आज यहां पर सवाल पूछा गया है कि आखिर भारतीय महिलाएं विदाई के वक्त रोती क्यों है। तो चलिए हम आपको बताते हैं कि भारतीय महिलाएं विदाई के वक्त क्यों रोती है। जो लड़की पूरा बचपन अपने माता-पिता भाई-बहन के साथ गुजारती है फिर शादी के वक्त उसे अपने परिवार से दूर जाना पड़ता है जिसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकती थी एक दिन उसे अपना घर छोड़कर किसी पराए घर जाना पड़ेगा। और उसे इस बात की चिंता होती है कि उसके ससुराल वाले उसके साथ कैसा व्यवहार करेंगे। यही सब बातें सोच कर उसका मन अत्यंत दुखी हो जाता है और वह रोने लगती है।

भारतीय दुल्हने विदाई के वक्त क्यों रोती हैं?
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आज हम आपको बता रहे हैं कि आखिर में क्या बात है कि जो विदाई के वक्त भारतीय दुल्हन रोती हुई नजर आती है भारतीय संस्कृति रीति-रिवाजों के अनुसार बताया जाता है कि विवाह होने के फलस्वरूप लड़की को वर पक्ष की तरफ शौंप दिया जाता है और लड़की की विदाई कर दि जाती है जो लड़की अपने माता-पिता के साथ बचपन से उस घर मे खेलती कूदती है और उसके बड़े होने पर दूसरे के हाथ में सौंप दिया जाता है जिसके कारण उन्हें अत्यंत दुख होता है इसी कारण से विदाई के समय भारतीय दुल्हने रोती हुई नजर आती है.।.jpeg&w=640&q=75)
भारतीय दुल्हने विदाई के वक़्त इसलिए रोती है, क्योंकि वह अपना पूरा जीवन अपने माता -पिता, भाई बहन के साथ रहती है और माता -पिता प्यार, बचपन से लेकर बड़े होने तक का हर चीज की जरूरत माता -पिता करते है हर खुशी ख्याल भाई, बहन रखते है, इन सब बातो को याद करके दुल्हन विदाई के वक़्त भावुक हो जाती है और रोने लगती है। क्योंकि एक लड़की का विदाई के वक़्त सब कुछ छूटने लगता है उसके खुद के अपने माँ बाप जिस आँगन मे वह पाली -बड़ी हुयी सब कुछ छूटने लगता है जिस कारण से विदाई समय दुल्हन खुद पर काबू नहीं कर पाती है और रोने लगती है।

भारतीय विवाह में विदाई का पल बहुत भावुक होता है, इसलिए दुल्हन अक्सर इस समय रोती है। इसका मुख्य कारण यह है कि वह अपने मायके, माता-पिता और परिवार को छोड़कर एक नए घर और नए जीवन की शुरुआत करने जा रही होती है।
बचपन से जिस घर में उसने अपना जीवन बिताया होता है, उसे छोड़ना आसान नहीं होता, इसलिए भावनाएं स्वाभाविक रूप से बाहर आ जाती हैं। यह रोना केवल दुख का नहीं, बल्कि प्रेम, लगाव और यादों का प्रतीक भी होता है।
साथ ही, यह एक नई जिम्मेदारी और नए रिश्तों की शुरुआत का संकेत होता है, जिससे मन में मिश्रित भावनाएं पैदा होती हैं। इसलिए विदाई के समय दुल्हन का रोना एक सामान्य और भावनात्मक परंपरा मानी जाती है।

