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Educationबाज से सफलता के कौन से 3 गुण सीखें? जो आ...
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| Updated on March 12, 2026 | education

बाज से सफलता के कौन से 3 गुण सीखें? जो आपकी जिंदगी बदल दें

2 Answers
A

@abhinavkumar4574 | Posted on September 24, 2022

दोस्तों बाज यानी ईगल की जीवन से हम कई महत्वपूर्ण बातें अच्छे से सीख सकते हैं जिससे कि हम जीवन में सफल हो सकते। बाज (eagle) के जीवन से तीन ऐसे गुर सीखे जिससे कि हम सफलता हासिल कर सकते हैं।

Letsdiskuss

अपने लक्ष्य की बड़ी उड़ान भरना

दोस्तों बाज अपने जीवन काल में कभी भी किसी छोटे परिंदे के साथ नहीं उड़ता है। वह एक लंबी उड़ान उड़ने के लिए खुद ही आसमान मैं अकेले जाता है। 10,000 मीटर की ऊंचाई पर वह अकेले उड़ता है। बाज के इस हौसले से हम अकेले चलने की शिक्षा सीख सकते हैं। क्योंकि जीवन में हमें हमेशा आगे बढ़ने के लिए अकेले चलना पड़ता है।

कठिन ट्रेनिंग लेता है बाज जब वह बच्चा होता है

जी हां दोस्तों जब बाज उड़ना भी सीखा नहीं होता है तब उसकी मां मादा बाज उसे 10000 मीटर की ऊंचाई पर अपने पंजों से जकड़ कर ले जाती है। और उस ऊंचाई से बाज के बच्चे को छोड़ देती है। ‌ बाज का बच्चा तेजी से नीचे गिरता है‌‌। उसके पंख इतने मजबूत नहीं होते कि उसे खोल दें तो वह उड़ान भर के जमीन से टकराने से बच जाए लेकिन 10000 मीटर की ऊंचाई से गिरते गिरते जब वह 1000 मीटर की ऊंचाई पर होता है। तभी मादा बाज उसकी मां जो उसके ठीक ऊपर उड़ रही होती है, उसे फिर पंजों से दबोच लेती है फिर उसे 10000 मीटर की ऊंचाई तक ले जा ती है , इससे बाज सीखता है। हवा से नीचे गिरते हुए अपने अकेले अनुभव से वह बच्चा बाज धीरे-धीरे उड़ने लगता है।

दोबारा वह आसमान में जब उड़ता है तो अकेले 10000 मीटर की ऊंचाई पर और जीवनभर वह अकेले ही उड़ता है। इस तरह से हम सीख सकते हैं, बाज के जीवन से कि हमें भी कठिन से कठिन परिश्रम करके अपने आप को ट्रेंड करना है, तभी सफलता मिल सकती है।

कठिन हालात में खुद को रिसेट करना

दोस्तों कठिन परिस्थितियों में बाज खुद को रिसेट आसानी से कर लेता है।

जब वह 40 साल की उम्र में उसके तीन अंग काम करना बंद कर देता है।

उसकी छूट छूट जाते जिससे कि वह किसी काम का नहीं रहता है।

इस उम्र में पहुंचते-पहुंचते उसके पंख पड़े लचीली और भारी हो जाते हैं जिससे वह बड़ी उड़ान नहीं भर पाता।

उसके पंजे लचीले हो जाते जिससे शिकार को पकड़ने पर पकड़ नहीं बनती है।

अब उसे इसे नया बनाने के लिए एक बड़ा फैसला लेना होता है। अगर ऐसा हुआ नहीं करेगा तो बात 70 साल शानदार जीवन नहीं जी पाएगा। खुद को रिसेट करने के लिए पहाड़ी पर पहुंच जाता है। वहां एकांत में रहता है। अपनी मुड़ी हुई चोंच को तोड़ देता है।‌और कुछ ही दिनों में इसके नया चोंच उग आता है। जो शानदार और बेहतरीन होता है।

इसके बाद वह अपने पंजे को भी तोड़ देता है, कुछ दिनों में नए पंजे जग जाते हैं, जो पहले से ज्यादा मजबूत और घातक होता है। वे अपने पंखों को भी नोच देता है फिर उसके बाद नए पंख उग जाते हैं, जो एक लंबी उड़ान भरने के लिए होता है।

लेकिन इस सब चीज में उसे असहनीय दर्द होता है लेकिन वह इस दर्द को बाज सह कर अपने आप को पुनर्स्थापित कर लेता है।

इसी तरह इंसान को भी बाज की तरह खुद को पुनर्स्थापित होने की सीख सीखना चाहिए। हमारे जीवन में ऐसे मुकाम आते हैं जब हम हार मान लेते हैं तब वह वक्त आता जब हमें कष्ट से मेहनत करके खुद को रिसेट बाज की तरह करना है और सफलता मंजिल को हासिल करना है।

और पढ़े- आप अपना पूरा जीवन कैसे गुजारना चाहते हैं?

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@rameshkumar7346 | Posted on March 12, 2026

पक्षीराज बाज (Eagle) को आकाश का राजा कहा जाता है, और इसके जीवन जीने का तरीका हम मनुष्यों के लिए सफलता का एक बेहतरीन रोडमैप है। यदि हम बाज के जीवन से प्रेरणा लें, तो हम न केवल अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन की बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना भी निडरता से कर सकते हैं।

बाज के जीवन से सीखने योग्य 3 प्रमुख गुण:

  1. स्पष्ट दृष्टि (Vision): बाज की नजर बहुत तेज होती है। वह आकाश में 5 किलोमीटर की ऊंचाई से भी अपने शिकार को देख सकता है। सफलता का पहला मंत्र यही है कि आपका लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट होना चाहिए। जब आप अपना लक्ष्य तय कर लें, तो रास्ते में आने वाली बाधाओं पर नहीं, बल्कि केवल अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखें।
  2. तूफानों का स्वागत करना (Embrace Challenges): जहाँ अन्य पक्षी बारिश और तूफान आने पर छिपने की जगह ढूंढते हैं, वहीं बाज तूफान का आनंद लेता है। वह तूफानी हवाओं का उपयोग खुद को और ऊपर उठाने के लिए करता है। सफल व्यक्ति भी समस्याओं से डरते नहीं, बल्कि उन्हें आगे बढ़ने के अवसर (Opportunity) के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
  3. पुरानी आदतों को त्यागना (Rebirth and Change): जब बाज बूढ़ा होने लगता है और उसके पंख भारी हो जाते हैं, तो वह एक दर्दनाक प्रक्रिया से गुजरता है। वह अपनी चोंच और पंखों को पत्थर पर मारकर तोड़ देता है ताकि नए पंख आ सकें। यह हमें सिखाता है कि सफलता के लिए पुराने ढर्रे, बुरी आदतों और 'कम्फर्ट जोन' को छोड़कर खुद को रीसेट (Reset) करना बहुत जरूरी है।
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