Asked 4 years ago

ओणम हमारे देश के किस राज्य में मनाया जाता है?

Like
2
845
A
Asha HireAuthor

Hey, help the community by sharing your answer.

Earn up to 300 points for helpful answers.

Login to Answer

हमारे भारत देश में अनेक प्रकार के त्योहार मनाए जाते हैं उन्हीं में से एक है ओणम का त्यौहार लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओणम का त्योहार किस शहर का प्रमुख त्योहार है शायद आपको मालूम नहीं होगा तो कोई बात नहीं चलिए हम आपको इसकी जानकारी देते हैं दोस्तों ओणम का त्योहार केरल राज्य में मनाया जाता है यह त्यौहार पूरे 10 दिन तक चलता है ऐसी मान्यता है कि इस दिन राजा महाबली अपनी समस्त प्रजा से मिलने आए थे तभी से इस दिन को ओणम त्योहार के रूप में मनाया जाने लगा ।

Article image

Krishna Patel

Answered By Krishna Patel

Author
View Profile
Answered on04/19/23
0

भारत त्योहारों का देश है | जहां प्रत्येक प्रांत में भांति भांति के त्यौहार मनाए जाते हैं | त्यौहार व्यक्ति को

जीवन की नीरसता से उबारते हैं | इस प्रकार त्यौहार मना कर व्यक्ति के जीवन में नए उत्साह का संचार होता

है। त्यौहार जीवन में आनंद प्रदान करते हैं।

ओणम का महत्व और इतिहासः

यह केरल का प्रसिद्ध त्योहार है। ओणम हमारे देश के दक्षिण में स्थित केरल राज्य में मनाया जाता है। ओणम

हर्षोल्लास का त्यौहार है। यह रंगों व दावतों का त्यौहार है। यह त्यौहार गरीब और अमीर सभी बड़े उत्साह के

साथ मनाते हैं। सभी लोग आपस में बैर - भाव मिटा कर पूरे आनंद से त्यौहार का आनंद लेते हैं। यह त्यौहार

भारत के राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है।

Letsdiskuss

प्रचलित कथाः

यह माना जाता है, कि प्राचीन काल में केरल में महाबली नाम के एक राजा थे। महाबली महादानी थे।

महाबलीपुरम में उनकी राजधानी थी। वह आकाश, पृथ्वी और पाताल तीनो लोको पर राज्य करते थे वह अपनी

प्रजा को बहुत प्यार करते थे व उसका बहुत ध्यान रखते थे। वह न्यायप्रिय व प्रजापालक थे। प्रजा उनको

भगवान के समान पूजती थी। देवता महाबली से ईर्ष्या करते थे। राजा इंद्र को डर लगा कि महाबली कहीं उनका

आसन ना छीन ले। राजा इंद्र सहायता मांगने भगवान विष्णु के पास गए। भगवान विष्णु ने वामन

(बौने ब्राह्मण) का रूप धारण किया और वह महाबली के पास पहुंचे। उन्होंने महाबली से दान मांगा। महाबली

ने उनको वचन दिया कि वह जो कुछ मांगेंगे उनको वह मिलेगा। विष्णु भगवान ने महाबली से तीन पग भूमि

मांगी। महाबली उनको तीन पग भूमि देने के लिए तैयार हो गए। विष्णु भगवान ने एक पग में पृथ्वी-लोग,

दूसरे पग में स्वर्ग लोक, नाप लिया। अब तीसरे पग के लिए जगह नहीं बची तो महाबली ने अपना सिर

भगवान के आगे रख कर दिया। विष्णु भगवान ने अपना पैर महाबली के सिर पर रख दिया और महाबली

पाताल को चले गए। महाबली ने विष्णु से वरदान मांगा कि वर्ष में एक बार उनको प्रजा के सुख- दुख जानने

का अवसर मिले। तभी से कहा जाता है कि महाबली श्रावण मास के श्रावण नक्षत्र वाले दिन अपनी प्रजा का

हाल जानने आते हैं। इसे मलयालम में ओणम कहा जाता है। इस प्रकार ओणम महाबली के आदर में मनाया

जाता है।

  • लोक नृत्य का बहुत महत्व होता है।
  • कथक नृत्य का इन दिनों विशेष महत्व होता है।
  • केरल वासी खूब अच्छे-अच्छे रंग-बिरंगे तड़क-भड़क वाले कपड़े पहनते हैं।
  • स्त्रियाँ भी फूलों व घरों से अपने आपको खूब सजाती है |

Article image

और पढ़े- ओणम त्यौहार मानाने का क्या प्रमुख कारण हैं ?

A

Answered By Asha Hire

Author
View Profile
Answered on08/20/21
Like
1