- GDP (सकल घरेलू उत्पाद) की वृद्धि दर
- महंगाई दर (Inflation)
- ब्याज दरें और RBI की मौद्रिक नीति
- बेरोजगारी के आंकड़े
- औद्योगिक उत्पादन और manufacturing data
- विदेशी निवेश (FII/FPI inflows)
- विनिमय दर यानी रुपये की मजबूती या कमजोरी
- कच्चे तेल की कीमतें
- सरकारी बजट और कर नीतियां
- उपभोक्ता खर्च और मांग
ये संकेतक अर्थव्यवस्था की स्थिति और कंपनियों के भविष्य के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं, इसलिए इनका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है। वास्तव में, निवेशक और analysts अक्सर इन आर्थिक संकेतकों के आधार पर बाजार की दिशा का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं।
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Answered By Priya Agrawal
Random Facts Enthusiast

