दोनों बराबर हैं। यह मान्यता कि ब्राउन अंडे ज़्यादा पौष्टिक होते हैं, एक मशहूर भ्रम है।
रंग किससे तय होता है?
USDA के अनुसार अंडे के छिलके का रंग मुर्गी की नस्ल पर निर्भर करता है, उसके पोषण पर नहीं। लेगहॉर्न, व्हाइट रॉक और कॉर्निश मुर्गियाँ सफ़ेद अंडे देती हैं, जबकि रोड आइलैंड रेड, न्यू हैम्पशायर और प्लिमथ रॉक भूरे अंडे देती हैं। यह रंग प्रोटोपोर्फ़िरिन IX नाम के एक पिगमेंट से आता है, जो अंडा बनते समय मुर्गी की नली में छिलके पर जमा होता है। यानी रंग सिर्फ़ ऊपर की परत की बात है। सभी अंडों के छिलके शुरू में सफ़ेद ही होते हैं, और नस्ल के हिसाब से उन पर भूरा रंग चढ़ता है।
पोषण में क्या फ़र्क़ है?
USDA के मुताबिक़ सफ़ेद और भूरे अंडों के पोषक तत्वों में कोई ख़ास फ़र्क़ नहीं है। कैलोरी, फ़ैट और प्रोटीन दोनों में एक जैसे हैं।
हाँ, कुछ अध्ययनों में बहुत मामूली अंतर मिला है। 2013 के नॉर्थ कैरोलाइना स्टेट यूनिवर्सिटी के अध्ययन में भूरे अंडों में विटामिन E थोड़ा ज़्यादा था, जबकि सफ़ेद अंडों में विटामिन A ज़्यादा और संतृप्त फ़ैट मामूली रूप से ज़्यादा। पर ये अंतर इतने छोटे हैं कि रोज़मर्रा की सेहत पर कोई असर नहीं डालते। एक और बात: भूरे अंडे अक्सर थोड़े बड़े होते हैं, और बड़े अंडे में सिर्फ़ आकार की वजह से पोषक तत्व थोड़े ज़्यादा होते हैं।
तो फिर फ़र्क़ किस चीज़ से पड़ता है?
असली फ़र्क़ मुर्गी के खान-पान और रहन-सहन से पड़ता है। ताज़गी, मुर्गी का चारा और पकाने का तरीक़ा स्वाद पर छिलके के रंग से कहीं ज़्यादा असर डालते हैं। मुर्गी के चारे में विटामिन D मिलाने पर अंडों में भी उसका असर दिखा है। यानी अंडा चुनते समय रंग की जगह ताज़गी और स्रोत देखिए।
ब्राउन अंडे महँगे क्यों होते हैं?
भूरे अंडे देने वाली मुर्गियाँ आमतौर पर बड़ी होती हैं और उन्हें ज़्यादा चारा और ऊर्जा चाहिए, इसलिए उनकी लागत बढ़ जाती है। यानी क़ीमत पालन-पोषण के ख़र्च की वजह से है, बेहतर पोषण की वजह से नहीं। हालाँकि एक स्रोत कहता है कि सामान्य सफ़ेद और भूरे अंडों के दाम में असल में कोई फ़र्क़ नहीं होता, और "स्पेशल" अंडों की वजह से ऐसा लगता है। यह बाज़ार और जगह पर निर्भर करता है।
मेरी राय
भूरा बनाम सफ़ेद चुनने में पैसे मत ख़र्चिए। जो ताज़ा हो और जिसकी क़ीमत ठीक लगे, वही लीजिए।
"देसी" या "फ़ार्म" वाले अंडों पर आँख मूँदकर भरोसा न करें। यह मेरी अपनी जानकारी है, सर्च में भारतीय संदर्भ का अलग स्रोत नहीं मिला। देसी अंडे अक्सर भूरे होते हैं, पर पोषण मुर्गी के चारे और पालन पर निर्भर है, रंग पर नहीं। जैसा एक स्रोत कहता है, जहाँ मुर्गियाँ खुली घूमती हैं और विविध चारा खाती हैं, वहाँ के अंडों की पोषण प्रोफ़ाइल अक्सर बेहतर होती है, चाहे छिलके का रंग कुछ भी हो।
अंडा ख़रीदते समय एक्सपायरी या पैकिंग की तारीख़ देखिए और टूटे हुए छिलके वाला अंडा न लीजिए।
निष्कर्ष
सफ़ेद और भूरे अंडे सेहत के लिहाज़ से लगभग बराबर हैं। बाक़ी सब पसंद, बजट और उपलब्धता की बात है।


