स्वर्ग और नर्क मे बहुत अंतर होता है। स्वर्ग में सब कुछ अच्छा होता है जैसे कि खाने के लिए अच्छे व्यंजन मिलते हैं। तथा नरक में बहुत सारी तकलीफें मिलती है। जैसे कि आप किसी के साथ बुरा करते है तो मरने के बाद आपको नरक मे आग पर चलाया जाता है, आप किसी क़ो मारते, पीटते है तो उसके बदले आपको नरक मे वही सज़ा मिलती है।
इसके अलावा आप स्वर्ग और नरक की अनुभूति आप पृथ्वी पर ही रहकर कर सकते है जैसे कि आप किसी गरीब और लाचार व्यक्ति की मदद करते हैं, तो बदले में आपको वह व्यक्ति बहुत सारी दुआएं और आशीर्वाद देगा।इस तरह के काम करने के बाद आपक़ो मन ही मन में खुशी का अनुभव होता है।
इसी स्थिति या अनुभूति को स्वर्ग का आनंद कहते है।
जब आप किसी गरीब या जरूरतमंद व्यक्ति की मदद नहीं करते या फिर उसे परेशान करते हैं। उसके पैसे छीन लेते है, उसे तकलीफ देते है, तो बदले मे आपको वह व्यक्ति बदुवा देता है इसी दुर्दशा क़ो नरक कहते है।









