उपसर्ग - वे शब्दांश जो किसी मूल्य के पूर्व में लगकर नए शब्द का निर्माण करते हैं अर्थात नए शब्द का बोध कराते हैं उन्हें उपसर्ग कहा जाता है।
उपसर्ग तीन प्रकार के होते हैं
1) संस्कृत के उपसर्ग
2) हिंदी के उपसर्ग
3) उर्दू के उपसर्ग



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उपसर्ग - वे शब्दांश जो किसी मूल्य के पूर्व में लगकर नए शब्द का निर्माण करते हैं अर्थात नए शब्द का बोध कराते हैं उन्हें उपसर्ग कहा जाता है।
उपसर्ग तीन प्रकार के होते हैं
1) संस्कृत के उपसर्ग
2) हिंदी के उपसर्ग
3) उर्दू के उपसर्ग


उपसर्ग -
वे शब्द जो मूल शब्द के आगे लगता है और एक नए शब्द का निर्माण करता है उसे उपसर्ग कहते हैं उपसर्ग दो शब्दों से मिलकर बना होता है उप तथा सर्ग। उप शब्द का अर्थ है -निकट और सर्ग शब्द का अर्थ हैं -सृष्टि रखना।
उपसर्ग के प्रकार -
उपसर्ग 3प्रकार के होते है -
1. संस्कृत के उपसर्ग
2. हिंदी के उपसर्ग
3. उर्दू के उपसर्ग
1. संस्कृत के उपसर्ग - संस्कृत मे कुल मिलाकर 22उपसर्ग होते है।
अनु - अनुराधा, अनुरोध, अनुराग
अति -अतिथि, अतिसुन्दर
आ - आरुण, आयुषी
2.हिंदी के उपसर्ग - हिंदी मे कुल 10 उपसर्ग होते है।
दु -दुनिया, दुःख
कु - कुसूम, कुलदीप
नि -निर्यात, निरोध
3. उर्दू के उपसर्ग - उर्दू मे कुल 19 उपसर्ग होते है।
गैर -गैरकानूनी
खुश - खुशबू, खुशहाली

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