाषा में मंत्रों का जाप किया जाता है।Article image

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Answered on Jan 8, 2023

केदारनाथ मंदिर का नाम तो आप सभी ने सुना होगा जहां पर भगवान शिव की प्रतिमा विराजमान है आज हम आपको केदारनाथ मंदिर से जुड़े कुछ तथ्य के बारे में बताएंगे।

केदारनाथ मंदिर का शिवलिंग त्रिभुजाकार है इस मंदिर में भगवान शिव के साथ माता पार्वती और भगवान नंदी, पांच पांडव,और उनकी पत्नी द्रोपदी के साथ विराजमान है।

इस मंदिर में कन्नड़ भाषा में मंत्रों का होता है।

जब केदारनाथ मंदिर 6 महीने के लिए बंद हो जाती है तो सभी देवताओं की मूर्ति को उखीमठ के ओंकारेश्वर मंदिर में ले जाया जाता है और वही उनकी पूजा की जाती है।

केदारनाथ मंदिर 400 साल तक पूरी तरह से बर्फ में दबा रहा और फिर इस मंदिर का पता चला।

Letsdiskuss

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