मोदी सरकार ने ब्रिटिश काल में बने पुराने संसद भवन के स्थान पर नया संसद भवन इसलिए बनवाया क्योंकि पुराना भवन वर्तमान समय की आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा नहीं कर पा रहा था। बढ़ती जनसंख्या, भविष्य में सांसदों की संख्या में संभावित वृद्धि, आधुनिक तकनीक की जरूरत और बेहतर सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नए संसद भवन का निर्माण किया गया।

पुराना संसद भवन वर्ष 1927 में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाया गया था। यह भवन ऐतिहासिक और वास्तुकला की दृष्टि से महत्वपूर्ण है, लेकिन आधुनिक संसदीय कार्यों के लिए आवश्यक सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। समय के साथ भवन पुराना हो चुका था और उसमें नई तकनीकों तथा आधुनिक बुनियादी ढांचे को शामिल करना कठिन हो गया था।
नया संसद भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना का प्रमुख हिस्सा है। इसमें आधुनिक डिजिटल सुविधाएँ, बेहतर सुरक्षा व्यवस्था, भूकंपरोधी संरचना और अधिक बैठने की क्षमता उपलब्ध कराई गई है। भविष्य में लोकसभा और राज्यसभा के सदस्यों की संख्या बढ़ने पर भी यह भवन उनकी आवश्यकताओं को पूरा कर सकेगा।
इसके अलावा नया संसद भवन भारत की लोकतांत्रिक परंपरा, आत्मनिर्भर भारत और आधुनिक भारत की पहचान को भी दर्शाता है। हालांकि इस परियोजना को लेकर लागत और प्राथमिकताओं जैसे मुद्दों पर राजनीतिक बहस भी हुई, लेकिन सरकार का कहना है कि यह भवन आने वाले कई दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
संक्षेप में
यदि परीक्षा में पूछा जाए "मोदी सरकार ब्रिटिश निर्मित संसद भवन को छोड़कर नया संसद भवन क्यों बना रही है?", तो सही उत्तर होगा:
उत्तर: पुराने संसद भवन की सीमित क्षमता, आधुनिक सुविधाओं की आवश्यकता, बेहतर सुरक्षा, भविष्य में सांसदों की बढ़ती संख्या और आधुनिक संसदीय व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नया संसद भवन बनाया गया।
FAQ
1. नया संसद भवन किस परियोजना का हिस्सा है?
नया संसद भवन सेंट्रल विस्टा परियोजना का हिस्सा है।
2. पुराना संसद भवन कब बनाया गया था?
पुराने संसद भवन का निर्माण 1927 में ब्रिटिश शासन के दौरान हुआ था।
3. नए संसद भवन की आवश्यकता क्यों महसूस हुई?
आधुनिक सुविधाओं, बेहतर सुरक्षा, अधिक क्षमता और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए।
4. नए संसद भवन का उद्घाटन कब हुआ था?
नए संसद भवन का उद्घाटन 28 मई 2023 को किया गया था।
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