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Satindra Chauhan· 5 साल पहले
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क्या शादी के बाद पति अपनी पत्नी के प्रति दिलचस्पी क्यों खो देता है?

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जवाब दिया गया10/22/23

हां ये बात तो सही है कि अक्सर शादी के बाद पति अपनी पत्नी के प्रति दिलचस्प को देता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि बहुत से ऐसे पति होते हैं जो अपनी पत्नी के साथ शारीरिक संबंध बनाते हैं और जब उनका मन भर जाता है तो अपनी पत्नी के प्रति दिलचस्पी खोने लगते हैं। लेकिन ऐसा सभी पति-पत्नी नहीं करते हैं। ऐसे बहुत से पति होते हैं जो अपनी पत्नी से हमेशा प्यार करते हैं। और तो और आजकल के पति-पत्नी अधिक प्रोफेशनल होते जा रहे हैं जिस वजह से अपने फ्रेंडों के पत्तियों को देखकर काफी अट्रैक्टिव हो जाते हैं और उनसे प्यार कर बैठे हैं। लेकिन मैं उन लोगों को कहना चाहती हूं कि यह बिल्कुल गलत है आपको अपनी पत्नी के साथ ऐसा धोखा नहीं करना चाहिए. क्योंकि वह किसी के घर की बेटी होती है जो अपना घर छोड़कर आपके घर आती है।

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Aanya  Singh
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जवाब दिया गया06/19/23

जी हाँ बिल्कुल शादी के बाद कुछ पति ऐसे होते है कि उनको अपनी पत्नी के प्रति दिलचस्पी खत्म हो जाती है, क्योंकि शादी के बाद पत्नियों के ऊपर बहुत सारी जिम्मेदारियां आ जाती है जैसे कि बच्चो की देख -रेख करने मे उनका सारा समय चला जाता है। जिस कारण से वह आपने ऊपर ध्यान नहीं दे पाती है, क्योंकि लेडीजो की डिलीवरी के बाद बॉडी लूज़ हो जाती है, काफ़ी मोटी हो जाती है आपने आपको फिट नहीं रख पाती है जिस कारण से पति अपनी पत्नियों के प्रति दिलस्चपी खो देते है।

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S
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Mp

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जवाब दिया गया06/21/23


ये बात बिल्कुल सच है कि शादी बाद पति अपनी पत्नी के प्रति दिलचस्पी खो देता है, क्योंकि शादी के बाद औरते अपना सारा समय खाना बनाने और घर की जिम्मेदारियां मे इतना व्यस्त हो जाती है कि वह खुद की बॉडी पर ध्यान नहीं दे पाती है, हमारे कहने का मतलब कि वह खुद क़ो फिट नहीं रखती है जिस कारण से उनके पति अपनी पत्नी के ऊपर कोई दिलचस्पी नहीं रखते है बल्कि उनके पति दूसरी औरतों की तरफ आकर्षित होने लगते है।लेख की तस्वीर

M
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जवाब दिया गया01/11/22

उन व्यक्तियों का रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं टिक पाता जो व्यक्ति सिर्फ एक दूसरे से शारीरिक संबंध बनाने के लिए ही रिश्ता बनाते हैं ! क्योंकि वह व्यक्ति सब से शारीरिक संबंध बनाता है जिसके कारण उसे हर दिन एक नई चीज चाहिए होती है और वह कई लोगों से अपने संबंध बनाने की कोशिश करता है इसीलिए उनकी शादीशुदा जिंदगी ज्यादा दिन तक नहीं चल पाती है ! अक्सर ऐसे कई लोग होते हैं जो अपनी शादीशुदा जिंदगी पर ध्यान नहीं देकर किसी दूसरे व्यक्ति पर ज्यादा ध्यान देते हैं जिससे उनका रिश्ता टूट जाता है ! लेख की तस्वीर

preeti  patel
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जवाब दिया गया12/18/21

सवाल है कि यदि पति और पत्नी में शारीरिक संबंध न हों तो भी पति द्वारा पत्नी को गुजारा भत्ता यानी 'मेन्टेनेंस' देना होगा! इसका ज़वाब सबसे पहले तो इसी बात पर निर्भर करेगा कि पति और पत्नी आखिर साथ रह क्यों नहीं रहे हैं! इस संबंध विच्छेद में पति की क्या भूमिका है, और पत्नी की क्या!

फिर भी सामान्य तौर पर पति-पत्नी के संबंध-विच्छेद के मामलों में, पति द्वारा उसकी आय का एक हिस्सा पत्नी को गुजारा भत्ता के रूप में अदा करते रहना होता है। और इसके लिये दंडात्मक वैधानिक प्रावधान हैं। इसलिये यदि हमें यह समझना है कि एक स्त्री-पुरुष दंपति के संबंध-विच्छेद की स्थिति में कब पुरुष द्वारा गुजारा भत्ता देय नहीं होता, तो हमें उससे संबंधित प्रावधानों पर एक नज़र डालनी होगी। यह समझना होगा कि गुजारा भत्ता के नियमों का अभिप्राय क्या है!

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गुजारा भत्ता हेतु कानूनी प्रावधान --

पहले केवल सिविल कोर्ट से गुजारा भत्ता संबंधी आदेश ज़ारी होते थे, पर अब यदि कोई व्यक्ति अपने परिजनों संबंधित किसी नैतिक जिम्मेदारी से बच रहा है, जैसे कि विकलांग माता-पिता, पत्नी, अज्ञानी अथवा विकलांग बच्चों की जिम्मेदारी से, तो इस मामले में भारतीय दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 125 से 128 तक ऐसे प्रावधान मौज़ूद हैं जिनके तहत प्रथम श्रेणी के 'न्यायिक दण्डाधिकारी' गुजारा भत्ता का आदेश दे सकते हैं।

इसके अलावा घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम - 2005 के अंतर्गत, प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी यानी 'ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट' की अदालत में धारा-12 के तहत गुजारा भत्ता हेतु महिला द्वारा आवेदन किया जा सकता है। इसमें महिला घरेलू सामान, गहने, शादी में आने वाला खर्च आदि की मांग भी कर सकती है।

गुजारा भत्ता देने के प्रावधान --

गुजारा भत्ता देने के कुछ नियम हैं, जो पत्नी के अलावा अज्ञानी व विकलांग बच्चों और माता-पिता के संबंध में भी लागू होते हैं। इसके संबंध में सबसे पहला नियम तो यही है कि गुजारा भत्ता पाने वाला आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर न हो। कहीं से कमाता न हो। फिर यदि बच्चे हैं तो वे अज्ञानी या शारीरिक रूप से स्वयं का समर्थन करने में असमर्थ हो सकते हैं। और यदि उनके माता-पिता हैं, तो वे भी स्वयं का समर्थन करने में असमर्थ होने चाहिये।

इस तरह जब दण्डाधिकारी या 'मजिस्ट्रेट' द्वारा गुजारा भत्ता का आदेश दिया जाता है तो उसकी एक निश्चित रकम भी तय कर दी जाती है। इस मामले की पूरी देखरेख 'मजिस्ट्रेट' के जिम्मे होती है। यदि जिस व्यक्ति के लिये आदेश ज़ारी किया गया है वह उसका अनुपालन करने में विफल रहता है, तो दंडात्मक कार्रवाई के प्रावधान भी हैं।

गुजारा भत्ता समाप्त होना --

अब तक हमने विशेषतः हिंदू विवाह अधिनियम के तहत गुजारा भत्ता देने के प्रावधान देखे। पर कुछ परिस्थितियां ऐसी भी हो सकती हैं जब स्त्री-पुरुष संबंध-विच्छेद की स्थिति में भी गुजारा भत्ता का न देना वैधानिक तौर पर मान्य हो जाता है।

ऐसी ही कुछ परिस्थितियां हैं -- जैसे कि यदि पत्नी व्यभिचारिणी हो; या वह बिना कोई वाज़िब कारण बताये पति के साथ रहने से इनकार करती हो। इसके अलावा यदि पति और पत्नी स्वेच्छा से अलग होते हैं, यानी तलाक लेते हैं, तो गुजारा भत्ता रद्द करने के ये कारण हो सकते हैं --

  • यदि वह तलाकशुदा महिला 'पुनर्विवाह' कर लेती है, तो उसके गुजारा भत्ता का अधिकार ख़त्म हो जाता है।
  • यदि किसी व्यक्तिगत कानून के मुताबिक गुजारा भत्ता संबंधी आदेश से पहले या बाद में कोई सार्थक राशि अदा की गई है।
  • यदि गुजारा संबंधी आदेश एक निर्दिष्ट अवधि के लिये था, और वह ख़त्म हो चुकी है।
  • उपरोक्त के सिवा यदि प्राप्तकर्ता द्वारा तलाक के वक़्त स्वयं ही अपना यह अधिकार त्याग दिया जाय, तो भी वह महिला पुरुष से गुजारा भत्ता पाने की हकदार नहीं रह जाती।

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इस तरह हमने देखा कि किन मामलों में स्त्री पुरुष से संबंध न होते हुये भी गुजारा भत्ता पाने की हकदार होती है, और कब नहीं होती। ज़ाहिर है कि यह कहानी की दशा-दिशा और न्याय हेतु उसे संवैधानिक रूप से पेश कर पाने की कला, अर्थात् वकालत पर भी काफी-कुछ निर्भर करता है।

इसलिये एक स्त्री-पुरुष का कोई शारीरिक संपर्क न होने पर भी पुरुष द्वारा स्त्री को गुजारा भत्ता देय है, या नहीं, और किन परिस्थितियों में आज क्या प्रावधान लागू हैं, इसकी व्यावहारिक जानकारी के लिये हमें किसी अच्छे और जानकार वकील की सलाह ज़ुरूर ले लेनी चाहिये।

Avinash Kumar
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Ice in my veins. 🧊

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जवाब दिया गया01/09/22

जो व्यक्ति सिर्फ शारीरिक संबंध के द्वारा एक दूसरे के बंधन में बंधे रहते हैं उनका रिश्ता बहुत जल्दी खत्म हो जाता है क्योंकि ऐसे लोगों की मांग होती है कि मुझे आए दिन नई चीज की जरूरत होती है क्योंकि उनका मन पुरानी चीजों से कुछ जाता है इसलिए उनका रिश्ता शादी के कुछ महीनों बाद ही कमजोर हो जाता है कुछ लोगो को रिश्ते निभाने के लिए समय नहीं मिल पाता है अपने काम में इतना व्यस्त रहते हैं एक दूसरे के लिए समय नहीं निकाल पाते इसलिए उनके रिश्तो में दरार आ जाती है और वे एक दूसरे से दूर चले जाते हैं। और कुछ लोगों की शादी के बाद मुझे इसलिए कम हो जाती है क्योंकि उनका मन एक दूसरे से नहीं मिलता है परिवार में मेल नहीं खाता और बच्चों को लेकर बढ़ती जिम्मेदारियां लोगो में तनाव पैदा कर देती है और परस्पर मित्रता के अभाव के कारण भी रिश्ता जल्दी टूट जाता है।लेख की तस्वीर

Krishna Patel
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जवाब दिया गया09/10/21

आजकल के जमाने में पति और पत्नी दोनों प्रोफेशनल होते हैं और उनके ऑफिस में कब कोई उनका दोस्त बन जाए और कब उनके बीच प्रेम का बीज उग आए पता ही नहीं चलता है और कभी-कभी ये दोस्ती प्रेम से लेकर शादी तक पहुंच जाती है और इससे भी ज्यादा इतने करीब आ जाते हैं कि अपनी पत्नी और पति अपनी पत्नी को और पत्नी अपने पति को भूल जाते हैं।
इस तरह से पति अपनी पत्नी के प्रति प्यार को खो देता है और किसी और के साथ संबंध रखने लगता है। ऐसा अक्सर देखने को मिलता है की पत्नी घर पर अपने पति का इंतजार कर रही होती है लेकिन पति कभी कभी रात को घर देर से आता है या फिर कभी-कभी ऑफिस जाने के बहाने अपनी प्रेमिका को लेकर किसी होटल में खाना खाने के लिए जाता है पत्नी की लॉयल्टी पति के लिए कोई मायने नहीं रखती है क्योंकि उसके साथ अब कोई और रहता है। ऐसे रिश्ते पति पत्नी के तलाक तक पहुंच जाते हैं और रिश्तो को दबा देते हैं यह स्थिति इतनी भयावह हो जाती है क्योंकि इंसान डिप्रेशन में चला जाता है और कुछ समझ नहीं आता कभी-कभी तो ऑफिस की प्रेमिका भी साथ छोड़ देती है और पत्नी से भी तलाक हो जाता है दोनो तरफ से इंसान खाई में गिर जाता है।
आज के जमाने में प्यार का नाम प्यार नहीं रहा यह सेक्स के नाम में तब्दील हो गया है।
कभी-कभी पति अपनी पत्नी के प्रति प्यार को इसलिए भी कम कर देता है क्योंकि उसे अपनी पत्नी पर बेवजह शक होने लगता है या फिर हो सकता है कि उसकी पत्नी सच में किसी और के साथ प्रेम संबंध रखने लगी हो क्योंकि पति और पत्नी दोनों प्रोफेशनल होते हैं तो फिर पत्नी के भी किसी और के साथ संबंध हो सकते हैं और यह संबंध पति पत्नी के तलाक में बदलने लगते हैं। विवाह एक अटूट रिश्ता होता है जो इतनी आसानी से टूट जाता है सिर्फ और सिर्फ एक शक की वजह से या फिर जिंदगी में किसी और के होने की वजह से।

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