Ramesh Kumar
Ramesh Kumar· 8 years ago
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योग के ऐसे कौन से आसन हैं, जो मानव शरीर को पूर्ण रूप से स्वस्थ रख सकते हैं ?

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Updated on05/29/26

योग में निम्न आसन के नियमित अभ्यास से स्वस्थ जीवन जिया जा सकता है .

सर्वांगासन : सर्वागासन में हाथों के बल सम्पूर्ण शरीर को कन्धों पर संतुलित किया जाता है ,नियमित इस आसन का अभ्यास व्यक्ति को निरोगी रखने में मदद करता है .

हलासन : इस योगासन का अभ्यास पीठ एवं कमर की मांसपेशियों को आराम पहुँचता है . शुरुवात में इसे साधने में कठिनाई होती है . पर नियमित अभ्यास से इसमें महारथ हासिल की जा सकती है .

चक्रासन : दोनों हाथ एवं पैरों के सहारे कमर और छाती में खिंचाव उत्पन्न करता है ,संपूर्ण शरीर के लिए यह एक फायदेमंद योगासन है .

धनुरासन : नियमित इस आसन का अभ्यास शरीर में संतुन बनाये रखता है . यह अभ्यास तन मन को निरोगी रखने के लिए पर्याप्त है .

वज्रासन : एकमेव आसन जिसका अभ्यास आप खाना खाने के तुरंत बाद कर सकते है ,पाचनक्षमता को बढ़ता है .

नटराज आसन : भगवान् शिव का प्रिय आसन ,दुःख ,पीड़ा ,भय और मानसिक परेशानियों से मुक्ति दिलाता है.

सिंहासन : इसका अभ्यास गले की मांसपेशियों में विशिष्ट घर्षण उत्पन्न करता है ,जिससे गले से जुडी परेशानिया दूर रहती है .

बालासन : साधक में प्रकृति के प्रति समर्पित भावना को उजागर करता है ,जो मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ के लिए आवश्यक है .

प्रार्थनासन : प्रार्थना शक्ति से बड़े से बड़े विकारों से मुक्ति मिल जाती है , मानसिक शांति प्रदान करता है .

 

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Updated on05/29/26

1. स्वस्तिकासन - बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाहिनी जांघ आैर पिंडली के बीच इस प्रकार रखें कि बाएं पैर का तलवा छिप जाए। इसके बाद दाहिने पैर के पंजे आैर तलवे को पाएं पैर के नीचे से जांघ आैर पिंडली के बीच रखने से स्वस्तिकासन बन जाता है। ध्यान मुद्रा में बैठें आैर रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर सांस खींचकर रोकें। इसी प्रक्रिया को पैर बदलकर भी करें। इससे पैरों का दर्द दूर होता है।

2. गोमुखासन - दोनों पैर सामने फैलाकर बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को नितंब के पास रखें। दाहिने पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर इस तरह रखें कि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर हो जाएं। दाहिने हाथ को उठाकर पीठ की ओर मोड़िए आैर बाएं हाथ को पीठ के पीछे से लाकर दाहिने हाथ को पकड़िएं। गर्दन आैर कमर सीधी रहनी चाहिए। इससे अंडकोष वृद्धि आैर आंत्र वृद्धि होती है। धातु रोग आैर स्त्री रोगों में भी लाभकारी है। यकृत, गुर्दा आैर वक्ष स्थल को बल देता है। संधिवात आैर गठिया को दूर करता है।
 
3. गोरक्षासन - दोनों पैर की एड़ी आैर पंजे को आपस में मिलाकर सामने रखें। अब सीवनी नाड़ी को एड़ी पर रखते हुए उस पर बैठ जाइए। दोनों घुटने जमीन पर ही हों। हाथ को ज्ञान की मुद्रा स्थिति में रखें। इस आसन में मांसपेशियों में रक्त संचार ठीक से होता है। इंद्रियों की चंचलता खत्म करके मन को शांति प्रदान करता है।
 
4. अद्र्धमत्स्येंद्रासन - दोनों पैर सामने फैलाकर बैठें। बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को नितंब के पास लगाएं। बाएं पैर को दाहिने पैर के घुटने के पास रखें। बाएं हाथ को दाहिने घुटने के पास बाहर की ओर सीधा रखते हुए दाहिने पैर के पंजे को पकड़ें। दाहिने हाथ को पीठ के पीछे से घुमाकर पीछष की ओर देखें। यह आसन मधुमेह आैर कमर दर्द में फायदेमंद है। नाड़ियों में रक्त संचार को सुधारता है। पेट की बीबमारियों को ठीक करके आंखों को भी ठीक रखता है।
 
5. शंखासन - हाथ को घुटने पर रखते हुए पंजों के बल उखड़ू बैठ जाइए। पैरों के बीच सवा फुट का अंतर होना चाहिए। सांस अंदर लेते हुए दाहिने घुटने को बाएं पैर के पंजे के पास रखिए आैर बाएं घुटने को दाहिनी ओर झुकाइए। गर्दन को बार्इं ओर से पीछे की ओर घुमाइए आैर देखिए। थोड़ी देर रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए बीच में आइए। इससे उदर रोग, कब्ज, गैस, अम्ल पित्ती, खट्टे डकार आैर बवासीर दूर होते हैं। आंत, गुर्दा, अग्नाशय आैर तिल्ली संबंधी रोगों में भी लाभप्रद है।
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Updated on06/05/26

Surya Namaskar को पूरे शरीर के लिए काफी लाभकारी माना जाता है क्योंकि इसमें कई आसनों का संयोजन होता है। इसके अलावा कुछ लोकप्रिय योगासन हैं:

  • Tadasana – शरीर के संतुलन और posture के लिए
  • Bhujangasana – पीठ और रीढ़ के लिए
  • Vrikshasana – balance और concentration के लिए
  • Trikonasana – flexibility के लिए
  • Pavanamuktasana – digestion के लिए
  • Shavasana – मानसिक शांति और relaxation के लिए

हालांकि कोई एक आसन अकेले “पूर्ण स्वास्थ्य” की गारंटी नहीं देता। वास्तव में, नियमित योग, संतुलित भोजन, अच्छी नींद और स्वस्थ lifestyle का साथ में होना ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है।

 
 
P
Random Facts Enthusiast
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Updated on05/29/26

यदि आप भी अपने जीवन में हमेशा के लिए स्वस्थ रहना चाहते हैं तो आज हम आपको ऐसे बहुत से योगासन बताएंगे जिन को अपनाने के बाद आप कभी भी बीमार नहीं रह सकते क्योंकि रोग रहित रहना हर एक व्यक्ति चाहता है लेकिन उसके लिए थोड़ी तो मेहनत करनी ही पड़ेगी आज हम आपको योग के ऐसे आसन बताएंगे जिनको करने से आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे।

सबसे पहले नंबर पर आता है शंखासन

दूसरे नंबर पर आता है गोरछासान

तीसरे नंबर पर आता है गोमुखासन

चौथे नंबर पर आता है स्वस्तिकासन।

इस प्रकार आप इन सभी योगासन को करके हमेशा स्वस्थ रह सकते हैं।

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Krishna Patel
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