Krishna Patel
Krishna Patel· 4 साल पहले
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नाच ना आवे आंगन टेढ़ा मुहावरे का अर्थ क्या होता है?

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अपडेट किया गया03/20/26

आज हम इस मुहावरे का अर्थ बता रहे हैं कि नाच ना आवे आंगन टेढ़ा का अर्थ होता क्या है। यह एक प्रसिद्ध लोक पंक्ति है जो हिंदी में अक्सर इसका प्रयोग निबंध, लेख आदि मे प्रयोग किया जाता है।

प्रयोग - नाच ना आवे आंगन टेढ़ा का अर्थ यह होता है कि मेरी बहन रीता बोलती है की मेरे से बहुत अच्छा नाचते बनता है लेकिन जब नाचने के लिए कोई भी व्यक्ति उसे बोलता है तो वह बहाने बनाने लगती है कि मेरे पैर में मोच लगी हुई है.। इसी को कहते हैं की नाच ना आवे आंगन टेढ़ा ।Letsdiskuss

Aanchal Singh
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जवाब दिया गया05/19/22

आइए आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताते हैं कि नाच ना आवे आंगन टेढ़ा मुहावरे का अर्थ क्या होता है। नाच ना आवे आंगन टेढ़ा मुहावरे का अर्थ होता है अपनी असफलताओं को स्वीकार ना करना तथा उसका दोष किसी और पर लगा देना ।

वाक्य में प्रयोग :-

मेरी एक फ्रेंड जिसका सुधा नाम है वह हमेशा यह कहते रहती है कि मेरे से बहुत अच्छा डांस करते बनता है और जब उसे नाचने के लिए कहा जाता है तो वह अपने पैरों में चोट लगने का बहाना बताने लगती है। इसी को कहते हैं नाच ना आवे आंगन टेढ़ा।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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जवाब दिया गया05/18/22

नाच ना आवे आंगन टेढ़ा मुहावरे का अर्थ - आप अपनी गलतीयों को स्वीकार नहीं करते है, और अपनी गलतियों के लिए दुसरो को दोषी ठहराते है।

मुहावरें का वाक्यों मे प्रयोग - सुरेश हमेशा अपने मित्रो से कहता कि मै बहुत अच्छी बासुरी बजता हूँ। लेकिन ज़ब उसके मित्रो ने बोला बासुरी बजाओ तो वह सही ढंग से बासुरी नहीं बजा पाया उसने बहाना बना दिया कि मेरी बासुरी खराब हो गई है, इसलिए बासुरी मे से अच्छी नहीं बज रही है, इसको कहते है नाच ना आवे आँगन देढ़ा।

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अपडेट किया गया12/23/25

'नाच न आवे आँगन टेढ़ा' मुहावरे का अर्थ है - अपनी असफलताओं को स्वीकार नहीं करके उसका दोष दूसरों पर डालना है।

मुहावरे का वाक्य प्रयोग – वह सब से कहती फिरती है कि वह नृत्य में माहिर है। जब उसे नृत्य करने के लिए कहा गया तो अपने पैर में मोच बता कर बहाना बना दिया। इसे कहते हैं नाच न जाने आंगन टेढ़ा।

मुहावरे का वाक्य प्रयोग – रमेश अपने आप को गणित का विद्वान समझता है। जब उसे दसवीं के कुछ प्रश्न हल करने के लिए दिए गए तो सिलेबस से बाहर के प्रश्न होने का बहाना बनाकर वहां से खिसक लिया। इसे कहते हैं नाच ना जाने आंगन टेढ़ा।

Anita  Pandey
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जवाब दिया गया02/26/20

नाच न जाने आगँन टेढा का मतलब होता है कि कोई काम हम न कर पाये तो उस काम का ही अवगुण निकाल दे ।
जैसे कि शुभम कार न चला पा रहा हैै तो कार को ही खराब बता दिया ।

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जवाब दिया गया03/20/26

हिंदी भाषा में यह एक बहुत प्रसिद्ध मुहावरा है, जो रोज़मर्रा की बातचीत में भी इस्तेमाल होता है। इसका अर्थ होता है अपनी कमी या अयोग्यता छिपाने के लिए दूसरों या परिस्थिति को दोष देना।

जब कोई व्यक्ति खुद किसी काम में सक्षम नहीं होता, तो वह अपनी गलती मानने के बजाय बहाने बनाता है।

अगर कोई नाचना नहीं जानता और जगह को खराब बताने लगे, तो यह इसी मुहावरे को दर्शाता है। यह मुहावरा हमें सिखाता है कि अपनी गलती स्वीकार करना और सुधार करना जरूरी होता है।

इसका उपयोग ऐसे लोगों के लिए किया जाता है जो अपनी कमजोरी को छिपाने के लिए दूसरों को दोष देते हैं। यह मुहावरा इंसान की उस आदत को दिखाता है, जिसमें वह अपनी कमी मानने के बजाय बहाने बनाता है।

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