आज भी आयुर्वेदिक ईलाज़ सफल है क्यों ? - Letsdiskuss
img
Download LetsDiskuss App

It's Free

LOGO
गेलरी
प्रश्न पूछे

अज्ञात

पोस्ट किया 17 Mar, 2020 |

आज भी आयुर्वेदिक ईलाज़ सफल है क्यों ?

Ramesh Kumar

Marketing Manager | | अपडेटेड 21 Sep, 2020

"आयुर्वेद" जिसके नाम से ही शुद्धता झलकती है । आज हमारा विषय है "आयुर्वेद आज के समय में भी सफल क्यों है ?" इससे पहले की हम आपको ये बताएं कि आयुर्वेद का इलाज़ सफल क्यों हैं, हमें लगता है पहले ये जानना जरुरी है कि आयुर्वेद है क्या और मानव जीवन को यह किस तरह प्रभावित करता है ? तो चलिए पहले बात करते हैं आयुर्वेद के बारें में -
आयुर्वेद को हम प्रकर्ति का एक अनमोल उपहार कहें तो ये ग़लत नहीं होगा । आयुर्वेद इलाज़ की, हजारों साल पुरानी और एक सफल प्रक्रिया है, जो आज भी सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है । कहते हैं न "कुछ चीज़ें जीवन में सदैव के लिए छाप छोड़ जाती हैं " तो ऐसा ही है आयुर्वेद ।

(इमेज -गूगल)

आयुर्वेद शब्द देखा जाए तो दो शब्दों का एक सुंदर मेल है, आयुष्+वेद जिसका अर्थ "जीवन विज्ञान" से माना जाता है, और अगर बात करें अंग्रेज़ी भाषा की तो इसका अर्थ "Science of Life" होता है । आज वर्तमान में जितनी बीमारियां है,उतने ही उनके इलाज़ है, परन्तु पहले के समय में बीमारी कैसी भी हो इलाज़ सिर्फ आयुर्वेद के पास होता था, और इतना ही नहीं यह बहुत ही असरदार और एक सफल इलाज के रूप में हमेशा सामने आया है , क्योंकि अगर वर्तमान समय में देखें तो आज भी लोग आयुर्वेद पर भरोसा करते हैं ।

क्यों है आयुर्वेद एक सफल ईलाज़ ?
क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है, कि आपको बुखार आने पर अगर आप डॉक्टर के पास दवा जाते हैं, तो वो आपको केवल एक टेबलेट नहीं देते, बल्कि एक के साथ 2 टेबलेट और दे देते हैं। क्या बात है "एक के साथ 2 फ्री " हम कभी पूछते ही नहीं ऐसा क्यों हमें तो सिर्फ बुखार है, ये 3 टैबलट किसके लिए ? 1 टेबलेट तो बुखार की होती है,परन्तु 2 टेबलेट वो होती हैं जिनसे बुखार की दवा का कोई साइड इफ़ेक्ट न हो । अब बात करते हैं आयुर्वेदिक ईलाज़ की, आज के समय में आयुर्वेदिक ईलाज़ इसलिए सफल है क्योंकि आयुर्वेद के उपचार में सभी प्राकर्तिक चीज़ों का प्रयोग किया जाता है । आयुर्वेदिक दवाइयों में प्रयोग की जाने वाली सामग्री पूरी तरह शुद्ध और प्राकर्तिक है, जिसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट नहीं होता ।

अगर आज के समय की बात करें तो ऐसी कौन सी बीमारी है जिसका आयुर्वेद में ईलाज़ संभव नहीं है । डायबटीज़ से लेकर heart block जैसी गंभीर समस्या का ईलाज़ भी आज आयुर्वेद में है । कई बीमारी ऐसी है जिनका ईलाज़ अलोपेथिक में नहीं है पर आयुर्वेद में है । ऐसी कई बीमारी है, जिनका इलाज आयुर्वेद की मदद से किया जा रहा है वो बिना नुक्सान के साथ। जैसे कि किडनी की समस्या को ही ले लो । किडनी की समस्या कोई आम समस्या नहीं है, यह बहुत ही गंभीर समस्या है और यह जितनी गंभीर है, उतना ही हम इसको नज़रअंदाज़ करते हैं ।  

अगर किडनी प्रॉब्लम को लेकर पिछले रिकॉर्ड देखें जायें तो किडनी की परेशानी से हुई मौत में बढ़ोतरी देखी गई है । करीब 14 प्रतिशत महिलाएं और 12 प्रतिशत पुरूष इस किडनी समस्या से परेशान हैं। लोग किडनी में हो रही परशानी को समझ नहीं पाते और डॉक्टर के पास जाने में देर लगा देता हैं , इसका नतीजा यह होता है कि परेशानी बढ़ जाती है और ईलाज़ में देर हो जाती है । अगर किडनी की प्रॉब्लम समय पर समझी जाए और सही इलाज लिया जाए तो आप इस परेशानी से निजात पा सकते हैं और ईलाज़ अगर आयुर्वेदिक हो तो बात ही क्या, एक दम शुद्ध और सफल ईलाज़ ।

किडनी की परेशानी को कैसे समय पर समझें ?
अक्सर हम अपने काम को लेकर इतना व्यस्त होते हैं कि अपने स्वास्थ पर ध्यान नहीं देते । सर्दी -ज़ुखाम जैसी समस्या में भी हम सिर्फ एक दवा ले लेते हैं और बस हो गया । इसके बाद हम ये एक बार नहीं सोचते कि हो सकता है कि यह दवा में अंदर से कुछ और नुक्सान पंहुचा रही है, और सोचें भी क्यों, इतना समय कहाँ है हमारे पास । हमारा अपने स्वास्थ पर ध्यान न देना ही किडनी जैसी समस्या को जन्म देता है ।

 - युरिनरी फंक्शन :-
सबसे पहले बात करते हैं यूरिनरी फंक्शन में बदलाव के बारें में ,अगर किडनी में किसी भी प्रकार की समस्या होती है तो पेशाब के रंग में आपका पेशाब जाने का समय इन दोनों चीज़ों में बदलाव होता है । इसके अलावा पूरी रात पेशाब न जाना, हर वक़्त पेशाब लगने जैसा महसूस होना परन्तु पेशाब न होना, पेशाब में खून आना और जलन जैसी परेशानी । अगर किसी को ऐसी कुछ परेशानी होती है तो इसका साफ़-साफ़ मतलब यह होता है कि आप किडनी की समस्या से जूझ रहे हैं ।

- शरीर में सूजन :-
जैसा कि शरीर में हर अंग का अपना एक निश्चित काम होता है, वैसे ही किडनी का भी अपना एक काम होता है और यह बहुत ही महत्वपूर्ण होता है । शरीर की गंदगी को बाहर करना , यह किडनी का प्रमुख काम है । किडनी जब स्वस्थ है, तो आपके शरीर का हर अंग सही तरीके से काम कर रहा है, परन्तु जहां सूजन जैसी परेशानी का सामना आपके शरीर ने किया तो वहाँ समझ लीजिये कि आपकी किडनी में कुछ तो गड़बड़ है ।

- कमजोरी महसूस होना :-
अक्सर लोग कमजोरी महसूस करते तो हैं, पर इस बात पर ध्यान नहीं देते , क्यों दे ध्यान क्योंकि हम तो सुपरमैन है । कमजोरी है कोई बात नहीं सुबह नाश्ता नहीं किया होगा, या दोपहर में खाना समय पर नहीं खाया ऐसे ही कई सारे बहाने हमारे पास अक्सर तैयार रहते हैं । पर क्या हम इस समस्या पर बैठकर विचार करते हैं कि आखरी ऐसा क्यों हो रहा है ? कमजोरी महसूस हो रही है और हमें बार-बार चक्कर आ रहा है । ऐसा क्यों ? हम कभी नहीं सोचते । कैसे सोचें , समय नहीं है न, पर इस समय न होने के कारण हम अपना क्या नुक्सान कर रहे हैं जानते हैं ? किडनी में होने वाली परेशानी से शरीर की गंदगी बाहर नहीं होती और जिसके कारण खून में कमी होती है , इसलिए कमजोरी और बार-बार चक्कर आना । अब इस परेशानी को तो समझें ईलाज़ करवाएं ।

- पीठ में दर्द :- 
दर्द होना एक आम समस्या है, आय दिन कमर दर्द, पीठ दर्द, सिर दर्द और इन सबसे दिमाग में भी दर्द । ऑफिस में काम करने वालों को अक्सर ऐसी दर्द का सामना करना पड़ता है, और हम इन बातों पर ध्यान नहीं देते । सोचते हैं कि आज काम ज्यादा था ऑफिस में इसलिए दर्द हो गया बैठे-बैठे । अगर आपके पीठ और पेट के साइड में दर्द बेवजह ही बना रहे तो यह किडनी की समस्या हो सकती है । समय पर ईलाज़ ही बचाव है , इस बात का ध्यान रखें ।

आप किडनी की परेशानी को प्राकर्तिक रूप से दूर करना चाहते हैं तो इसके लिए आपको अपने रोज के खाने में कुछ चीज़ों को शामिल करना होगा । आइये आपको बताते हैं कि आप अपने दैनिक जीवन में किन चीज़ों को शामिल करें -

नीम और पीपल :- 
अगर आप किडनी में होने वाली समस्या से छुटकारा पाना चाहते हैं तो आपको अपने नियमित खाने में पीने की चीज़ों में नीम और पीपल को शामिल करना होगा । जी हाँ! नीम और पीपल की छाल को पीसकर उसको पानी में डालकर उबालें और उसका काढ़ा बना कर पीएं । पीने में यह थोड़ा कड़वा जरूर होता पर यह उतना ही असरदार साबित होगा । अगर आप यह प्रक्रिया एक हफ्ते लगातार करते हैं तो आप किडनी में होने वाली परेशानी से बच सकते हैं ।

गेहूं की घांस :- 
सही कहते हैं - प्रकर्ति अपने अंदर कई राज़ छुपाए बैठी है, ऐसा ही एक राज गेहूं की घांस का है । गेंहूं की घांस को उबाल कर उसका पानी पीने से किडनी की समस्या दूर होती है । यह बहुत ही लाभदायक और पूरी तरह प्राकर्तिक है

बालों से लेकर त्वचा का ध्यान रखने वाले एलोवीरा का एक और रूप यह भी है, ये शायद कोई नहीं जानता । जी बिलकुल सही पहचाना आपने एलोवीरा सिर्फ बालों और त्वचा का ही नहीं बल्कि किडनी का भी ख़्याल रखता है । अगर आप नियमित रूप से एलोवीरा जूस पीते हैं तो यह आपकी किडनी के लिए भी लाभदायक साबित होता है ।

तो आप अपने जीवन में आयुर्वेद कब शामिल कर रहे हैं ।