Astrology beliefs के अनुसार साढ़े-साती के दौरान लोग Saturday को कुछ चीजें avoid करने की सलाह देते हैं जैसे unnecessary fights, dishonesty, alcohol abuse या दूसरों को hurt करना। कई लोग इस दिन patience, discipline और charity पर focus करते हैं। कुछ traditions में तेल दान, Hanuman Chalisa या spiritual practices भी common हैं। Honestly, अलग-अलग astrologers और families के rules अलग हो सकते हैं। बहुत लोग इसे fear की बजाय self-discipline और positive habits से जोड़कर follow करते हैं।
जिन पर शनि की साढ़े-साती चल रही हो,उनको शनिवार को कौन से काम नहीं करने चाहिए ?
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शनि का नाम सुनते ही लोगों के मन में डर पैदा हो जाता है क्योंकि शनि को क्रूर देवताओं के नाम से जाना जाता है कहते हैं कि यदि किसी की राशि में शनि की साढ़ेसाती आ जाती है तो उसका जीवन दुखों से भर जाता है ऐसे में आज हम आपको यहां पर बताएंगे कि जिन राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही हो उन्हें शनिवार के दिन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए यहां पर इसकी जानकारी देंगे।
दोस्तों शनिवार के दिन भूलकर भी सरसों का तेल नहीं खरीदना चाहिए।
शनिवार के दिन काले तिल को नहीं खरीदना चाहिए।
इसके अलावा शनिवार के दिन लोहा या लोहे से बनी हुई कोई भी चीज नहीं खरीदनी चाहिए।
जिन व्यक्तियों की कुंडली मे शनि की साढ़े -साती चल रही हो, उनको शनिवार के दिन ये काम नहीं करना चाहिए जैसे कि शनिवार के दिन काले तिल किसी क़ो दान नहीं देना चाहिए तथा मांस,शराब, सिरगेट आदि चीजों का सेवन मुख्य रूप से शनिवार के दिन नहीं करना चाहिए क्योकि यदि आप इन चीजों का सेवन करते है,तो शनिदेव आप पर क्रोधित होंगे और आपक़ो आपने जीवन मे और आर्थिक अधिक संकटो का सामना करना पड़ सकता है।

हिन्दू धर्म में सभी ग्रहो को देव माना जाता है और सभी का अपना एक स्थान है | जितने भी ग्रह हिन्दू धर्म मे है उनका अपना अपना प्रकोप व फायदा है | ये ग्रह मानव जीवन मे उनके जन्म के साथ ही जुड़ जाते है | अब वो अच्छे है या बुरे ये उन ग्रहो की स्तिथि पर निर्भर होता है | आपके ग्रह व सितारे ही आपके वर्तमान व भविष्य तय करते है |
वैसे तो सभी ग्रह अपने आप मे महत्व रखते है परन्तु सबसे महत्वपूर्ण ग्रह शनि को माना जाता है | शनि का नाम आते ही लोगो के मन मे डर बैठ जाता है | पर उसके बाद भी लोग उसका उपाय नहीं करते वो अपनी लाइफ मे इतना व्यस्त होते है के उनको समय नहीं मिलता | परन्तु अगर उनकी लाइफ मे कुछ बुरा होता है तो वो भगवन को दोषी मानते है | शनि दोष भी कुंडली मिलाप में महत्वपूर्ण माना जाता है। यह जन्म के समय शनि की स्थिति पर निर्भर करता है।
शनि के प्रकोप से कैसे बचे :-
1 . शनि देव को प्रसन्न करने के लिए उनके इस श्लोक का जाप करे जिनमे उनके 10 नाम शामिल हो जाते है |
"कोणस्थ पिंगलो बभ्रु: कृष्णो रौद्रोन्तको यम:।
सौरि: शनैश्चरो मंद: पिप्पलादेन संस्तुत:।।"
2 . सुबह सूर्योदय से पूर्व पीपल के पेड़ पर जल चढ़ाए और सरसो के तेल का दिया लगाए |
3 . शाम सूर्य अस्त होने के बाद पीपल के पेड़ पर सरसो तेल का दिया जलाए |
4 . पुरुष वर्ग शनि देव के मंदिर जाकर उन पर सरसो तेल चढ़ा सकते है | परन्तु महिलाओ को ये अनुमति नहीं है |
5. शनिवार के दिन कुष्ट रोगियों को भोजन करवाए और काली दाल व सरसो तेल दान दे |
6. काले घोड़े की नाल की अंगूठी बना कर पहने |
7. मंगलवार हनुमान जी के सामने तिल के तेल का दिया जलने से भी शनि का प्रकोप काम होता है |
सावधानी :-
" एक बात का विशेष ध्यान दे शनि देव का पूजन केवल सूर्योदय से पहले और सूर्य अस्त के बाद ही करे ,ऐसा करने से शनि देव का प्रकोप आपकी राशि से कम हो जाएगा और आपको लाभ मिलेगा "
जिन व्यक्तियों की कुंडली मे शनि की साढ़े -साती चल रही हो उन लोगो क़ो शनिवार के दिन प्याज, लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए यदि वह फिर भी प्याज, लहसुन सेवन करते है तो शनिदेव उन पर अत्यधिक क्रोधित होंगे और उनके जीवन मे बहुत सी परेशनियाँ आएगी।
इसके अलावा जिन व्यक्तियों की कुंडली मे शनि की साढ़े -साती चल रही उन्हें शनिवार के दिन चमड़े से बनी वस्तुओ क़ो खरीदने से बचना चाहिए।

