दोस्तों जैसा कि आप सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने कई सारी योजनाएं निकाली है उनमें से एक योजना पीएम प्रमाण योजना भी है। चलिए हम आपको बताते हैं कि पीएम प्रमाण योजना क्या है।
हाल ही में सरकार की ओर से कैबिनेट बैठक में पीएम प्रमाण योजना को मंजूरी दी गई है। इस योजना का उद्देश्य है कि किसानों को रासायनिक उर्वरक की जगह वैकल्पिक उर्वरक का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य है की सरकार अगले तीन सालों में तीन लाख 70,000 करोड़ खर्च करने वाली है।
आजकल के किसान रासायनिक उर्वरक का ज्यादा प्रयोग करते हैं। लेकिन सरकार का इस योजना के तहत यह प्लान है कि किसान रासायनिक उर्वरकों को इस्तेमाल कम करके वैकल्पिक उर्वरको को खेती में इस्तेमाल करें। अगर किसान वैकल्पिक उर्वरक का प्रयोग करेगा तो सरकार पर सब्सिडी का बोझ कम होगा और खेती की गुणवत्ता में भी सुधार होगा इससे किसानों का फायदा होगा क्योंकि इसमें खेती की लागत कम होती है।
मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि सरकार ने नैनो यूरिया और सल्फर कोटेड यूरिया के इस्तेमाल पर ज्यादा जोर दिया है।
इसके बाद सरकार ने नीम लेपित यूरिया का उत्पादन 100% अनिवार्य कर दिया है। नीम लेपित यूरिया का खेती में इस्तेमाल करने से निम्न लाभ मिलते हैं -
- मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है।
- पादप संरक्षण रसायनों के उपयोग में कमी होती है।
- खेती के फसल में कीट हमले और रोग में कमी होती है।
- धन,गान्ना,मक्का, सोयाबीन, गेहूं,अरहर लाल चना के उपज में वृद्धि होती है।
चलिए हम आपको बताते हैं की सरकार के सब्सिडी में बचत होगी तो वह इस राशि को कहां-कहां अनुदान के रूप मे देगा -
सब्सिडी बचत का 50% उस राज्य को सरकार अनुदान के रूप में देगा जो पैसा बचाता है।
योजना के तहत प्रदान किए गए 70% अनुदान गांव, ब्लॉक और शहर को भेज दिया जाएगा।
इसके बाद 30%अनुदान राशि का उपयोग सरकार किसानों,पंचायत, उत्पादक संगठनों और स्वसहायता समूह को पुरस्कृत करेगा।
