Updated on05/23/26
आईपीओ का पूरा नाम “इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग” होता है। जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम लोगों के लिए बाजार में बेचती है, तो उसे आईपीओ कहा जाता है। इसके जरिए कंपनी लोगों से पैसा जुटाती है ताकि वह अपने व्यापार को बढ़ा सके, कर्ज कम कर सके या नए प्रोजेक्ट शुरू कर सके।
आईपीओ आने के बाद कंपनी के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो जाते हैं और लोग उन्हें खरीद-बेच सकते हैं। कई लोग आईपीओ में इसलिए निवेश करते हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद होती है कि लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ सकती है। वास्तव में, हर आईपीओ लाभ ही देगा ऐसा जरूरी नहीं होता, इसलिए निवेश से पहले कंपनी के बारे में अच्छी जानकारी लेना जरूरी माना जाता है।
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