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manish singh· 5 years ago
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ब्रह्मांड किससे बना है?

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Answered on07/27/26

वर्तमान वैज्ञानिक मॉडल (ΛCDM मॉडल) के अनुसार, ब्रह्मांड मुख्य रूप से तीन घटकों से बना है—लगभग 68% डार्क एनर्जी (Dark Energy), 27% डार्क मैटर (Dark Matter) और लगभग 5% सामान्य या बैरियोनिक पदार्थ (Ordinary/Baryonic Matter)। सामान्य पदार्थ से ही तारे, ग्रह, पृथ्वी, मनुष्य और हमारे आसपास दिखाई देने वाली सभी वस्तुएँ बनी हैं, जबकि ब्रह्मांड का लगभग 95% भाग अभी भी अदृश्य और रहस्यमय है।

ब्रह्मांड किससे बना है? शीर्षक के साथ ब्रह्मांड की संरचना दर्शाने वाला इन्फोग्राफिक, जिसमें अंतरिक्ष, आकाशगंगाएँ, पृथ्वी, ग्रह और ब्रह्मांडीय संरचना का पाई चार्ट दिखाया गया है।

अगर आपसे पूछा जाए कि ब्रह्मांड किससे बना है, तो शायद आपका जवाब होगा—तारे, ग्रह, चंद्रमा और आकाशगंगाएँ। आखिर हम अपनी आँखों से यही सब देखते हैं।

लेकिन विज्ञान कहता है कि कहानी इससे कहीं ज़्यादा दिलचस्प है।

असल में, जो कुछ हमें दिखाई देता है, वह पूरे ब्रह्मांड का बहुत छोटा हिस्सा है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रह्मांड का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा ऐसा है जिसे हम सीधे देख ही नहीं सकते। यही वजह है कि ब्रह्मांड आज भी विज्ञान के सबसे बड़े रहस्यों में से एक बना हुआ है।

आखिर ब्रह्मांड किन चीज़ों से बना है?

वर्तमान वैज्ञानिक मॉडल (ΛCDM मॉडल) के अनुसार, ब्रह्मांड मुख्य रूप से तीन भागों में बँटा हुआ है।

  • डार्क एनर्जी (Dark Energy) – लगभग 68%

  • डार्क मैटर (Dark Matter) – लगभग 27%

  • सामान्य (बैरियोनिक) पदार्थ – लगभग 5%

यानी हम, हमारी पृथ्वी, सूर्य, तारे और पूरी दिखाई देने वाली दुनिया मिलकर भी ब्रह्मांड का केवल पाँच प्रतिशत हिस्सा हैं।

डार्क एनर्जी क्या होती है?

डार्क एनर्जी को ब्रह्मांड का सबसे बड़ा और सबसे रहस्यमय हिस्सा माना जाता है।

वैज्ञानिकों का मानना है कि यही वह ऊर्जा है जिसकी वजह से ब्रह्मांड लगातार फैल रहा है और समय के साथ उसका विस्तार और भी तेज़ होता जा रहा है।

दिलचस्प बात यह है कि डार्क एनर्जी को आज तक किसी ने सीधे नहीं देखा है। इसके बारे में हमें केवल इसके प्रभावों से जानकारी मिलती है। इसकी वास्तविक प्रकृति क्या है, इसका जवाब अभी भी वैज्ञानिक खोज रहे हैं।

डार्क मैटर क्यों इतना महत्वपूर्ण है?

डार्क मैटर भी दिखाई नहीं देता।

यह न तो रोशनी छोड़ता है और न ही उसे परावर्तित करता है। इसलिए दूरबीन से भी इसे सीधे नहीं देखा जा सकता।

फिर भी वैज्ञानिकों को पूरा विश्वास है कि यह मौजूद है। कारण यह है कि आकाशगंगाओं की गति और उनके गुरुत्वाकर्षण को केवल दिखाई देने वाले पदार्थ से समझाया नहीं जा सकता। वहाँ किसी अदृश्य पदार्थ की ज़रूरत पड़ती है, जिसे डार्क मैटर कहा जाता है।

अगर डार्क मैटर न होता, तो संभव है कि कई आकाशगंगाएँ आज जैसी दिखाई देती हैं, वैसी बनी ही न रहतीं।

सामान्य पदार्थ क्या है?

अब बात उस हिस्से की जिसे हम रोज़ देखते और महसूस करते हैं।

हमारा शरीर, पृथ्वी, पानी, हवा, पेड़-पौधे, जानवर, सूर्य और बाकी तारे—ये सभी सामान्य या बैरियोनिक पदार्थ से बने हैं।

यह पदार्थ परमाणुओं से मिलकर बना होता है। हर परमाणु में प्रोटॉन, न्यूट्रॉन और इलेक्ट्रॉन होते हैं। प्रोटॉन और न्यूट्रॉन के भीतर क्वार्क नाम के और भी छोटे कण मौजूद होते हैं।

यही छोटे-छोटे कण मिलकर हमारे आसपास की पूरी दुनिया बनाते हैं।

ब्रह्मांड की शुरुआत कैसे हुई?

वर्तमान वैज्ञानिक समझ के अनुसार, लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले महाविस्फोट (Big Bang) के साथ ब्रह्मांड की शुरुआत हुई।

उस समय पूरा ब्रह्मांड बेहद गर्म और सघन अवस्था में था। धीरे-धीरे इसका विस्तार हुआ और समय के साथ आकाशगंगाएँ, तारे, ग्रह और दूसरी खगोलीय संरचनाएँ बनने लगीं।

आज भी यह विस्तार जारी है और वैज्ञानिक मानते हैं कि इसमें डार्क एनर्जी की अहम भूमिका है।

एक नज़र में

घटक

अनुमानित भाग

डार्क एनर्जी

लगभग 68%

डार्क मैटर

लगभग 27%

सामान्य (बैरियोनिक) पदार्थ

लगभग 5%

यह खोज इतनी महत्वपूर्ण क्यों है?

कुछ दशक पहले तक वैज्ञानिकों का ध्यान मुख्य रूप से दिखाई देने वाले पदार्थ पर था।

लेकिन आधुनिक अंतरिक्ष मिशनों और शोधों ने यह स्पष्ट किया कि हमारी नज़र से ओझल हिस्सा ही ब्रह्मांड का सबसे बड़ा भाग है।

यही कारण है कि आज डार्क एनर्जी और डार्क मैटर पर दुनिया भर में लगातार शोध हो रहा है। इनके बारे में जितनी नई जानकारी मिलेगी, उतना ही हम ब्रह्मांड को बेहतर तरीके से समझ पाएँगे।

निष्कर्ष

ब्रह्मांड हमारी कल्पना से कहीं अधिक विशाल और रहस्यमय है। वर्तमान वैज्ञानिक मॉडल के अनुसार, इसका लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा डार्क एनर्जी, 27 प्रतिशत हिस्सा डार्क मैटर और केवल 5 प्रतिशत हिस्सा सामान्य पदार्थ से बना है।

यानी जो दुनिया हमें दिखाई देती है, वह पूरे ब्रह्मांड का सिर्फ एक छोटा-सा भाग है। बाकी हिस्सा अब भी वैज्ञानिकों के लिए एक पहेली बना हुआ है। आने वाले वर्षों में नए शोध और अंतरिक्ष मिशन इस रहस्य से जुड़े कई सवालों के जवाब दे सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. क्या ब्रह्मांड का ज़्यादातर हिस्सा दिखाई देता है?
नहीं। वैज्ञानिकों के अनुसार, लगभग 95 प्रतिशत ब्रह्मांड ऐसा है जिसे सीधे नहीं देखा जा सकता।

2. क्या इंसान डार्क मैटर से बने हैं?
नहीं। इंसान सामान्य (बैरियोनिक) पदार्थ से बने हैं, जो पूरे ब्रह्मांड का केवल लगभग 5 प्रतिशत हिस्सा है।

3. क्या डार्क मैटर और डार्क एनर्जी को देखा जा सकता है?
फिलहाल नहीं। वैज्ञानिक इनके प्रभावों का अध्ययन करके इनके अस्तित्व और गुणों को समझने की कोशिश करते हैं।

4. ब्रह्मांड की शुरुआत कब हुई थी?
वर्तमान वैज्ञानिक सिद्धांतों के अनुसार, लगभग 13.8 अरब वर्ष पहले महाविस्फोट (Big Bang) से।

5. क्या वैज्ञानिकों ने ब्रह्मांड के सभी रहस्य जान लिए हैं?
नहीं। डार्क एनर्जी और डार्क मैटर की वास्तविक प्रकृति अभी भी आधुनिक विज्ञान के सबसे बड़े अनसुलझे प्रश्नों में से एक है।

इसे भी पढ़ें: सौर मंडल में कितने प्रकार के ग्रह हैं?
स्रोत & Reference:

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हर लेख के ज़रिए विज्ञान और अंतरिक्ष की जटिल बातों को आसान भाषा में समझाने की कोशिश करती हूँ।
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Madan Singh is an education consultant and content writer with 8+ years of experience advising students, parents, and educational institutions on academic pathways, career planning, and learning strategies. He holds a Master's degree in Education Management from Delhi University, a background that grounds his writing in structured pedagogical thinking rather than generic career advice. His work spans college admissions guidance, career counselling, study abroad pathways, and competitive exam preparation, with a focus on both Indian and international education systems. He writes for CollegeDekho, Shiksha.com, and Collegedunia, where his articles are aimed at students and families making academic decisions. Over the course of his consulting practice, Madan has advised 150+ students on admissions, scholarship applications, and career planning. He has published 80+ articles across education platforms during this time, covering topics from exam strategy to international study options. Madan's approach is practice-first: his writing reflects the questions he actually gets from students and parents, not templated advice. He does not claim to cover every education topic — his focus stays on admissions, career planning, and study-abroad guidance, where his consulting experience directly applies.

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Updated on02/20/21

रचना। ब्रह्मांड लगभग पूरी तरह से डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और साधारण पदार्थ से बना है। अन्य सामग्री इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (ब्रह्मांड के कुल द्रव्यमान-ऊर्जा के 0.01% से करीब 0.01% तक बनने का अनुमान) और एंटीमैटर हैं।




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