इसरो ने चंद्रयान 2 मिशन का आगाज़ किया और भारत ने अपनी तरक्की की ओर एक और बड़ा कदम बढ़ाते हुए चांद पर भारत के दूसरे महत्वाकांक्षी मिशन
चंद्रयान-2 को सोमवार को श्रीहरिकोटा से सबसे शक्तिशाली रॉकेट जीएसएलवी-मार्क III-एम1 के जरिए प्रक्षेपित किया गया |
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- चंद्रयान - 2 भारतीयों के लिए बहुत गर्व की बात है और अमेरिका चीन और रूस जैसे देश हैरान है कि उनसे कम लागत में उनके बराबर का यान भारत ने कैसे बनाया |
- चंद्रयान भारत को चाँद से जुडी जानकारियां देगा और यह मदद करेगा इस बात को जानने में के वहां पर पानी और जीवन की कितनी संभावनाएं है |
- चंद्रयान - 2 मिशन की लागत 978 करोड़ रुपये है |
- आपको जान कफर ख़ुशी होगी कि भारत चंद्रमा पर यान भेजने वाला छठवां देश है।
- यह वह पहला स्पेस मिशन है, जिसमें चंद्रमा के दक्षिण ध्रुवीय क्षेत्र में किसी स्पेस मशीन की सॉफ्ट लैंडिंग होनी है। इसके सतह का भू-भाग चांद के उत्तर ध्रुवीय इलाके से कहीं ज्यादा बड़ा है और ये हमेशा छाए में रहता है।
- यह चंद्रयान भारत की तरक्की और नयी दिशा की और एक नया कदम है |
- इसका वजन 1380 किलोग्राम था ।