इलाहाबाद का वर्तमान नाम प्रयागराज है। प्राचीन काल और मध्यकाल में प्रयागराज का बड़ा महत्व रहा है। अकबर के शासनकाल में इस जगह का नाम इलाहाबाद रखा गया में। पूरी जानकारी हम आपको बताते हैं।
इलाहाबाद का नाम इलाहाबाद कब पड़ा किसने बसाया
'इलाहाबाद' नाम कब पड़ा और किसने बसाया?
16वीं शताब्दी में मुगल सम्राट अकबर ने 1575 से 1583 ईस्वी के दौरान संगम के तट पर एक विशाल किला बनवाया तभी से इस नगर की नींव इलाहाबाद के रूप में जाना जाने लगा।
अकबर ने इस शहर का नाम "इलाहाबास" जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ईश्वर या अल्लाह का शहर।
इसके बाद शाहजहाँ और ब्रिटिश शासनकाल के दौरान यह नाम बदलकर "इलाहाबाद" (Allahabad) के रूप में प्रचलित और प्रशासनिक रूप से मान्यता मिली।
2. किस किताब में लिखा है और इसके ऐतिहासिक स्रोत: यह अभी जानिए-
राजनीतिक महत्वाकांक्षा पूरी करने के लिए अकबर ने इस नगर की स्थापना की और इसका नाम दिया - 'इलाहाबास'।
इस बात का ऑथेंटिक प्रमाण मिलता है- अकबर के नवरत्न व दरबारी इतिहासकार अबुल फ़ज़ल की लिखी ऐतिहासिक ग्रंथ 'आइने-अकबरी' (और 'अकबरनामा') में खासतौर पर मिलता है।
इसके अलावा मध्यकालीन फारसी इतिहास की किताबों मे और ब्रिटिश काल के 'इलाहाबाद डिस्ट्रिक्ट गज़ेटियर' में भी इस स्थान के किला निर्माण और नाम परिवर्तन का पूरा डाटा रिकॉर्ड है।
'प्रयागराज' नाम कब हुआ?
उत्तर प्रदेश शासन में इसका नाम प्रयागराज यानी पुराना नाम फिर से लागू कर दिया। उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट फैसले के बाद 16 अक्टूबर 2018 को आधिकारिक तौर पर शहर का नाम 'इलाहाबाद' से बदलकर प्रयागराज कर दिया गया।
इस निर्णय का उद्देश्य शहर की प्राचीन पौराणिक और सांस्कृतिक पहचान को फिर से स्थापित करना था।
प्राचीन काल में नाम और ऐतिहासिक संदर्भ
वैदिक और प्राचीन काल में इस पवित्र भूमि का नाम 'प्रयाग' ही था। इसका जिक्र भारत के सबसे प्राचीन ग्रंथ ऋग्वेद, मत्स्य पुराण, पद्म पुराण, रामायण और महाभारत जैसे पौराणिक ग्रंथों में विस्तार से मिलता प्रमाण है।
चीनी यात्री ह्वेनसांग (Hiuen Tsang) ने भी 7वीं शताब्दी में राजा हर्षवर्धन के शासनकाल में भारत यात्रा के दौरान अपने यात्रा पर लिखी किताब में इस पवित्र संगम स्थल 'प्रयाग' का क्लियर वर्णन किया है।
'प्रयागराज' का अर्थ क्या है?
'प्रयागराज' शब्द दो संस्कृत शब्दों और एक सम्मानसूचक उपाधि से मिलकर बना है:
प्रयागराज शब्द की पूरी व्याख्या इस टेबल में दी गई है -
शब्द / शब्द-खंड | अर्थ / व्याख्या |
|---|---|
प्र (Pra) | एक उपसर्ग, जिसका अर्थ 'उत्कृष्ट', 'विशेष' या 'प्रधान' होता है। |
याग (Yag/Yajna) | इसका अर्थ 'यज्ञ' होता है। |
प्रयाग का नामकरण | हिंदू मान्यताओं के अनुसार, सृष्टि के रचयिता भगवान ब्रह्मा ने सृष्टि का प्रथम यज्ञ (प्रकृष्ट यज्ञ) इसी पवित्र संगम भूमि पर संपन्न किया था, इसलिए इस स्थान को प्रयाग कहा गया। |
राज (Raj) | 'राज' का अर्थ 'राजा' या 'श्रेष्ठ' है। |
प्रयागराज / तीर्थराज | दुनिया भर के सभी तीर्थ स्थलों का राजा होने के कारण इसे 'तीर्थराज प्रयाग' या 'प्रयागराज' कहा जाता है। |
धार्मिक महत्व | यह शहर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों के पवित्र संगम (त्रिवेणी संगम) का केंद्र है और सनातन धर्म की आस्था का एक मुख्य स्तंभ माना जाता है। |
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