जब सूर्य ग्रहण होता है तो उसे हम खुली आँखो से क्यों नहीं देख सकते तथा सूर्य ग्रहण को देखने के लिए क्या उपाए करने चाहिए ?
जब सूर्य ग्रहण होता है तो उस समय का नजारा बहुत ही अलौकिक होता है। तथा जब सूर्य ग्रहण होता है तो हम उसे नंगी आंखों से नहीं देख सकते हैं क्योंकि सूर्य ग्रहण पर मून फुल मून की तुलना में 400000 गुना ज्यादा चमकदार होता है जो सीधा हमारी आंखों को प्रभावित करता है तथा सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य से हानिकारक विकिरण निकलती है जिस वजह से आंखों को नुकसान पहुंचता है जिससे हमारी आंखें खराब भी हो सकती हैं सूर्य ग्रहण को हम नॉर्मल चश्मा पहन कर भी नहीं देख सकते हैं।
यहां पर हम आपको बताएंगे कि आप सूर्य ग्रहण को देखने के लिए कौन से उपाय अपना सकते हैं।
सूर्य ग्रहण को देखने के लिए आप सोलर व्यूइंग, सोलर फिल्टर, और एक्स-रे की सहायता से देख सकते हैं।
जब Solar Eclipse होता है, तब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आ जाता है और सूर्य का कुछ या पूरा हिस्सा ढक जाता है। इसी वजह से यह एक बहुत ही खास और दुर्लभ खगोलीय घटना मानी जाती है। लेकिन इसे खुली आंखों से सीधे देखना बहुत खतरनाक होता है।
सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य से निकलने वाली तेज किरणों में अल्ट्रावायलेट (UV) और इंफ्रारेड रेडिएशन होती हैं। सामान्य स्थिति में भी हम सूर्य को सीधे नहीं देखते, लेकिन ग्रहण के समय जब रोशनी थोड़ी कम हो जाती है, तब लोग गलती से सीधे सूर्य की ओर देख लेते हैं। यह आंखों की रेटिना (Retina) को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे हमेशा के लिए दृष्टि कमजोर या खत्म भी हो सकती है। इस स्थिति को “Eclipse Blindness” भी कहा जाता है।
इसलिए सूर्य ग्रहण को देखने के लिए सुरक्षित तरीकों का इस्तेमाल करना जरूरी होता है।
सबसे सुरक्षित तरीका है सोलर फिल्टर ग्लास (Solar Eclipse Glasses) का उपयोग करना। ये खास प्रकार के चश्मे होते हैं जो हानिकारक किरणों को रोकते हैं और सिर्फ सुरक्षित रोशनी को देखने देते हैं।
दूसरा तरीका है पिनहोल प्रोजेक्टर (Pinhole Projector)। इसमें एक छोटे छेद से सूर्य की छवि दीवार या सफेद कागज पर बनाई जाती है। इससे आप बिना सीधे सूर्य को देखे ग्रहण का दृश्य देख सकते हैं।
इसके अलावा कुछ खास सोलर टेलीस्कोप या फिल्टर लगे कैमरे भी उपयोग किए जा सकते हैं, लेकिन इनमें भी सही सुरक्षा फिल्टर होना जरूरी है।
कभी भी साधारण चश्मे, मोबाइल कैमरा, एक्स-रे फिल्म या धूप का चश्मा (sunglasses) लगाकर सूर्य ग्रहण नहीं देखना चाहिए, क्योंकि ये आंखों को पूरी तरह सुरक्षित नहीं रखते।
India जैसे देशों में लोग अक्सर ग्रहण के समय धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टिकोण से सावधानी बरतते हैं।
अगर आसान भाषा में समझें तो सूर्य ग्रहण को खुली आंखों से इसलिए नहीं देखना चाहिए क्योंकि सूर्य की तेज किरणें आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसे सुरक्षित तरीके से देखने के लिए सोलर चश्मा या प्रोजेक्शन तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि आंखें पूरी तरह सुरक्षित रहें और हम इस अद्भुत खगोलीय घटना का आनंद भी ले सकें।