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| Updated on December 5, 2018 | others

मोटिवेशनल गुरु शिव खेड़ा के कौन से विचार से आप प्रेरित हैं ?

3 Answers
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@kanchansharma3716 | Posted on December 5, 2018

मोटिवेशनल गुरु शिव खेड़ा इनका नाम कौन नहीं जानता | बहुत से लोग इनकी कहानी से प्रेरित है | इनकी एक book है, "जीत आपकी " इस किताब में जितनी भी कहानियाँ हैं, वो किसी न किसी इंसान को प्रेरित जरूर करती है |

शिव खेड़ा का जन्म 23 अगस्त 1961 को झारखंड के धनबाद में हुआ | "जीत आपकी " किताब शिव खेड़ा के द्वारा लिखी गई पहली किताब है , जो की 16 भाषा में उपलब्ध है | यह किताब इतनी प्रसिद्द हुई की इस किताब ने 30 लाख का आंकड़ा पार कर लिए | वर्तमान समय में शिव खेड़ा को "मोटिवेशनल गुरु " नाम से जाना जाता है |

मुझे शिव खेड़ा की किताब "जीत आपकी" से बहुत प्रेरणा मिली है | उनकी किताब की एक-एक कहानी मानो जैसे इंसान के जीवन के हर पन्ने को पलटकर देखती है | उनके विचार लोगों के जीवन में एक आशा की किरण की तरह हैं, जो मनुष्य को इस बात का ज्ञान कराते हैं, कि वो ज़िंदा है | जी हाँ! शिव खेड़ा के विचारों की बात की जाएं तो उनके विचारों से प्रेरित होकर इंसान में जीने की इच्छा जागृत हो जाती है |

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शिव खेड़ा के कुछ अनमोल विचार :-

अनमोल विचार :- " विपरीत परिस्थितियों में कुछ लोग टूटते है और कुछ लोग जो खास होते है वही रिकॉर्ड तोड़ते है "

कुछ कथन :- बिलकुल सही कहा, इस विचार पर मेरा कुछ कहना चाहती हूँ - दिमाग हर इंसान में होता है, पर बुद्धिमान इंसान वही कहलाता है, जिसका दिमाग बुरे समय में सही काम करें |

अनमोल विचार :- " विजेता लोग अलग काम नहीं करते हैं बल्कि वे जो कुछ भी करते है उनका तरीका अलग होता है "

कुछ कथन :- विजेता वो होता है, जो सभी को बराबर का मौका देता है, अकेले रेस में दौड़कर जीत हासिल भी कर ली तो उसका कोई फायदा नहीं होता |

अनमोल विचार :- "सत्य का साथ हमे अस्थायी रूप से चोट पहुंचा सकती है लेकिन झूठ का साथ हमे स्थायी रूप से छोड़ देना चाहिए"

कुछ कथन :- एक झूठ को छुपाने के लिए 100 झूठ और कहने पड़ते हैं, इससे बेहतर है एक सच कह कर बातख़त्म हो जाएं |

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M

@meetaliasiwal7437 | Posted on December 17, 2018

शिव खेड़ा के कई विचार हैं, जिनसे हम बहुत प्रेरित है | शिव खेड़ा की कई किताबें हैं, जिनमें से मुझे उनकी "जीत आपकी" किताब की एक कहानी बहुत ही प्रेरित करती है | उस कहानी ने मुझे ये बताया कि इंसान का रंग रूप मायने नहीं रखता उसकी क़ाबलियत मायने रखती है |


कहानी :-
एक गुब्बारे वाला गुब्बारे बेच रहा था | कई तरह के गुब्बारे लाल, पीले , हरे, नीले हर रंग के गुब्बारों में गुब्बारे वाला हीलियम गैस भर रहा था | जो की हवा में बहुत दूर तक उड़ते जा रहे थे | तभी एक बच्चा आया और उसने कहा एक गुब्बारा मुझे भी दो पर काले रंग का गुब्बारा मत देना |

तब गुब्बारे वाले ने पूछा ऐसा क्यों काले रंग का क्यों नहीं ? तो उसने कहा नहीं गुब्बारे का रंग काला है तो ये दूर तक नहीं उड़ेगा | इस बात पर गुब्बारे वाले ने बड़े ही सरल तरीके से उसको कहा कि " बेटा गुब्बारा अपने रंग से नहीं बल्कि उसमें भरी हवा से उड़ रहा है " |

इस कहानी की बस यही एक ऐसी लाइन थी जो मेरे दिल को छू गई और मुझे इस कहानी से ये समझ आया की इंसान का रंग रूप उसके काम को कभी मात नहीं दे सकता | जो इंसान सफल बनने की ठान ले वो कभी अपने काम से पीछे नहीं हट सकता |
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P

@poojamishra3572 | Posted on January 2, 2019

शिव खेड़ा एक ऐसे गुरु है, जिनके विचार और जिनकी बातें मानव जीवन को हमेशा प्रेरित करती हैं | शिव खेड़ा की किताब की एक कहानी से मुझे भी कुछ प्रेरणा मिली है, जिसको मैं व्यक्त करना चाहती हूँ |

एक कहानी में इस बात को साबित किया है, कि इंसान की इच्छाओं का कोई अंत नहीं होता और एक इंसान दूसरे को कभी 100 प्रतिशत खुश नहीं कर सकता | सबसे अच्छी बात मुझे जो समझ आई वो ये कि किसी दूसरे के कारण अपनी चीज़ों में हमें कभी गलती नहीं निकलना चाहिए |

एक कहानी जिसके कारण मुझे यह बात समझ आई मैं उसको आप सभी से शेयर करना चाहती हूँ |

एक आदमी के पास ऐसा कुत्ता था जो बहुत ही समझदार था | अपने मालिक की हर बात मानता था और जैसा उसका मालिक कहता वो वह करता था |

कुत्ता होने के बाद भी वह इंसान से ज्यादा वफादार औरी ईमानदार | उसके बाद भी उस आदमी ने उस कुत्ते के बारें में यह कहा कि आपका कुत्ता है, तो बड़ा ही समझदार पर अगर ये मछली की तरह पानी में तैर सकता तो कुछ अलग बात होती |

इससे इस बात का एहसास होता है, कि इंसान की इच्छाओं का कोई अंत नहीं है | इतना ही नहीं बल्कि लोग हमेशा ज्यादा से ज्यादा पाने के लिए, खुद को ऊँचा और दूसरे को नीचे दिखाने के लिए एक दूसरे पर कमियां ही निकलते रहते हैं |

Article image (Courtesy : Shiv Khera )
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