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Medha singh kapoor· 8 साल पहले
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क्या कांटेक्ट लेंस लगाना आँखों के लिए सुरक्षित है ?

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अपडेट किया गया10/19/26

बदलती दुनिया के साथ रहने ओर पहनावे मे भी बदलाव आता जा रहा है | बढ़ती आधुनिकता के साथ साथ नए नए उपकरणों का भी आविष्कार हो रहा है | और मानव भी उन उकरणों का उपयोग तेजी से कर रहा है क्युकि आज यह आविष्कार मानव जीवन कि सबसे बड़ी जरूरत बन चुके है |

कॉन्टेक्ट लेंस भी उन्ही आविष्कारों मे से एक है | पहले चश्मा लगाना आवश्यक था | जिनकी आंखे कमजोर होती ,धुंधला दिखना ,दूर दृष्टि या निकट दृष्टि दोष होता है उस समस्या से बचने के लिए आँखों कि जांच कर उसके नंबर के अनुसार चश्मा बनाया जाता था | लेकिन अब चश्मों कि जगह कॉन्टेक्ट लेंस लगाए जा रहे है |

क्या होता है कॉन्टैक्ट लेंस

यह एक लेंस होता है जिसका आकार कार्निया के आकार का होता है | यह प्लास्टिक या हाइड्रोजेल के बने होते है | यह सीधे जेल के द्वारा आँखों मे लगाए जा सकते है | यह भी चश्मों कि तरह नंबर वाले होते है | जिसका उपयोग कर दूर दृष्टि ओर निकट दृष्टि दोष कि समस्या का निवारण किया जा सकता है | यह बिना नंबर वाले भी आते है जिसका प्रयोग आँखों को सुंदर दिखाने के लिए भी किया जाता है | यह कलर वाले लेंस होते है जिससे आँखे नीली ,भूरी ओर हरी रंग कि दिखाई देने लगती है | यह आंखे देखने मे काफी आकर्षित दिखती है | इसलिए इसका प्रयोग आज कल ज्यादा हो रहा है | कॉन्टेक्ट लेंस कि कीमत 150 से 4500 तक या उससे अधिक भी हो सकती है | यह पूरी तरह से कॉन्टेक्ट लेंस कि गुणवत्ता ओर ब्रांड पर निर्भर करती है|

कॉन्टेक्ट लेंस कि समय सीमा

यह लेंस अलग-अलग समय सीमा के अनुसार लगाए जाते है जैसे -

  • एक दिन - इस लेंस को केवल एक दिन ही प्रयोग किया जा सकता है | इसके बाद इसको फेंक देना चाहिए |

  • सप्ताहिक - 1 सप्ताह या 2 सप्ताह के लिए इस लेंस को लगाया जाता है | इसके बाद इसके ज्यादा उपयोग से आँखों के इन्फेक्शन का खतरा हो सकता है |

  • मासिक - इस लेंस को लगभग 1 महीने ( 30 दिनों ) तक उपयोग मे लाया जा सकता है | यह डॉक्टर के परामर्श के अनुसार लगाया जाता है |

  • 6 महीने या 1 साल - इस लेंस को रिजिड गैस परमेबल भी कहा जाता है | यह करीब 6 महीने या 1 साल तक लगाया जा सकता है | लेकिन पूरी सावधानी के साथ इसका इस्तेमाल होना चाहिए | समय समय पर डॉक्टर कि सलाह लेना ओर चेकअप कराना बहुत आवश्यक है |

क्या कॉन्टेक्ट लेंस लगाना सुरक्षित है ?

हाँ , कॉन्टेक्ट लेंस लगाना सुरक्षित है | लेकिन इसके साथ इसकी पूरी सावधानी भी बरती जानी चाहिए और डॉक्टर से सलाह मशवरा ओर समय पर आँखों कि जांच करवाते रहना चाहिए तभी यह सुरक्षित होते है |

सावधानियाँ -

  • आँखों के अनुसार लेंस का चुनाव किया जाना चाहिए |

  • रात को सोते समय लेंस को निकाल देना चाहिये ताकि आँखों को पूरी तरह से ऑक्सीजन मिल सके |

  • लेंस से यदि आँखों मे जलन या दर्द महसूस हो तो इसको निकाल देना चाहिए और डॉक्टर से चेकअप करवाना चाहिए |

  • पानी से या लार से कॉन्टेक्ट लेंस को नहीं लगाना चाहिए |

  • डॉक्टर द्वारा दिए गए जेल से ही इसे लगाया जाना चाहिए |

लेख की तस्वीर

चिकित्सकीय अस्वीकरण (Medical Disclaimer):

इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी योग्य नेत्र चिकित्सक की सलाह, जाँच या उपचार का विकल्प न समझें। कॉन्टेक्ट लेंस का चयन, उपयोग और देखभाल हमेशा नेत्र विशेषज्ञ के निर्देशानुसार करें। लेंस लगाने से आँखों में दर्द, लालिमा, जलन या धुंधला दिखाई देने जैसी समस्या होने पर तुरंत लेंस निकालें और नेत्र चिकित्सक से संपर्क करें।

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जवाब दिया गया05/13/26

हाँ, सही तरीके से इस्तेमाल किए जाएँ तो कांटेक्ट लेंस आमतौर पर सुरक्षित माने जाते हैं। लेकिन साफ-सफाई और सही उपयोग बहुत जरूरी होता है। गंदे हाथों से लेंस लगाना, जरूरत से ज्यादा देर तक पहनना या बिना सफाई के दोबारा इस्तेमाल करना आँखों में जलन, इन्फेक्शन या dryness पैदा कर सकता है। कई लोग रातभर लेंस पहनकर सो जाते हैं, जो risky हो सकता है। इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेंस चुनना और इस्तेमाल करना बेहतर रहता है। Honestly, अगर proper hygiene maintain की जाए तो बहुत लोग सालों तक safely contact lenses use करते हैं बिना किसी बड़ी परेशानी के।

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Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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जवाब दिया गया08/16/23

दोस्तों ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो अपनी आंखों को खूबसूरत बनाने के लिए लेंस लगाते हैं पर यहां पर प्रश्न किया गया है कि क्या कॉन्टैक्ट लेंस लगाना आंखों के लिए सुरक्षित है तो हम आपको बता दें कि कॉन्टैक्ट लेंस लगाना आंखों के लिए सुरक्षित तो होता है लेकिन लेंस को लगाने से आंखों में समस्याएं भी हो सकती हैं यदि आप अपने आंखों में डेली लेंस लगाते हैं तो इससे आपकी आंखें लाल हो सकती हैं। लेख की तस्वीर

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जवाब दिया गया08/16/23

कांटेक्ट लेस लगाना आँखों के लिए बिल्कुल सुरक्षित नहीं है क्योकि कई बार ऐसा होता है कि हम अपनी आँखों क़ो खूबसूरत बनाने के लिए मर्केट से कई कलर वाले कांटेक्ट लेस अपनी आँखों मे लगाकर बाइक चलाते है,जिससे तेज हवा चलती है और तेज हवा के कारण आँखों मे धूल चली जाने के की वजह से आँखो मे धूल जम जाती है तो आँखों मे इन्फेक्शन, जलन, सूजन हो जाती है।लेख की तस्वीर

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जवाब दिया गया06/16/21

हां आंखों को चश्मे का नंबर हमेशा के लिए हटाया जा सकता है। हम आज के युग के व्यक्ति हैं हम अपने टेक्नोलॉजी का बहुत ज्यादा मात्रा में जैसे स्मार्टफोन टीवी कंप्यूटर वीडियो गेम इत्यादि। यही सब हम अपने प्रयोग में ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। जो हमारी आंखों की रोशनी को अपनी तरफ खींचता है। जिससे हमारी देखने की क्षमता कम हो जाती है। अगर हम इन सभी चीजों का कम से कम इस्तमाल करे तो हमें जरूर फायदा मिलेगा। और हमें चश्मे पहनने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मैं आपको के लिए एक नुक्सा भी बताने वाला हूं। जिसे मेरे भाई मैं खुद इस्तेमा क्या है। और उन्हें यह नुक्से को करके बहुत आराम मिला।


नुस्खा =हमें रात को सोने से पहले अच्छी तरह अपने मुंह और आपको को अच्छी तरह साफ करना होगा।जब आप सुबह उठते हो तो बिना बस वह मुंह धोए अपनी सलाइवा (लार ) को अपने आपको मैं लगाना होगा यह सलाइवा (लार) इतना असरदार होता है।कि आपको कुछ महीनों में इसका असर देखने को मिलेगा।


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जवाब दिया गया06/18/23

मेरा ही नहीं बल्कि डॉक्टर का कहना है कि आंखों के लिए कांटेक्ट लेंस लगाना सुरक्षित बिल्कुल भी नहीं है क्योंकि यह एक ऐसी पतली परत होती है जो हमारे आंखों के अंदर जाती है तथा हमें ऑक्सीजन नहीं मिल पाता इसलिए ऐसा करना बिल्कुल भी सही नहीं होगा आप अपनी आंखों में कांटेक्ट लेंस बिल्कुल भी न लगाएं इसकी वजह से आपको कई सारी परेशानियां हो सकती है जैसे की आंखों में सही दिखाई ना देना, सर दर्द होना, आंखें लाल हो जाना, इस प्रकार ऐसी बहुत सी दिक्कतें आ सकती है आंखों पर कांटेक्ट लेंस लगाने से।

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Krishna Patel
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जवाब दिया गया06/12/23

आंखों में कांटेक्ट लेंस लगाना आँखों के लिए सुरक्षित नहीं होता है बल्कि आँखों के लिए कांटेक्ट लेंस लगाना नुकसानदायक भी हो सकता है। एक शोध के अनुसार आँखों मे कांटेक्ट लेंस वाले लोगों की आंखों में इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है,इसका मुख्य कारण है कि आँखों मे कांटेक्ट लेंस लगाने और फिर आँखों से कांटेक्ट लेंस निकालते है तो लेंस में बैक्टीरिया का इंफेक्शन होने की संभावना अधिक बढ़ जाती है।Letsdiskuss

ये भी पढ़े- आँखों की सही देखभाल कैसे करें?

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अपडेट किया गया05/21/26

नमस्कार मेधा जी, आपका और आपके सवाल का स्वागत है | फैशन से भरी इस दुनिया मे ये सवाल काफी मायने रखता है |

इस आधुनिक और फैशन से भरे युग मे लोग इतना व्यस्त हो गए है के उन्हें अपनी फ़िक्र नहीं रह गए के वो ये सोच सके के क्या उनके लिए सही है और क्या गलत है | परन्तु फैशन और सुंदरता को लेकर कुछ लोग काफी फिक्रमंद भी रहते है पर वो अपनी खूबसूरती अपनी स्किन और अपने बालो को लेकर अधिक चिंतित रहते है | सुंदरता के लिए वो बहुत कुछ करते है | और उनकी खूबसूरती को बढ़ाती है उनकी आँखे | आँखों को खूबसूरत बनाने के लिए लड़कियाँ क्या कुछ नहीं करती | उनमे कई प्रकार के लाइनर ,मशकारा ,आईशैडो का प्रयोग करती है | सिवा इसके के उनकी आँखे कमजोर तो नहीं हो गए है,क्योकि इतना उनके पास समय नहीं |

और जिनको चश्मा लगा होता है वो शर्म के कारण चश्मा नहीं लगाती | और इस तरह उनके चश्मे का नंबर बढ़ जाता है | ऐसे लोग कॉन्टेक्ट लेंस का प्रयोग करते है | लेंस लगाना सही है पर उसको लगाने के भी नियम है | ज्यादा देर कॉन्टेक्ट लेंस का प्रयोग आपकी आँखों का ख़राब कर सकता है | कॉन्टेक्ट लेंस का प्रयोग भी सही और सुरक्षित तरीके से करना चाहिए | साफ़ हाथो से और सुरक्षित तरीके से लेंस का प्रयोग न करना आपकी आँखों को नुक्सान पंहुचा सकता है |

कॉन्टेक्ट लेंस की अवधि :-

वैसे लेंस को उसकी दी हुए समय अवधि के हिसाब से ही पहनना चाहिए और बदल देना चाहिए | तीन महीने और छै: महीने से बेहतर है के एक महीने वाला लेंस ही प्रयोग करे | लेंस की तीन प्रकार से प्रयोग करने की अवधि होती है |

1 डिस्पोस डेली (रोजाना )

2 डिस्पोस सेमि या वीकली (साप्ताहिक )

3 डिस्पोस मंथली ( महीना )

कब न लगाए लेंस :-

अगर आपकी आँखों मे इन्फेक्शन की परेशानी हो तो लेंस का प्रयोग न करे |

सोते हुए लेंस को न पहने |

और लेंस को उसके निश्चित समय तक ही पहने ,एक दिन मे इसका समय 10 से 12 घंटे है | इससे अधिक न पहने |

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