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Brijesh Mishra· 7 साल पहले
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क्या सच में Johnson & Johnson बेबी पाउडर से बच्चों को कैंसर का ख़तरा है ?

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जवाब दिया गया10/15/26

पक्के तौर पर "हाँ" या "नहीं" कहना ईमानदारी नहीं होगी। मामला विवादित है और विज्ञान भी एकमत नहीं है। पर सवाल में एक बात सुधारनी ज़रूरी है, जिसे ज़्यादातर लोग मिस कर देते हैं।

पहले सवाल की धारणा परखिए

जिन मुकदमों की ख़बरें आप पढ़ते हैं, उनमें ज़्यादातर वयस्क हैं, बच्चे नहीं। ज़्यादातर दावे महिलाओं के डिम्बग्रंथि (ओवेरियन) कैंसर के हैं, और कुछ दशकों तक पाउडर इस्तेमाल करने के बाद हुए मेसोथेलियोमा के। यानी "बच्चों को कैंसर" वाली बात सीधे इन मामलों से साबित नहीं होती।

असली विवाद क्या है?

मुख्य आरोप टैल्क में एस्बेस्टस की मिलावट का है। टैल्क खदानों में एस्बेस्टस के पास की परतों में मिलता है, और एस्बेस्टस कैंसर पैदा करने वाला पदार्थ माना जाता है। J&J इससे इनकार करती है। कंपनी का कहना है कि टैल्क सुरक्षित है, उसमें एस्बेस्टस नहीं है और वह कैंसर नहीं करता।

विज्ञान क्या कहता है?

  • कुछ अध्ययनों में जननांग क्षेत्र में टैल्क इस्तेमाल करने वाली महिलाओं में ओवेरियन कैंसर का जोखिम ज़्यादा मिला, पर कुछ में नहीं।

  • WHO की कैंसर एजेंसी IARC ने निष्कर्ष निकाला है कि टैल्क "संभवतः" मनुष्यों के लिए कैंसरकारी है।

  • अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार एस्बेस्टस-मुक्त टैल्क पाउडर का बड़े कैंसर जोखिमों से संबंध नहीं मिला है।

यानी असली सवाल टैल्क का नहीं, इस बात का है कि पाउडर एस्बेस्टस से दूषित था या नहीं।

अदालतों में क्या हुआ?

यहाँ तस्वीर मिली-जुली है:

  • अक्टूबर में लॉस एंजिलिस की एक जूरी ने मेसोथेलियोमा से मरी एक महिला के परिवार को 96.6 करोड़ डॉलर देने का आदेश दिया।

  • 28 जुलाई 2026 को J&J ने लगभग 69,000 मामलों को निपटाने के लिए 5.5 अरब डॉलर देने की घोषणा की। इसके पहले एक संघीय जज ने यह साबित करने की वादियों की क्षमता पर संदेह जताया था कि टैल्क ने ही उनका कैंसर किया।

  • कंपनी ने दावों को "बेबुनियाद" कहा और समझौता सिर्फ़ मामला ख़त्म करने के लिए बताया। इसलिए समझौते को दोष की स्वीकृति न मानिए, और न ही दावों को पूरी तरह खारिज कीजिए।

ध्यान दें: यह समझौता जज की मंज़ूरी का इंतज़ार कर रहा था। मेरे पास इसके बाद की ताज़ा स्थिति नहीं है।

कंपनी ने क्या किया?

J&J ने 2020 में उत्तरी अमेरिका में और 2023 में दुनिया भर में टैल्क वाला बेबी पाउडर बंद करके कॉर्नस्टार्च वाला फ़ॉर्मूला अपना लिया।

बच्चों के लिए सबसे सुरक्षित रास्ता यही है कि पाउडर का इस्तेमाल बिल्कुल न करें। बच्चों के पाउडर में असल दिक्कत यह भी है कि बारीक धूल साँस के साथ फेफड़ों में जा सकती है। यह कैंसर वाली बहस से अलग, सामान्य सावधानी वाली बात है, और इसके लिए मैंने इस बार सर्च नहीं किया। त्वचा की देखभाल के लिए पाउडर ज़रूरी भी नहीं है।

अगर आपके पास पुराना पाउडर है, तो लेबल देखिए कि उसमें टैल्क है या कॉर्नस्टार्च। चिंता हो तो बाल रोग विशेषज्ञ से पूछ लीजिए।

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ऊपर दिए गए सवाल का जवाब
जवाब दिया गया12/21/18

Johnson & Johnson बेबी पाउडर जिसके नाम से ही बच्चों में सुरक्षा झलकती है | सभी माँ को अपने नवजात शिशु के लिए बस Johnson & Johnson बेबी पाउडर पर ही भरोसा होता है | जहाँ इस बात का सवाल है, कि Johnson & Johnson बेबी पाउडर से बच्चों में कैंसर का ख़तरा हो सकता है, वहाँ ऐसा जानकार शायद ही कोई माँ अब इस पर भरोसा करेगी |


न्यूज एजेंसी रायटर की एक खबर के अनुसार दुनिया का सबसे प्रसिद्द बच्चों का Johnson & Johnson बेबी पाउडर जो कि 100 साल से भी ज्यादा पुराना है, उस पाउडर में बच्चों में कैंसर पैदा करने वाले तत्त्व पाए गए है | इस खबर के बाद अब ड्रग इंस्पेक्टर सुरेन्द्रनाथ साई ने बेबी पाउडर का एक सैंपल लिया है और उसकी जांच का आदेश दिया है | साथ ही उनका मानना है कि , अगर इस बेबी पाउडर में सच में कैंसर वाले कण है, तो यह बच्चों को बहुत ही नुकसान पंहुचा रहे हैं |

वैसे Johnson & Johnson कंपनी ने इस बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई कि उनसे किसी भी प्रकार का सैंपल लिया गया है | मंगलवार 18 दिसंबर को Johnson & Johnson कंपनी ने दावा भी किया कि उनके बेबी पाउडर में ऐसा कुछ कण नहीं जो कैंसर जैसी घातक बीमारी उत्पन्न कर सके | उनके हिसाब से यह ख़राब पूरी तरह गलत और बेबुनियाद है |

अब देखना यह है, कि कौन सही कह रहा है | क्योकि अगर यह ख़बर सच हुई तो इसका नुक्सान लाखों लोगों को भुगतना होगा |

(Courtesy : The News Minute )


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