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Sks Jain· 5 years ago
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अगर आपको 1 दिन के लिए प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो आप क्या-क्या करेंगे?

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मुझे एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बना दिया जाये तो मै देश मे हो रहे अत्याचारो, शोषण, अपराधों को कम करवाने कोशिश करुँगी। हमारे देश मे लड़कियो घरों निकलना बंद हो गया है, क्योंकि हमारे देश लड़कियो के साथ रोजाना अत्याचार, बलत्कार हो रहे है उन दरीदो को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाउंगी ताकि देश हो रहे बलत्कार जैसी घटनाये कम हो किसी लड़की साथ ऐसा करने कोई दरीदा सोचेगा भी नहीं।

इसके अलावा हर एक गांव मे शिक्षा के लिए स्कूले खोलवाउंगी ताकि गरीब बच्चे अच्छे से पढ़ाई कर सके और उन बच्चो की स्कूल से लेकर कोचिंग तक फीस निशुल्क रहेगी क्योंकि कुछ बच्चे पढ़ना चाहते लेकिन उनके पास पैसे नहीं होते उनके सपने अधूरे रह जाते है, मै उन बच्चो का सपना पूरा करने के लिए अपना पूरा सहयोग करुँगी।

Letsdiskuss

 

और पढे- भारत में अब तक कितने प्रधानमंत्री बने हैं?

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S
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Mp

Updated on11/18/25
11

सबसे पहले तो मेरे लिए बहुत ही गौरव की बात होगी कि मुझे एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बनाया जाएगा। क्योंकि प्रधानमंत्री बनना कोई बच्चों का खेल नहीं है। आप जानना चाहते हैं कि यदि मुझे एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो मैं कौन-कौन से बदलाव कर सकती हूं। तो मैं आपको बता दूं कि जब 72 वर्षों में 14 प्रधानमंत्री बन चुके हैं तो कुछ खास बदलाव नहीं कर पाए हैं। तो अब भला एक दिन के प्रधानमंत्री बनने में क्या बदलाव कर सकते हैं हम। लेकिन मैं कोशिश करूंगी की जो भी मेरे से हो पाएगा मैं बदलाव करने की कोशिश करूंगी जैसे कि हमारे देश में बेटियों के साथ दुष्कर्म किया जा रहे हैं उन्हें रोकने की कोशिश करूंगी, गरीब बच्चों को पढ़ाई के लिए मुफ्त में शासकीय विद्यालय खुलवाऊंगी, इस प्रकार ऐसे छोटे-मोटे और बदलाव करने की कोशिश कर सकती हूं। इसके अलावा गरीबों को मुफ्त में अनाज बटवाऊंगी।

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A
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Answered on11/15/23
7

अगर मुझे एक दिन के लिए अपने देश का प्रधानमंत्री बना दिया जाए तो मैं से पहले अपने देश की शिक्षा प्रणाली को सुधारू,क्योंकि ज़ब पढ़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया ! अपने देश के पढ़े लिखे युवकों के लिए नए रोजगार को चालू करना !

- देश के किसानों के लिए अनेक प्रकार की सुविधा दी जानी चाहिए - जैसे खेती करने के लिए साधन का होना, खाद बीज सस्ता होना, किसानों का अनाज मंडी में सही दाम में बिकना आदि!

- अपने देश के विकास के लिए नई नई योजनाएं निकालना ! महिलाओं को घर बैठे रोजगार प्रदान करना ! बच्चों को मुफ्त में शिक्षा प्रदान करना !

- अपने देश में हो रहे अधिक अपराधों को रोकने के लिए कड़े से कड़े कानून को लागू करना!

- देश में धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करना !

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preeti  patel
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Updated on11/18/25
7

हम सब जानते हैं कि 72 साल से 14 प्रधानमंत्री हमारे देश को चला रहे हैं हर 5 साल में प्रधानमंत्री को बदला जाता है। तो जब 72 साल में हमारे देश का विकास नहीं हो पाया तो हम 1 दिन में देश को खाक बदल पाएंगे। लेकिन फिर भी मैं कोशिश करूंगी कि मैं अपने देश को बदल सके। सबसे पहले मैं अपने देश में हो रहे अपराधों को कम करने की कोशिश करूंगी और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने की कोशिश करूंगी। और गांव में शिक्षण के लिए स्कूल और कॉलेजों का प्रबंध करने की कोशिश करूंगी। गांव में कोचिंग सेंटर खोलने और उन्हें मुफ्त में पढ़ाई की व्यवस्था करुँगी। जिससे हमारे देश की बेटियां पढ़ लिख कर उज्जवल भविष्य की कामना कर सके। और किसानों को मुफ्त में खाद बीज देने का प्रबंध करूंगी।

Letsdiskuss

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Krishna Patel
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Updated on11/18/25
7

यदि मुझे एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बना दिया जाएगा तो मैं ऐसे कार्यों को करूंगा जिससे देश का कल्याण होगा। हमारे देश में लड़कियों के साथ बलात्कार जैसे घिनौने अपराध होते हैं तो इस समस्या के समाधान के लिए मै देश के सभी विद्यालयों में लड़कियों के लिए निशुल्क कराटे की कक्षाओं का आरंभ करूंगा। इसके साथ ही जो कुछ लोग जबरन लोगों का धर्म परिवर्तन करते हैं उन्हें मै कड़ी सजा दिलाऊंगा। भ्रष्टाचार को खत्म करने में अपना महत्वपूर्ण सहयोग दूंगा।

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Arjun KumarSociety & Culture Explorer
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I am a student and I love art study

Updated on11/18/25
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यह तो सबको पता है कि हमारे देश के 14 प्रधानमंत्री आज तक कितना बदलाव लाए हैं, तो इस हिसाब से 1 दिन में कोई प्रधानमंत्री बनकर देश में क्या खास बदलाव ला पाएगा, लेकिन एक दिन मैं भी अपना भला तो बहुत अच्छे से किया जा सकता है। मुझे ऐसा लगता है, 1 दिन के प्रधानमंत्री बनने मैं कोई खास बड़ा बदलाव आपायेगा वैसे जब सबको पता होगा कि यह 1 दिन का प्रधानमंत्री है तो कोई ज्यादा सुनेगा भी नहीं, तब भी मैं कोशिश जरूर करता। हमारे देश की शिक्षा व्यवस्था खराब है और इसलिए हमारे यहां कोचिंग के जरिये पैसा कमाने का लोगों का संस्थान हैं । मैं सबसे पहले भारत में सभी बड़ी कोचिंग संस्थानों के टीचरों को बुलाता और 20-20 लोगों के एक टीम तैयार करता। और उनसे भारत के लिए एक शिक्षा व्यवस्था बनाने का आदेश देता वरना उनकी कोचिंग का लाइसेंस रद्द कर देता। मुझे उम्मीद है कि भारत की एक अच्छी शिक्षण व्यवस्था लागू होगी और जैसा कि हम जानते हैं, यदि शिक्षण सही है तो सारे काम अपने आप सही होने लगेंगे और बेरोजगारों के लिए आरक्षण समाप्त कराता। लोगों के लिए ज्यादा से ज्यादा नौकरियां निकालता, किसानों के लिए कर्ज माफी के जगह नई तकनीकी उपलब्ध कराता , कम कीमतों पर या फ्री में कृषि उपकरण, खाद,बीज उपलब्ध कराता।

सरकारी कर्मचारियों को फिक्स टारगेट देता, पुलिस वालों को फौजी जैसी ट्रेनिंग दिलाता, भिखारियों को भीख देने के बजाय उन्हें रोजगार प्रदान कराता जिससे देश में कोई भिकारी नहीं होता। नेताओं के लिए कम से कम मीटिंग रखता और ज्यादा से ज्यादा काम देता और सड़क दुर्घटना होने पर सहायता करने की बजाये वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करता इत्यादि।

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R
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I love study

Updated on11/18/25
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  1. 1 दिन के लिए देश का प्रधानमंत्री बनना मेरे लिए बहुत ही गौरव की बात होगी। इस 1 दिन में मै अपना काम पूरी जिम्मेदारी, इमानदारी व समर्पण से निभाने की कोशिश करूंगा। मैं सबसे पहले देश में मौजूद ऐसे लोगों को सजा दिलाऊंगा जो देश में रहकर, देश का खाकर देश के ही विरोध में बोलते हैं। और अक्सर आम जनता को देश के खिलाफ भड़काने की कोशिश करते हैं।
  2. हमारे देश की शिक्षा प्रणाली वैसे तो काफी अच्छी है पर इसमें कहीं ना कहीं वेदो और ग्रंथों की शिक्षा का अभाव है। तो मैं वेदो औऱ ग्रंथो की शिक्षा को देश की शिक्षा प्रणाली में सम्मिलित करूंगा। ऐसा करने के पीछे मेरा उद्देश्य यह है कि वर्तमान समय में हम पश्चिमी संस्कृति को बहुत ही तेजी से अपना रहे हैं। परंतु कहीं ना कहीं हम अपने प्राचीन ज्ञान को भूल रहे हैं। हमारे प्राचीन वेदो और पुराणों में अपार ज्ञान मौजूद है। जो हमें जीवन के वास्तविक सत्य से अवगत कराता है।
  3. मैं समाज में सब को एक समान अधिकार प्रदान करूंगा। और वेद और पुराण के ज्ञान से सबको अवगत कराऊंगा। साथ ही गरीब लोगों के हक में कार्य करूंगा।
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Virat Kumar Social Buzz Reporter
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I am a student.

Updated on11/18/25
7
पश्चिमी रोट आधारित शिक्षण पद्धति के बजाय हिंदू शिक्षण परंपरा का पुनरुद्धार जो समझने से पहले जानकारी को प्राथमिकता देता है। पाठ्यक्रम के साथ शैक्षिक संरचना का पूर्ण पुनर्गठन। कम स्कूल समय, कोई गृहकार्य नहीं और स्कूल परिसर के बाहर अधिक अध्ययन।
 
मेरे सांसदों और विधायकों के लिए अनिवार्य राजनीति और भू-राजनीति की डिग्री ताकि अशिक्षित राजनेताओं को देश लूटने की गुंजाइश न मिले।
 
पर्यटन स्थलों का विकास। मलिन बस्तियों को पर्यटन स्थलों से बाहर ले जाना। शहरों का पुनर्गठन करें ताकि पर्यटक केवल भारत के समृद्ध पक्ष को ही देख सकें। (राजनीतिक रूप से गलत है, लेकिन इस तरह आप भारत की छवि को सुधार सकते हैं। आप असहमत हो सकते हैं)।
 
अंतर्राष्ट्रीय समाचार, जीवन शैली और शो चैनलों के माध्यम से भारत की छवि बदल रही है। दुनिया को भारत का उज्जवल और बेहतर पक्ष, हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म की पुरानी परंपराओं को दिखाना। भारतीय मुसलमानों की परंपराएं।
एनएचएल वर्ल्ड, जापान से प्रेरणा लेकर चैनलों के दूरदर्शन परिवार का आधुनिकीकरण करें। बेहतर उत्पादन गुणवत्ता: ध्वनिकी, छायांकन, कैमरे। अधिक राष्ट्रवादी शो। वैज्ञानिक खोजों पर अधिक एकाग्रता।
 
स्टार्ट अप बनाने के लिए प्रोत्साहन। उनकी मदद करने के लिए नीतियां। ऋण और सामान। भारत में स्टार्ट अप इकोसिस्टम काफी खराब है।
 
अगले 10 वर्षों के लिए स्टार्ट अप के लिए कोई और कर नहीं।
 
ओलिंपिक खेलों जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए उभरते खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए जमीनी स्तर के खेल संस्थानों के लिए अनुदान। यह बदले में भारत के लोगों के मनोबल को बढ़ाता है और दुनिया भर में भारत की छवि में सुधार करता है।
 
पूरे भारत में मुस्लिम तुष्टीकरण को कम करो।
 
सोने के आयात से ज्यादा शैक्षणिक संस्थानों को फंडिंग।
 
दशकों तक चलने वाली उच्च गुणवत्ता वाली अधिक सड़कों के निर्माण पर जोर।
 
नागरिकों के लिए सख्त नियम। सड़कों पर कचरा फेंकने, कारों का हॉर्न बजाने, अवैध पार्किंग, तेज गति से वाहन चलाने पर जुर्माना। भारत ऐसी चीजों पर बहुत ढीला है।
 
इसरो को और बजट।अवधि।
 
एक और राजनीतिक रूप से गलत कार्रवाई: आईआईटी, एम्स और अन्य सब्सिडी वाले सरकारी छात्रों में पढ़ने वाले छात्रों को बनाओ। संस्थान एक समझौते पर हस्ताक्षर करते हैं: ऐसे संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र बहुराष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी नहीं कर सकते हैं और स्नातक होने के बाद पहले 10 वर्षों के लिए भारत से बाहर जा सकते हैं।
 
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अगर मुझे एक दिन के लिए प्रधानमंत्री बनने का मौका मिले, तो मैं कुछ ऐसे फैसलों पर ध्यान दूंगी जो समाज में तुरंत सकारात्मक बदलाव ला सकें।

सबसे पहले मैं लड़कियों की शिक्षा को मजबूत करने के लिए काम करूंगी, ताकि हर लड़की को बराबरी से पढ़ने और आगे बढ़ने का मौका मिले।

इसके साथ ही मैं लड़कों और लड़कियों के लिए कानूनों को समान और न्यायपूर्ण बनाने पर जोर दूंगी, ताकि किसी के साथ भी भेदभाव न हो और सभी को बराबर अधिकार मिलें।

मैं देश में नई तकनीकों को लागू करने पर भी ध्यान दूंगी, जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म, AI और स्मार्ट सिस्टम, ताकि सरकारी कामकाज तेज और पारदर्शी हो सके।

साथ ही, मैं ऐसी व्यवस्था बनाऊंगी जिससे सरकारी जानकारी और जरूरी अपडेट लोगों तक जल्दी और आसानी से पहुंच सके, जैसे मोबाइल ऐप, मैसेज और ऑनलाइन सेवाओं के जरिए।

मेरा उद्देश्य होगा कि शिक्षा, समानता और तकनीक के माध्यम से देश को बेहतर दिशा दी जा सके।

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Pari DeshmukhReporting what matters — with 12 years of ground-level journalism behind every story.
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Pari Deshmukh is a journalist with over 12 years of experience covering current affairs across print and digital media in India. She holds a Master's degree in Journalism and Mass Communication from Pune University, bringing both academic grounding and extensive field experience to her reporting. Over her career, Pari has reported on national politics, policy developments, social issues, and breaking news events across India. Her work has appeared on platforms including The Print, Scroll.in, and Hindustan Times Digital, where she has built a reputation for factual, balanced, and timely reporting on stories that shape public discourse. With 12+ years in the field, she has covered major national events, conducted ground-level investigations, and interviewed policymakers, civil society leaders, and public figures. Her journalism is driven by one standard — verified facts reported without distortion, regardless of the pressure or pace of the news cycle. She has participated in press panels at the Ramnath Goenka Excellence in Journalism Awards and is a member of the Press Club of India. Her reporting continues to serve readers who need current affairs coverage they can trust.

Answered on03/21/26
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