कथाओं के अनुसार जब Krishna ने अपना देह त्याग किया, तो Radha जी पर इसका बहुत गहरा असर पड़ा। कहा जाता है कि वे अंदर से पूरी तरह टूट गई थीं, क्योंकि उनका जीवन ही कृष्ण के प्रेम और भक्ति में था।
इसके बाद राधा जी ने सांसारिक जीवन से दूरी बना ली और पूरी तरह भक्ति में लीन हो गईं। कुछ मान्यताओं के अनुसार, उन्होंने भी अंत में अपना शरीर त्याग दिया।
कहानी का सार यह है कि राधा और कृष्ण का रिश्ता केवल सांसारिक नहीं था, बल्कि आत्मा का संबंध था, इसलिए अंत में उनका मिलन आध्यात्मिक रूप से माना जाता है।





