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Updated on May 23, 2026others

शेयर मार्किट में आईपीओ क्या है,बताइये?

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Updated on May 23, 2026

आईपीओ का पूरा नाम “इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग” होता है। जब कोई कंपनी पहली बार अपने शेयर आम लोगों के लिए बाजार में बेचती है, तो उसे आईपीओ कहा जाता है। इसके जरिए कंपनी लोगों से पैसा जुटाती है ताकि वह अपने व्यापार को बढ़ा सके, कर्ज कम कर सके या नए प्रोजेक्ट शुरू कर सके।

आईपीओ आने के बाद कंपनी के शेयर स्टॉक मार्केट में लिस्ट हो जाते हैं और लोग उन्हें खरीद-बेच सकते हैं। कई लोग आईपीओ में इसलिए निवेश करते हैं क्योंकि उन्हें उम्मीद होती है कि लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बढ़ सकती है। वास्तव में, हर आईपीओ लाभ ही देगा ऐसा जरूरी नहीं होता, इसलिए निवेश से पहले कंपनी के बारे में अच्छी जानकारी लेना जरूरी माना जाता है।

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Updated on May 23, 2026
आप आईपीओ के बारे में जानना चाहते है | चलिए इसको आसान हिंदी में यहाँ समझने की कोशिश करते हैं। आईपीओ के बारे में आपको यदि कोई आशंकाएं हैं या आप जानना चाहते हैं कि आईपीओ क्या है और इसकी क्या प्रक्रिया होती है तो इसे हम आप को बताते है के आईपीओ क्या है और इसमें निवेश करना चाहिए या नहीं |
 
IPO यानि Initial public offering या आसान भाषा में कहें तो प्रारंभिक सार्वजनिक प्रस्ताव यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक निजी कंपनी अपने शेयरों की बिक्री आम जनता को सार्वजनिक तौर पर करा सकती है | यह नई युवा कंपनी या एक पुरानी कंपनी हो सकती है जो एक एक्सचेंज में सूचीबद्ध होने का फैसला करती है और इसलिए यह सार्वजनिक हो जाती है। यहाँ किसी कंपनी के सार्वजनिक होने या पब्लिक होने का मतलब है कि अब इस कंपनी के शेयर आम लोगों को जारी किये जा सकते हैं और ये लोग इन्हें शेयर बाजार में खरीद और बेच सकते हैं।
 
आईपीओ की सहायता से कंपनियां सार्वजनिक रूप से नए शेयर जारी करके इक्विटी पूंजी बढ़ा सकती हैं या मौजूदा शेयरधारक कंपनी की पूंजी बढ़ाये बिना अपना शेयर जनता को बेच सकते हैं। सरकार भी आईपीओ के द्वारा पब्लिक सेक्टर कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी पब्लिक को बेच सकती है।
 
उदाहरण :-
मान लीजिये कि एक कंपनी जो कि अभी शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं है और उसकी पूँजी एक करोड़ रुपये है। अब कंपनी अपनी पूँजी को बढ़ा कर दस करोड़ करना चाहती है। तो कंपनी नौं करोड़ रुपये का आईपीओ ले कर आएगी। इसका मतलब हुआ की आईपीओ के बाद कंपनी के प्रमोटरों के पास एक करोड़ रुपये के और पब्लिक के पास उस कंपनी के नौं करोड़ रुपये के शेयर होंगे।
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