मनुष्य के जन्म के समय चंद्रमा कि स्थिति के आधार पर तय किया जाने वाला आकाश के 12 हिस्सों मे से एक तारा पुंज जो होता है वह राशि कहलाता है | आकाश जब 360 डिग्री के वृत्त मे 30 -30 डिग्री के समबाहु मे बट जाता है तो प्रत्येक हिस्सा राशि कहलाता है | हर हिस्से का नाम अलग अलग होता है यह 12 राशि या चंद्र राशि होती है |
ज्योतिष विद्या के अनुसार ,जब चंद्रमा इनमे से किसी 12 हिस्सों मे से किसी एक हिस्से मे होता है हो उसे चंद्र राशि या जन्म राशि कहते है |
12 राशियाँ - मेष ,वृषभ ,मिथुन ,कर्क , सिंह ,कन्या ,तुला ,वृश्चिक , धनु ,मकर ,कुम्भ और मीन |
हिन्दू धर्म मे कई तरह के रीति रिवाज ओर संस्कार होते है | उन्ही मे से एक संस्कार नामकरण संस्कार होता है | यह 16 संस्कारों मे से एक माना जाता है | कई लोग ज्योतिष विद्या मे विश्वास करते है ओर कई लोग इसमे विश्वास नहीं करते है यह पूर्णतः स्वतंत्र विचारधारा है | कुछ लोगों का यह मानना होता है कि नाम राशि के अनुसार ही रखा जाना चाहिए ओर कई लोगों का विचार ऐसा नहीं होता है वह राशि या ज्योतिषाचार्य मे विश्वास नहीं करते है तो वह राशि अनुसार जन्मे बालक या बालिका का नाम अपने अनुसार रख देते है |
राशि का नाम आम जीवन मे ऐसा महत्वपूर्ण नहीं होता है लेकिन कहा जाता है कि शादी समारोह , पूजा -पाठ , कुंडली , अन्य धार्मिक कार्यों जैसे घर का शुभारंभ आदि मे राशि के नाम का महत्व अधिक होता है |
यहाँ प्रश्न मे मेष राशि वाले बच्चों के नाम का किन अक्षरों से शुरू होते है ?? इसका जवाब मे देना चाहूँगी के मेष राशि मे - चू ,चे ,चो ,ला ,ली ,लु ,ले ,लो और अ |
यह अक्षर नक्षरों के हिसाब से अलग अलग हो जाते है |
अश्विनी नक्षत्र ,भरणी नक्षत्र ओर कृत्तिका नक्षत्र |
अश्विनी नक्षत्र मे -चू ,चे,चो ,ला
भरणी नक्षत्र मे - ली ,लु ,ले लो और कृत्तिका नक्षत्र मे -अ |
मेष राशि मे आने वाले अक्षरों से कुछ बालक और बालिकाओ के नाम कुछ ऐसे होते है - चाहत , लक्ष्मी , ललिता ,अमायरा, लवली , अश्विनी , आराध्या |
बालकों के - लक्ष्य , ललित , चेतन , लोकेन्द्र , अमन , अद्वितीय , अमोघ |
हर राशि के अक्षर नक्षत्रों के आधार पर होते है इसलिए यह ज्योतिषों के द्वारा समझे जाते है ओर नामकरण का संस्कार पूरा किया जाता है |




