S
Supriya sunariya· 5 साल पहले
लेखक

अगर आप शिक्षा मंत्री होते तो क्या करते ?

19
741

इस बातचीत में शामिल हों

क्रमबद्ध करें
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/22/23

यदि मैं अपने भारत देश की शिक्षा मंत्री होती तो अपने देश के लोगों को अनपढ़ नहीं रहने देती, सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक करवाती।क्योंकि आज के समय मे शिक्षा बिकाऊ बन चुकी है। सरकारी स्कूलो मे शिक्षक बच्चो क़ो अच्छी शिक्षा नहीं देते है, उन्हें सिर्फ आपने वेतन से मतलब रहता है, जिस कारण से गरीब परिवार के बच्चे अशिक्षित है,यदि मै इस देश की शिक्षा मंत्री होती है।शिक्षा मंत्री होती तो जो स्कूल कॉलगे मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे है उन पर कार्यवाही करती तथा कम फीस का निर्धारण करती ताकि हर बच्चा बिना किसी रोक के पढ़ पता। लेकिन आज के समय की शिक्षा मंत्री बिल्कुल बिकाऊ है। जो लोग बड़े पैसे वाले होते हैं वह अपने बच्चों को पैसा देकर पास करवा देते हैं और गरीबों को फेल कर दिया जाता है।

लेख की तस्वीर

Aanya  Singh
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
8
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया06/21/23

यदि मै देश की शिक्षा मंत्री होती तो शिक्षा प्रणाली मे सुधार करने का प्रयास करती। हमारे देश मे गरीब और अमीर बच्चो क़ो शिक्षा मे भेदभाव किया जाता है, इस बात पर मै जरूर कार्यवाही करती गरीबो के बच्चों क़ो पढ़ने का अधिकार बराबर होना चाहिए क्योंकि वह गरीब है इसलिए उन्हें अच्छी शिक्षा नहीं दी जाती है लेकिन ये बिल्कुल गलत है, सभी वर्गो के लोगो क़ो शिक्षा बराबर मिलनी चाहिए।लेख की तस्वीर

M
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
8
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया06/19/23

यदि मै इस देश की शिक्षा मंत्री होती तो सबसे पहले शिक्षा प्रणाली मे सुधार करती, क्योंकि आज के समय मे शिक्षा बिकाऊ बन चुकी है। सरकारी स्कूलो मे शिक्षक बच्चो क़ो अच्छी शिक्षा नहीं देते है, उन्हें सिर्फ आपने वेतन से मतलब रहता है, जिस कारण से गरीब परिवार के बच्चे अशिक्षित है,यदि मै इस देश की शिक्षा मंत्री होती है तो ऐसे शिक्षिको की नौकरी से निकलवा देती, क्योंकि देश क़ो अच्छे शिक्षक की जरूरत है ताकि वह देश के हर बच्चे क़ो अच्छी शिक्षा दिला सके,हमारे देश क़ो ऐसे गद्दार शिक्षक की जरूरत नहीं है।

लेख की तस्वीर

S
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें

Mp

8
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया12/15/21

यदि मैं शिक्षा मंत्री होती तो आज की शिक्षा को अधिक से अधिक सरल बनाने की कोशिश करती है। क्योंकि आज हमारे देश में एम ए, और एमएससी जैसे डिग्री के लिए अधिक से अधिक पैसा खर्च करने के बाद भी हमें कोई नौकरी नहीं मिलती है। और हमारी वर्षों की तपस्या पानी में चली जाती है। जिससे लोग अपने घर को चलाने के लिए गलत काम को करने के लिए मजबूर हो जाते हैं। इसलिए मैं हालात को देखते हुए अपने देश की शिक्षा को निशुल्क कराने की कोशिश करती। और शिक्षा के माध्यम से लोगों को बागवानी, सिलाई सेंटर, कोचिंग सेंटर, फोटोग्राफी, चित्रकला आदि को खोलने का मौका देती। क्योंकि हमारे देश के शिक्षा का पूरा बोझ शिक्षा मंत्री के ऊपर होता है। और मैं सभी पढ़ रहे बच्चों को छात्रवृत्ति प्रदान करने की कोशिश करती है।Letsdiskuss

इसे भी पढ़ें :- क्या हमारी शिक्षा प्रणाली लोकतंत्र का समर्थन करने के लिए पर्याप्त है?

Krishna Patel
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
9
जवाब दिया गया09/22/23

यदि गलती से हरतालिका तीज का व्रत टूट जाये इन उपायों को अपनाये -

•यदि हरतालिका तीज का व्रत गलती से टूट जाये तों सबसे पहले आप भगवान से क्षमायाचना करें और भगवान जाने-अनजाने में भक्तों की गलतियां जरूर माफ कर देते हैं।

•हरतालिका तीज का व्रत बहुत ही कठिन होता है, ऐसे में किसी कारणवश परिस्थिति मे महिला व्रत रखने में असमर्थ हो जाती है या फिर महिला का व्रत टूट जाता है,तो उनके पति भी पत्नी के बदले हरतालिका तीज का व्रत रख सकते हैं।

•यदि महिलाए हरतालिका तीज पर व्रती गलती से कुछ खा या पी लेती है तो इससे व्रत दोष पति को लगता है और व्रत दोष दूर करने के लिए महिलाएं देवी-देवता की मूर्ति बना सकती है और इन्हें पंचामृत से स्नान करवाने क़े बाद मूर्ति पर अक्षत, फल,फूल चढ़ाये और देवी -देवताओ से माफ़ी मांगे और फिर पूरी विधि-विधान क़े साथ पूजा करें।Letsdiskuss

और पढ़े- प्रतिवर्ष भाद्रा शुक्ल की त्रतीया को मनाया जाने वाला हरितालिका तीज व्रत केसे मनाया जाता हैं?

M
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
16
1
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/22/21

शिक्षा एक ऐसा शब्द है जिससे हर कोई परिचित है। पहले के जमाने के लोग शिक्षित नही होने के कारण से बहोत सारे पाप करते थे जो उन्हे नही करना चाहिए जेसे बाल-विवाह , कन्या भ्रूण हत्या, दहेज प्रथा, मार पिट, घरेलू हिंसा ये सब अशिक्षित होने की निशानी है। परंतु आज ऐसा नही है। अगर आज मे शिक्षा मंत्री होती तो मे हर व्यक्ति के लिए शिक्षा जरूरी कर देती क्यूकि शिक्षित व्यक्ति अच्छे देश की नीव होता है। बलिकाओ के लिए निशुल्क शिक्षा। उनकी रुचि के अनुसार पाठ्यक्रम ले पाना। तथा हर गाँव मे शिक्षा के नई नई नीतिया बनना जिससे बच्चों के माता पिता को बच्चों को पढ़ाने मे जागरूकता आये। हर व्यक्ति का अधिकार है शिक्षा और एक शिक्षा मंत्री की यह जिम्मेदारी है की वह देश मे ऐसी शिक्षा नीति रखे जो सिर्फ अमीर लोगो के लिए ही नही अपितु हर व्यक्ति के लिए हो। आज मे अगर शिक्षा मंत्री होती तो जो स्कूल कॉलगे मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे है उन पर कार्यवाही करती तथा कम फीस का निर्धारण करती ताकि हर बच्चा बिना किसी रोक के पढ़ पता।

लेख की तस्वीर

komal Solanki
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें

🔍 Seeking answers & sharing perspectives 🌍 Turning thoughts into meaningful blogs

9
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/22/21

यदि आज मैं शिक्षामंत्री होती तो सबसे पहले अपने देश की शिक्षा नीति को आगे रखती जिसके कारण सभी लोग शिक्षित होते और अपने देश मे एक बदलाव लाते जिसके कारण आज हमारा देश नई टेक्नोलॉजी का उपयोग करके सभी देशो से आगे रहता और हमारी आर्थिक स्थिति अच्छी होती! हमारे देश में स्कूल ही नहीं बल्कि अनेक प्रकार के शिक्षा के बारे में भी जानकारी दी जाती जैसे डांस,चित्रकला, संगीत, फोटोग्राफी, सिलाई,एंड बागवानी को भी मैं शिक्षा मे स्थान देती । गरीब छात्रों के लिए मैं छात्रवृत्तियों की व्यवस्था करती मेरा यह मानना है कि किसी भी देश की विकास का आधार उस देश की शिक्षा नीति होती है। यदि किसी देश के निवासी अशिक्षित हैं तो उस देश का कम विकास होगा यदि मैं शिक्षा मंत्री होती तो मेरा सबसे पहला कदम हर एक बच्चे को शिक्षित करना होता इसलिए एक देश के शिक्षा मंत्री को अपने देश के भविष्य के लिए सभी लोगों को शिक्षा दिलाना चाहिए.

लेख की तस्वीर

preeti  patel
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
9