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राम मंदिर की क्या-क्या विशेषताएं हैं?

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| Updated on January 6, 2024 | news-current-topics

राम मंदिर की क्या-क्या विशेषताएं हैं?

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@himanisaini3127 | Posted on January 5, 2024

राम मंदिर की क्या-क्या विशेषताएं हैं?

दोस्तों राम जन्मभूमि अयोध्या में बनने वाले श्री राम मंदिर के बारे में आप सब ने सुना ही होगा। अयोध्या में बन रहे इस राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी को होने वाला है। उद्घाटन कार्यक्रम के लिए पूरे शहर में जोरदार तैयारी चल रही है तथा देश-विदेश के लोग उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रहे है। अयोध्या में बना यह राम मंदिर बाकी मंदिरों से काफी भव्य और अलग होने वाला है। आज के इस आर्टिकल में हम श्री राम मंदिर की क्या-क्या विशेषताएं हैं इस बारे में विस्तारपूर्वक चर्चा करेंगे। राम मंदिर की सारी विशेषताओं को सरलता पूर्वक समझने के लिए आर्टिकल को अंत तक अवश्य पढ़ें।

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राम मन्दिर की विशेषताएं:-

1) अयोध्या में बनने वाले राम मंदिर की लंबाई 380 फिट रहेगी और चौड़ाई तथा ऊंचाई क्रमशः 250 फीट कमा 161 फिट रहेगी। इसके साथ ही मंदिर तीन मंजिला होगा और प्रत्येक मंजिल 20 फीट ऊंची होगी। इसके अलावा मंदिर में कुल 40 द्वारा एवं 392 खंभे होंगे।

2) मंदिर को परंपरागत नागर शैली में बनाया जा रहा है। नागर शैली में संपूर्ण मंदिर एक पत्थर के चबूतरे पर बनाया जाता है तथा ऊपर जाने के लिए सीढ़ियां भी बनाई जाती है। जिसके कारण मंदिर काफी खूबसूरत दिखता है।

3) श्री राम मंदिर में राम का बाल रूप भी होगा जो की राम मंदिर के मुख्य गर्भ गृह में होगा तथा मंदिर के पहले मंजिले पर श्री राम दरबार को बनाया गया है। इसके अलावा मंदिर में कुल पांच मंडप भी बनाए गए हैं जिनके नाम नित्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप प्रार्थना मंडप एवं कृतन मंडप है।

4) मंदिर के कुल 392 खंभो व दीवारों पर देवी देवताओं के चित्र उकेरे गए हैं। मंदिर के चारों ओर परकोटा भी बनाया गया है तथा चारों कोनों पर सूर्य देव, माँ भगवती, गणपति और भगवान शिव के मंदिर का निर्माण किया जाएगा तथा मंदिर के दक्षिणी भाग में श्री राम के प्रिय भक्त हनुमान जी का मंदिर रहेगा।

5) मंदिर परिसर में साफ सफाई की भी पूरी व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में स्नानागार, शौचालय, वॉश बेसिन, नल आदि की सुविधाएं है। इसके अलावा विकलांग एवं वृद्ध लोगों के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है। दर्शनार्थियों के सामान रखने तथा उनके स्वास्थ्य का देखभाल करने के लिए के लिए एक दर्शनार्थी सुविधा केंद्र का भी निर्माण किया गया है। इस दर्शनार्थी सुविधा केंद्र की क्षमता 25000 लोग हैं यानी कि यह दर्शनार्थी सुविधा केंद्र इतना बड़ा है कि एक बार में यहां 25000 लोग ठहर सकते हैं।

6) देवी देवताओं के मंदिर के अलावा श्री राम मंदिर परिसर में कुछ ऋषि मुनियों के भी मंदिर स्थापित किए गए है। जिनमें महर्षि वाल्मीकि, महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, निषादराज के नाम शामिल है। इसके अलावा माता शबरी एवं देवी अहिल्या के भी मंदिर बनाए गए है।

7) श्री राम मंदिर की सबसे मुख्य बात यह है कि इस मंदिर को बनाने में लोहे का इस्तेमाल बिल्कुल भी नहीं किया गया है तथा मंदिर के नीचे 14 मीटर मोटी कंपैक्टेड कंक्रीट बिछाई गई है। जिसे कृत्रिम चट्टान का रूप दिया गया है। लेकिन जमीन के ऊपर कंक्रीट का इस्तेमाल नहीं किया गया है।

8) मंदिर के निकट पौराणिक काल का एक सीताकुप भी विद्यमान रहेगा तथा मंदिर के दक्षिणी पश्चिमी भाग में जटायु के मंदिर की भी स्थापना की गई है।

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दोस्तों श्री राम मंदिर के इन विशेषताओं का खुलासा स्वयं श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अपने ट्विटर पर किया है तथा इसके साथ ही राम मंदिर का एक ढांचा भी सबके साथ साझा किया है।

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@sonamsingh1730 | Posted on January 5, 2024

हमारे भारत देश की उत्तर प्रदेश राज्य के अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के उद्घाटन में अब बस कुछ ही दिन बचे हैं। हमारे भारत देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर में रामलाल की प्राण प्रतिष्ठा के पवित्र कार्यक्रम को पूरा करेंगे। परंपरागत नगर शैली में तैयार किए गए राम मंदिर की सुंदरता देखने योग्य है। तो चलिए हम आपको आज इसकी खासियत बताते हैं कि आखिर राम मंदिर की क्या-क्या खासियत है।

चलिए हम आपको राम मंदिर की क्या-क्या विशेषताएं हैं इसकी जानकारी देते हैं:-

मैं आपको बता दूं कि राम मंदिर ट्रस्ट ने एक पर जानकारी दी है कि मंदिर परंपरागत नागर शैली में बनाया जा रहा है। जिसमें मंदिर की लंबाई 380 फुट, चौड़ाई 250 फुट और ऊंचाई 161 फुट है। इतना ही नहीं तीन मंजिला मंदिर में प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई 20 फुट जहां कुल 352 खंबे और 44 द्वारा बनाए गए हैं।

मैं आपको बता दूं की मुख्य गर्भगृह मैं प्रभु श्री राम का बाल स्वरूप और प्रथम तल पर श्री राम दरबार बनाया गया है मंदिर में पूर्व दिशा में 32 सीढ़ियां चढ़कर सिंह द्वारा से प्रवेश किया जा सकेगा।

आपको यह बात जानकर हैरानी होगी की मंदिर के 70 एकड़ क्षेत्र में से 70% क्षेत्र हमेशा हरा भरा रहेगा। मैं आपको बता दूं कि मंदिर में लोहे का उपयोग नहीं किया गया है और ना ही धरती के ऊपर कंक्रीट बिछाई गई है।

इसके अलावा मंदिर में पांच मंडप भी बनाए गए हैं।

मंदिर परिसर में स्नानागार, शौचालय,वॉश बेसिन, ओपन टैक्स आदि की सुविधा भी रहेगी। रामलाल की मंदिर का निर्माण पूर्णतया भारतीय परंपरा अनुसार व स्वदेशी तकनीक से किया जा रहा है।

मैं आपको बता दूं कि रामलाल प्राण प्रतिष्ठा मंदिर का निर्माण लगभग 80 फिसदी कार्य पूरा हो चुका है।

और 22 जनवरी को इस मंदिर का उद्घाटन होने वाला है।

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