ज़िंदगी में प्रतियोगिता के क्या मायने हैं ?

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Answered on09/11/18
मानव ज़िंदगी में प्रतियोगिता के मायनो के बारें में अगर बात की जाये तो यह बहुत जरुरी होता है, कि पहले हम इस बात को समझे के हमें प्रतियोगिता करना किस चीज़ के लिए है | अगर प्रतियोगिता हम किसी दूसरे इंसान की खुशियों , उसकी चीज़ों, उसके रहन-सहन से करते है तो हम ग़लत है | अगर आप प्रतियोगिता किसी दूसरे की कामयाबी की करते हैं, या उसकी सफलता की करते हैं, किसी इंसान की अच्छाई की करते हैं, तो आप एक सफल प्रतियोगी हैं |

पढ़ाई में प्रतियोगिता :-

आप अपने साथी की पढ़ाई में प्रतियोगिता करें | इससे आप हर समय कुछ नया सीखेंगे और अनुभव लेंगे , जो की आने वाली ज़िंदगी में आपके काम आएगा |

व्यापार में प्रतियोगिता :-

अगर आप प्रतियोगिता करना चाहते हैं, तो व्यापार में प्रतियोगिता करें | क्योकि एक सफल व्यापारी बनने के लिए यह बहुत जरुरी हैं, कि आप अपने सामने वाले विपक्ष को जानें की उसकी कार्य क्षमता क्या हैं |

सीखने में प्रतियोगिता :-

प्रतियोगिता करना ग़लत नहीं हैं, अगर आप सच में प्रतोयोगिता करना चाहते हैं, तो आपको यह जरुरी है, की आप हमेशा कुछ न कुछ नया सीखें | जब आप कुछ नया दिखोगे तभी आप अपनी ज़िंदगी में एक सफल इंसान बन सकोगे |

Avinash Kumar
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Ice in my veins. 🧊

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Updated on08/20/18

ज़िंदगी में प्रतियोगिता के मायने बहुत अलग हैं, और मुझे लगता हैं, जीवन में प्रतियोगिता होना बहुत जरुरी हैं | प्रतियोगिता न हो तो मनुष्य अपने जीवन में कभी आगे नहीं बढ़ सकता | हमारी ज़िंदगी ने प्रतियोगिता होना क्यों जरुरी हैं ? ये जानने के लिए इस बात को जानना जरुरी हैं,कि प्रतियोगिता होती क्या हैं ? क्यों हम प्रतियोगिता करते क्यों हैं ? और सबसे अहम् सवाल हम लोग प्रतियोगिता के नाम से डरते क्यों हैं ?


ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब हम लोग शायद ही ढूंढ़ते हो | हर इंसान चाहता हैं, वो साधारण ज़िंदगी जिए , क्या ऐसा संभव है? नहीं | एक छोटी सी नौकरी करने वाला इंसान यह समझता हैं, कि वह अपनी नौकरी से खुश हैं, और बस वह अपने रोजाना की ज़िंदगी में खुश रहता हैं | सुबह से शाम तक office और उसके बाद घर , पर क्या आपको लगता हैं ऐसा पूरी ज़िंदगी कोई इंसान जी सकता हैं |

जब तक आपकी ज़िंदगी में प्रतियोगिता नहीं होगी तब तक आपको आपके ज़िंदगी के मायने नहीं समझ आएँगे | आपको अपनी ज़िंदगी के मायने समझना हो तो आप प्रतियोगिता जरूर करें | प्रतियोगिता करना आपको आपके जीवन का सही उद्देश्य समझती हैं | आप कितने काबिल है, ये बताती हैं, प्रतियोगिता न करना आपकी कमजोरी की निशानी हैं |

मनुष्य किसी प्रतियोगिता से नहीं डरता वो सिर्फ अपने हारने के डर से डरता हैं | एक बात बता दें आपको प्रतियोगिता में हार मिलेगी या जीत ये आप पर निर्भर करता हैं | आपकी मेहनत पर निर्भर करता हैं |


(Courtesy : pulse1.co.uk )

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