बदलती दुनिया के साथ रहने ओर पहनावे मे भी बदलाव आता जा रहा है | बढ़ती आधुनिकता के साथ साथ नए नए उपकरणों का भी आविष्कार हो रहा है | और मानव भी उन उकरणों का उपयोग तेजी से कर रहा है क्युकि आज यह आविष्कार मानव जीवन कि सबसे बड़ी जरूरत बन चुके है |
कॉन्टेक्ट लेंस भी उन्ही आविष्कारों मे से एक है | पहले चश्मा लगाना आवश्यक था | जिनकी आंखे कमजोर होती ,धुंधला दिखना ,दूर दृष्टि या निकट दृष्टि दोष होता है उस समस्या से बचने के लिए आँखों कि जांच कर उसके नंबर के अनुसार चश्मा बनाया जाता था | लेकिन अब चश्मों कि जगह कॉन्टेक्ट लेंस लगाए जा रहे है |
क्या होता है कॉन्टैक्ट लेंस
यह एक लेंस होता है जिसका आकार कार्निया के आकार का होता है | यह प्लास्टिक या हाइड्रोजेल के बने होते है | यह सीधे जेल के द्वारा आँखों मे लगाए जा सकते है | यह भी चश्मों कि तरह नंबर वाले होते है | जिसका उपयोग कर दूर दृष्टि ओर निकट दृष्टि दोष कि समस्या का निवारण किया जा सकता है | यह बिना नंबर वाले भी आते है जिसका प्रयोग आँखों को सुंदर दिखाने के लिए भी किया जाता है | यह कलर वाले लेंस होते है जिससे आँखे नीली ,भूरी ओर हरी रंग कि दिखाई देने लगती है | यह आंखे देखने मे काफी आकर्षित दिखती है | इसलिए इसका प्रयोग आज कल ज्यादा हो रहा है | कॉन्टेक्ट लेंस कि कीमत 150 से 4500 तक या उससे अधिक भी हो सकती है | यह पूरी तरह से कॉन्टेक्ट लेंस कि गुणवत्ता ओर ब्रांड पर निर्भर करती है|
कॉन्टेक्ट लेंस कि समय सीमा
यह लेंस अलग-अलग समय सीमा के अनुसार लगाए जाते है जैसे -
एक दिन - इस लेंस को केवल एक दिन ही प्रयोग किया जा सकता है | इसके बाद इसको फेंक देना चाहिए |
सप्ताहिक - 1 सप्ताह या 2 सप्ताह के लिए इस लेंस को लगाया जाता है | इसके बाद इसके ज्यादा उपयोग से आँखों के इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है |
मासिक - इस लेंस को लगभग 1 महीने ( 30 दिनों ) तक उपयोग मे लाया जा सकता है | यह डॉक्टर के परामर्श के अनुसार लगाया जाता है |
6 महीने या 1 साल - इस लेंस को रिजिड गैस परमेबल भी कहा जाता है | यह करीब 6 महीने या 1 साल तक लगाया जा सकता है | लेकिन पूरी सावधानी के साथ इसका इस्तेमाल होना चाहिए | समय समय पर डॉक्टर कि सलाह लेना ओर चेकअप कराना बहुत आवश्यक है |
क्या कॉन्टेक्ट लेंस लगाना सुरक्षित है ?
हाँ , कॉन्टेक्ट लेंस लगाना सुरक्षित है | लेकिन इसके साथ इसकी पूरी सावधानी भी बरती जानी चाहिए और डॉक्टर से सलाह मशवरा ओर समय पर आँखों कि जांच करवाते रहना चाहिए तभी यह सुरक्षित होते है |
सावधानियाँ -
आँखों के अनुसार लेंस का चुनाव किया जाना चाहिए |
रात को सोते समय लेंस को निकाल देना चाहिये ताकि आँखों को पूरी तरह से ऑक्सीजन मिल सके |
लेंस से यदि आँखों मे जलन या दर्द महसूस हो तो इसको निकाल देना चाहिए और डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए |
पानी से या लार से कॉन्टेक्ट लेंस को नहीं लगाना चाहिए |
डॉक्टर द्वारा दिए गए जेल से ही इसे लगाया जाना चाहिए |

चिकित्सकीय अस्वीकरण (Medical Disclaimer):
इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी योग्य नेत्र चिकित्सक की सलाह, जाँच या उपचार का विकल्प न समझें। कॉन्टेक्ट लेंस का चयन, उपयोग और देखभाल हमेशा नेत्र विशेषज्ञ के निर्देशानुसार करें। लेंस लगाने से आँखों में दर्द, लालिमा, जलन या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या होने पर तुरंत लेंस निकालें और नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।






