Abhishek kant
Abhishek kant· 4 years ago
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विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को क्यों मनाया जाता है?

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Answered on10/24/23

चलिए आज हम आपको बताते हैं कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को क्यों मनाया जाता है, विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 मे राज्य संघ द्वारा की गई थी और इसकी शुरुआत स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से हुई थी। 5 जून 1972 को दुनिया का पहला पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया था। विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाए तभी से इस दिन लोग वृक्ष लगाना शुरू कर दिए थे। हर वर्ष विद्यालय हो या संग्रहालय हर जगह वृक्ष लगाए जाते हैं।विश्व पर्यावरण दिवस का मुख्य उद्देश्‍य पर्यावरण के प्रति जागरुकता बढ़ाना है, जो वर्तमान समय में बहुत जरूरी है। बता दें दुनिया में लगातार प्रदूषण का स्‍तर बढ़ रहा है, इसी कारण प्रकृति पर भी खतरा बढ़ता जा रहा है। इसे रोकने के उद्देश्य से विश्व पर्यावरण की शुरुआत की गई थी।ताकि लोगों को पर्यावरण दिवस के प्रति जागरूक किया जा सके। आने वाली पीढ़ी को बेहतर दिन दे सके।Article imageArticle image

Poonam Patel
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Answered on09/18/22

हर वर्ष 5जून कों विश्व पर्यावरण दिवस मानाने का पीछे का कारण यह है कि लोगो के अंदर पर्यावरण कों प्रदूषित होने से बचाने के लिए हर एक व्यक्ति कों अपने घर, आँगन, स्कूल, कॉलेज मे एक वृक्ष जरूर लगाना चाहिए तथा जिससे मनुष्य तथा अन्य सभी जीव जंतुओं कों शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त होंऔर हमारा पर्यावरण भी शुद्ध रहेगा, इसलिए 5जून कों हम सभी लोगो कों एक साथ मिलकर यह संकल्प लेना है कि हमें अपने पर्यावरण कों स्वच्छ बनाये रहने के लिए हर वर्ष एक वृक्ष जरूर से जरूर लगाना है।

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और पढ़े- विश्व अस्थमा दिवस क्यों मानते है?

S
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Mp

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Answered on05/31/22

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है इसे मनाने के पीछे कारण क्या यह जानना आपके लिए दिलचस्प होगा। what is the reason of the celebrate 5 June Paryavaran Divas

पर्यावरण का मतलब what is the meaning of Paryavaran in Hindi

Letsdiskuss

सरल शब्दों में जा कहीं तो पर्यावरण का मतलब होता है जो हमारे चारों तरफ से वायु, जल, मिट्टी आदि का एक आवरण। यानी कि हम चारों तरफ ऐसे आवरण से घिरे हुए हैं जिनमें जीवन पनपता है।

इसी को पर्यावरण environment कहा जाता है और इसमें तत्व जीव जंतु वनस्पतियां पाई जाती है जिन से धरती पर जीवन चक्र चलता है। इसमें जीवन देने वाली अजैविक पदार्थ abiotic material जैसे धरती जल हवा सूरज की किरणें धरती चट्टान आदि है जिससे पृथ्वी पर वनस्पति और जीव जन्तुओं (biotic material living things) का जीवन पलता है। पर्यावरण के जल चक्र (water cycle) वायु चक्र (air cycle) मृदा चक्र (clay cycle) से जीवन चलता है। खाद्य चक्र (food cycle) कार्बन चक्र (Carbonn cycle इत्यादि के बारे में आपने भी विज्ञान में पढा (study) होगा अगर इन चक्रों में असंतुलन हो जाए तो उस क्षेत्र का पर्यावरण असंतुलित हो जाता है और वन उपवन जल वर्षा ऋतु आदि पर प्रभाव पड़ने लगता है जिस कारण से पर्यावरण प्रदूषण (environment pollution) की संज्ञा दी जाती है।

प्रदूषण से धरती को बचाने के लिए पर्यावरण दिवस (Paryavaran Divas 2022) जागरूकता के लिए मनाया जाता है ताकि हम अपने धरती को बचाने की मुहिम (save campaign for our Earth) में स्वयं को आगे लाएं। हमारी आने वाली पीढ़ी को मालूम होना चाहिए कि आज अगर हमने पर्यावरण को बचाया तो आने वाले वक्त में पर्यावरण हमारा साथ देगी और यह धरती खुशहाल बनेगी, हमारा जीवन खुशहाल होगा। पेड़-पौधे-जंतु जैव विविधता (biodiversity) यह सब बहुत जरूरी है हर भाषा में हर देश में इन सभी से ऊपर लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम (paryavaran jagrukta karykram) चलाए जाते हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ पर्यावरण को लेकर बहुत चिंतित है और वह आप सभी राष्ट्रों से पर्यावरण संतुलन के किए गए प्रयासों की एक रूपरेखा तैयार करके उन्हें देती है उस पर अमल करने के लिए पर्याप्त साधन और संसाधन उपलब्ध कराती है।

5 जून को पर्यावरण दिवस मनाने का कारण क्या है?

दोस्तों हम पृथ्वी वासी हैं और हमें 365 दिन पर्यावरण संरक्षण के लिए कार्य करना चाहिए। लेकिन अफसोस है कि दुनिया के अधिकांश देशों में पर्यावरण के नुकसान का ही काम अधिक होता है।

नदियों, पर्वतों, समुद्रों, धरती इन सब का दोहन हो रहा है जिस कारण से पर्यावरण असंतुलित हो रही है। बड़े-बड़े जंगल जो घने थे, वह धीरे- धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिस कारण से कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ती मात्रा इस धरती को गर्म और जहरीली बना रही है।

पर्यावरण दिवस मनाने की शुरुआत कैसे हुई?

जन जागरूकता फैलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ (sanyukt Rashtra Sangh celebrated environmental day ) ने 5 जून 1972 को पर्यावरण दिवस मनाने का फैसला लिया था। पर्यावरण के प्रति पूरी दुनिया में राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने का फैसला लिया गया था। 12 दिन का पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया। 5 जून से लेकर 16 जून तक चला और उसमें चर्चा हुई कि हम अपने पर्यावरण को संरक्षित कैसे कर सकते हैं यानी अपने पर्यावरण को दूषित होने से कैसे बचा सकते हैं?

यही नहीं 1974 में यानी 2 साल बाद फिर 5 जून को पहली बार पर्यावरण दिवस मनाया गया और यह पर्यावरण दिवस हर साल पर्यावरण के प्रति इंसानों को जागरूक करने के लिए मनाया जाता है।

और पढ़े- पर्यावरण को बचाने के लिए हम क्या कर सकते है ?

Abhishek kant
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Abhishek Kant Educator | Journalist | Writer About Me / परिचय Master of Journalism & Mass Communication (MJMC) degree holder with extensive experience in journalism, teaching, and content writing. Passionate about sharing knowledge, telling impactful stories, and inspiring others through meaningful content. मास्टर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री के साथ पत्रकारिता, अध्यापन और कंटेंट राइटिंग का समृद्ध अनुभव। अपने लेखन और शिक्षण के माध्यम से लोगों तक सही जानकारी और विचार साझा करना ही मेरी प्रेरणा है।

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Answered on09/19/22

विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है अक्सर यह सवाल लोगों के मन में बना रहता है तो चलिए आज हम आपके इस सवाल का जवाब दे ही देते हैं। जब वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र में स्वीडन के स्टॉकहोम 5 से लेकर 16 जून के बीच पर्यावरण वृक्षारोपण करने के लिए मानव द्वारा यह निर्णय लिया गया था तब इस बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 जून को ही विश्व पर्यावरण दिवस के रुप में मनाया जाए तभी से इस दिन लोग वृक्ष लगाना शुरू कर दिए थे हर वर्ष विद्यालय हो या संग्रहालय हर जगह वृक्ष लगाए जाते हैं ताकि मनुष्य का जीवन किसी खतरे में ना पड़े और हमें स्वच्छ हवा प्राप्त होती रहे।Article image

Krishna Patel
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Answered on10/09/21

एलोवेरा का उपयोग कई बीमारियों को ठीक करने मे किया जाता है जैसे :-बबासीर के रोग पर करते है एलोवेरा के अंदर के गुदे को निकल कर रुई मे लगाकर अपने प्राइवेट पार्ट्स यानि जहा बबासीर हो वहां पर रोज़ाना लगाने से काफ़ी हद तक बबासीर के मरीजों को आराम मिलता है। इसके अलावा जिन व्यक्तियो को पीलिया हो जाती है उन व्यक्तियो को भी एलोवेरा का गुदा निकालकर पीसकर आँखों के नीचे लगाया जाता है और नाक मे डालने से पीलिया काफ़ी हद तक ठीक होने की संभवना होती है। जिन व्यक्तियो को शुगर बीमारी हो जाती है तो डॉक्टर भी एलोवेरा का सेवन करने का सलाह देता है रोजाना शुभ एलोवेरा को काट कर गुदा को खाते है तो यह शुगर को कण्ट्रोल करने मे मदद करता है।

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इसके अलावा एलोवेरा का उपयोग चेहरे मे फोड़िया हो जाने पर आप नीबू एलोवेरा का का पेस्ट बना कर एक डिब्बी मे रख लीजिये और सोते समय रोज फेस मे लगा कर सुबह साफ पानी से धो ले 1 महीने तक लगातार उपयोग करने से आपके फेस से सारी फोड़िया ठीक हो जाएगी।

और पढ़े- रात मे एलोवेरा जेल कैसे लगाए?

S
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Mp

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Answered on06/01/22

चलिए दोस्तों आज हम आपको बता रहे हैं कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को क्यों जाता है पर्यावरण दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है पानी + आवरण = पर्यावरण

हर वर्ष 5 जून को पर्यावरण दिवस मनाया जाता है और इससे मनाने का मुख्य उद्देश्य है कि लोगों के प्रति मन मे जागरूकता पैदा करना है। विश्व पर्यावरण दिवस की शुरुआत 1972 में राज्य संघ द्वारा की गई थी। और इसकी शुरुआत स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से हुई थी। 5 जून 1972 को दुनिया का पहला पर्यावरण दिवस का आयोजन किया गया था.।Article image

Aanchal Singh
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Answered on10/26/23

आपने बहुत ही अच्छा सवाल किया है कि विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून को ही क्यों मनाया जाता है तो चलिए हम आपको इसके पीछे का कारण बताते हैं। पूरे विश्व में पहली बार 5 जून 1972 को पर्यावरण दिवस मनाया गया था। इसके बाद हर वर्ष 5 जून के दिन ही विश्व पर्यावरण दिवस के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 1972 में संयुक्त राष्ट्र में स्वीडन के स्टॉकहोम में 5 से लेकर 16 जून के बीच पर्यावरण वृक्षारोपण करने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया कि 5 जून को ही विश्व पर्यावरण दिवस के रुप में मनाया जायेगा और इस दिन से हर जगह स्कूल हो या बगीचा या फिर संग्रहालय हर जगह वृक्षारोपण किया जाने लगा। क्योंकि आगे चलकर हमारा पर्यावरण को किसी भी प्रकार का कोई दिक्कत ना आए इसलिए हर इंसान को एक वृक्ष अवश्य लगाना चाहिए।

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Aanya  Singh
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