आमंत्रण और निमंत्रण में अंतर
आमंत्रण:- आमंत्रण का शाब्दिक अर्थ होता है न्योता और बुलावा होता है जिसका उपयोग किसी विशेष स्थान या समय पर किसी व्यक्ति को बुलाने के लिए किया जाता है। आमंत्रण शब्द में आ प्रयुक्त होने से इसके अर्थ में एक प्रकार विशेषता आ जाता है। जिसके आधार पर किसी विशेष व्यक्ति को किसी समारोह में आमंत्रित किया जाता है यह निमंत्रण का एक ही स्वरुप है।जिसके माध्यम से किसी व्यक्ति एवं पूरे परिवार को किसी पारिवारिक समारोह मैं शामिल होने का आग्रह किया जाता है।
निमंत्रण:- निमंत्रण का शाब्दिक अर्थ होता है कि भोजन का न्योता यह बुलवा देना होता है जिसका उपयोग आमतौर पर शादी के समारोह के लिए किया जाता है।यह एक विशेष प्रकार का बुलावा होता है।जिसके कारण इसका उपयोग प्राचीन काल से ही ऋषि मुनिया द्वारा किया जा रहा है।निमंत्रण पर औपचारिक बुलावा होता है। जिसके आधार पर किसी विशेष व्यक्ति को और समारोह में निमंत्रित किया जाता है।



