आज कल जहाँ स्वाइन फ्लू के कारण बहुत से लोग परेशान हैं, वहीं यह बीमारी बढ़ती जा रही है | स्वाइन फ्लू एक ऐसी बीमारी है जो नाक, गले, श्वासनली और ब्रांकाई को प्रभावित करती है | यह रोग किसी को भी हो सकता है, बच्चे या बड़े कोई भी हो इस बीमारी से पीड़ित हो सकता है| आप नवजात शिशु में इस बीमारी के लक्षण और उपाय जानना चाहते हैं | आइये जानते हैं शिशु में स्वाइन फ्लू के लक्षण और उपाय क्या हैं ?
नवजात शिशु में स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखें तो क्या करना जरुरी है ?
नवजात शिशु यानि की 1-2 महीने के छोटे बच्चो को बुखार होना, सिर दर्द, शरीर मे लम्बे समय से दर्द होना,तेज ठंड लगाना, गला खराब होना, उल्टी दस्त होना,खांसी आना आदि जैसे लक्षण बच्चो के अंदर दिखाई दे तो स्वाइन फ़्लू के लक्षण है। और नवजात शिशुओ को स्वाइन फ़्लू होने पर इलाज के लिए बच्चो को डॉक्टर के पास लेकर जाए ताकि बच्चो का इलाज समय से शुरू किया जा सके।
स्वाइन फ्लू एक संक्रामक बीमारी है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैल जाती है ऐसे में यदि नवजात शिशु को स्वाइन फ्लू हो जाता है तो आपको कौन कौन सी सावधानी बरतनी चाहिए यहां पर हम आपको बताने जा रहे हैं।
यदि किसी बच्चे को स्वाइन फ्लू की बीमारी हो जाती है तो आप उसे स्वाइन फ्लू का इंजेक्शन लगवा सकते हैं इससे स्वाइन फ्लू का खतरा कम हो जाता है। इसके अलावा बच्चे को समय-समय पर पानी पिलाते रहे ताकि उसके शरीर में पानी की कमी ना हो। बच्चे को लोगों को संपर्क में ना ले जाएं क्योंकि इससे स्वाइन फ्लू का खतरा और अधिक बढ़ सकता है।





