अप्रैल 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का मुख्य कारण US Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी और डॉलर इंडेक्स (Dollar Index) का मजबूत होना है। निवेशकों के लिए यह एक 'Buying Opportunity' हो सकती है, क्योंकि लॉन्ग-टर्म में जिओ-पॉलिटिकल अनिश्चितताओं के कारण कीमती धातुओं के दाम फिर से बढ़ने की उम्मीद है।
सोने की कीमतों में आई यह गिरावट भारतीय निवेशकों के लिए काफी चौंकाने वाली रही है। पिछले कुछ महीनों से सोना ₹80,000 प्रति 10 ग्राम के पार ट्रेड कर रहा था, लेकिन वैश्विक बाजारों में आई अस्थिरता ने कीमतों को नीचे खींच लिया है।
गिरावट के 3 बड़े कारण:
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Strong Dollar: जब अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, तो अन्य मुद्राओं (जैसे रुपया) में सोने की कीमत कम हो जाती है, जिससे मांग में थोड़ी गिरावट आती है।
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Profit Booking: शेयर बाजार में आई हालिया तेजी के कारण कई बड़े निवेशकों ने सोने से अपना पैसा निकालकर स्टॉक्स में लगाया है (Profit Booking), जिससे सोने की कीमतों पर दबाव बना है।
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Central Bank Policy: दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीदारी की रफ्तार थोड़ी धीमी की है, जिसका सीधा असर मार्केट सेंटीमेंट पर पड़ा है।
Investment Advice: अगर आप शादी-ब्याह या लॉन्ग-टर्म सेविंग के लिए सोना खरीदना चाहते हैं, तो यह 'Buy on Dips' की सबसे अच्छी रणनीति है। चांदी (Silver) के मामले में, इंडस्ट्रियल डिमांड बढ़ने वाली है, इसलिए चांदी में निवेश भविष्य में बेहतर रिटर्न दे सकता है।





