Krishna Patel
Krishna Patel· 4 साल पहले
लेखक

मानव शरीर के किस हिस्से पर पसीना नहीं आता है?

26
247

इस बातचीत में शामिल हों

क्रमबद्ध करें
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/22/23

गर्मियों के दिनों में पसीना निकलना आम बात है। और शरीर के लिए अच्छा भी माना जाता है।मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि शरीर के गर्म होने पर पानी निकलता है।इसके बाद शरीर को गर्मी लगती है और गर्मी के दिनों में पसीना का आंख और पेट से ज्यादा निकलता है.।शरीर का एक ऐसा अंग है जहां से पसीना नहीं निकलता है आपने यह गौर भी किया होगा होंठ से पसीना नहीं निकलता है.। तो आज मैं आपको बताऊंगी कि होंठ पसीना क्यों नहीं निकलता।होठों में पसीने की ग्रंथि नहीं होती है इसलिए होठों से पसीना नहीं निकलता है।शरीर के दूसरे हिस्से की तुलना में होंठो से पसीना जल्दी नहीं निकलता है। होंठ इंसान की सबसे खूबसूरत हिस्सों में से एक माना जाता है। होंठ का उपयोग बोलने और खाने के लिए किया जाता है.होंठ का रंग जो होता है शरीर से थोड़ा अलग होता है. सभी के होंठ अलग-अलग प्रकार के होते हैं जैसे - गुलाबी, कल, ब्राउन और हल्का ब्राउन होते हैं।लेख की तस्वीर

A
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
12
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/13/22

चलिए आज जानते हैं कि मानव शरीर के किस अंग में पसीना नहीं निकलता है। वैसे तो मानव के शरीर के सभी अंगों से पसीना निकलता है जैसे - हाथ, पैर, पीठ, माथे, पेट, हथेली आदि।लेकिन उनके शरीर का एक हिस्सा जो उनकी लिप्स है। वहां से कभी भी एक बूंद पसीना नहीं निकलता है चाहे सर्दी हो या गर्मी क्योंकि, होंठ बहुत ही मुलायम और पसीना मुक्त होती हैं।लेख की तस्वीर

preeti  patel
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
14
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/11/22

मानव शरीर के सभी हिस्सों मे लगभग पसीना आता है। यहाँ पर घूमा फिरा कर प्रश्न पूछा गया है कि मानव शरीर के किस हिस्से पर पसीना नहीं आता है? तो चलिए हम आपको यहाँ पर बताते है कि मानव शरीर का एक ऐसा हिस्सा होंठ होता है जिसमे पसीना बिल्कुल नहीं आता है। मानव शरीर के सभी अंगों मे पसीना आएगा लेकिन होंठ मे नहीं आता है।चाहे कितनी तेज गर्मी क्यों ना हो लेकिन होंठ मे पसीना एक बून्द नहीं आएगा।लेख की तस्वीर

S
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें

Mp

14
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/11/22

मानव शरीर के हर हिस्से में पसीना आता है लेकिन क्या आप हमें बता सकते हैं कि मानव के शरीर के किस हिस्से में कभी भी पसीना नहीं आता है दोस्तों अक्सर इस तरह का सवाल आईएएस इंटरव्यू के दौरान पूछा जाता है जिसका जवाब सोचते-सोचते लोगों का सर चकराने लगता है लेकिन आज यहां पर हम आपको इसका उत्तर बताएं कि मानव शरीर के उस हिस्से का नाम है होंठ जी हां दोस्तों मानव की होठों पर कभी भी पसीना नहीं आता है। क्योंकि मानव की होंठ बहुत ही मुलायम होती है और यह सुख नहीं पाती है इसलिए होंठ पर पसीना नहीं आता।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
14
अपडेट किया गया05/29/26

1. स्वस्तिकासन - बाएं पैर को घुटने से मोड़कर दाहिनी जांघ आैर पिंडली के बीच इस प्रकार रखें कि बाएं पैर का तलवा छिप जाए। इसके बाद दाहिने पैर के पंजे आैर तलवे को पाएं पैर के नीचे से जांघ आैर पिंडली के बीच रखने से स्वस्तिकासन बन जाता है। ध्यान मुद्रा में बैठें आैर रीढ़ की हड्डी सीधी रखकर सांस खींचकर रोकें। इसी प्रक्रिया को पैर बदलकर भी करें। इससे पैरों का दर्द दूर होता है।

2. गोमुखासन - दोनों पैर सामने फैलाकर बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को नितंब के पास रखें। दाहिने पैर को मोड़कर बाएं पैर के ऊपर इस तरह रखें कि दोनों घुटने एक-दूसरे के ऊपर हो जाएं। दाहिने हाथ को उठाकर पीठ की ओर मोड़िए आैर बाएं हाथ को पीठ के पीछे से लाकर दाहिने हाथ को पकड़िएं। गर्दन आैर कमर सीधी रहनी चाहिए। इससे अंडकोष वृद्धि आैर आंत्र वृद्धि होती है। धातु रोग आैर स्त्री रोगों में भी लाभकारी है। यकृत, गुर्दा आैर वक्ष स्थल को बल देता है। संधिवात आैर गठिया को दूर करता है।
 
3. गोरक्षासन - दोनों पैर की एड़ी आैर पंजे को आपस में मिलाकर सामने रखें। अब सीवनी नाड़ी को एड़ी पर रखते हुए उस पर बैठ जाइए। दोनों घुटने जमीन पर ही हों। हाथ को ज्ञान की मुद्रा स्थिति में रखें। इस आसन में मांसपेशियों में रक्त संचार ठीक से होता है। इंद्रियों की चंचलता खत्म करके मन को शांति प्रदान करता है।
 
4. अद्र्धमत्स्येंद्रासन - दोनों पैर सामने फैलाकर बैठें। बाएं पैर को मोड़कर एड़ी को नितंब के पास लगाएं। बाएं पैर को दाहिने पैर के घुटने के पास रखें। बाएं हाथ को दाहिने घुटने के पास बाहर की ओर सीधा रखते हुए दाहिने पैर के पंजे को पकड़ें। दाहिने हाथ को पीठ के पीछे से घुमाकर पीछष की ओर देखें। यह आसन मधुमेह आैर कमर दर्द में फायदेमंद है। नाड़ियों में रक्त संचार को सुधारता है। पेट की बीबमारियों को ठीक करके आंखों को भी ठीक रखता है।
 
5. शंखासन - हाथ को घुटने पर रखते हुए पंजों के बल उखड़ू बैठ जाइए। पैरों के बीच सवा फुट का अंतर होना चाहिए। सांस अंदर लेते हुए दाहिने घुटने को बाएं पैर के पंजे के पास रखिए आैर बाएं घुटने को दाहिनी ओर झुकाइए। गर्दन को बार्इं ओर से पीछे की ओर घुमाइए आैर देखिए। थोड़ी देर रुकने के बाद सांस छोड़ते हुए बीच में आइए। इससे उदर रोग, कब्ज, गैस, अम्ल पित्ती, खट्टे डकार आैर बवासीर दूर होते हैं। आंत, गुर्दा, अग्नाशय आैर तिल्ली संबंधी रोगों में भी लाभप्रद है।
S
Health & Lifestyle Enthusiast
प्रोफ़ाइल देखें
428
0
ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया10/11/22
  1. दोस्तों गर्मियों में पसीना आता ही होगा। पर आप क्या जानते हैं कि मानव के शरीर के किस हिस्से में पसीना नहीं आता है आप नहीं जानते तो हम आपको बताएंगे। मानव के शरीर में होठ पर पसीना नहीं आता है। जिन लोगों को पसीना आता है वे लोग ज्यादा सेहतमंद होते हैं उन लोगों की तुलना में जिन लोगों को पसीना नहीं आता। शरीर पर पसीना आना बहुत ही फायदेमंद होता है।लेख की तस्वीर
V
लेखक
प्रोफ़ाइल देखें
14