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Sks Jain· 5 years ago
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मनुष्य स्वार्थी क्यों होता जा रहा है?

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दोस्तों आपने सुना ही होगा कि मनुष्य स्वार्थी होता जा रहा है पर ऐसा क्यों हो रहा है आज इस पोस्ट में हम आपको बताएंगे दरअसल आज के वर्तमान समय में मनुष्य केवल अपने बारे में ही सोचता है और अपनी जरूरतों को पाने के लिए वह किसी को भी अपना मित्र बना सकता है और जरूरत खत्म होने पर वह उसी मित्र को पहचानने से भी इंकार कर देता है इसीलिए लोग कहते हैं कि मनुष्य स्वार्थी होता जा रहा है।

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Answered by
V
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Answered on07/26/23
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मनुष्य इसलिए स्वार्थी होता जा रहा है, क्योंकि आज के समय हर व्यक्ति आपने बारे मे सोचता है वह किसी के बारे मे नहीं सोचता है। आपने स्वार्थ के लिए लोगो से मतलब रखता है ज़ब तक अपना काम रहता है दुसरो व्यक्तियों से अपना काम निकलवाने के लिए मतलब रखता है और ज़ब उनका अपना खुद काम निकल जाता है, तो दूसरे अन्य व्यक्ति से पूरी तरह से बात करना बंद कर देता है क्योकि ऐसे लोग स्वार्थी होते है।Article image

Answered by
M
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Answered on07/25/23
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अपनी जरूरतों को सबसे पहले रखते हुए इतने सारे लोग आजकल इतने स्वार्थी क्यों लगते हैं? कोरोनावायरस ने न केवल हमारी आबादी को खत्म कर दिया है और जीवन को चिंताजनक स्थिति में डाल दिया है, यह चरित्र की परीक्षा भी है। एक ऐसी परीक्षा, जिसमें कुल मिलाकर हम असफल होते दिख रहे हैं। लोग मास्क पहनने, महामारी के वास्तविक तथ्य, ज़बरदस्त नस्लवाद और पुराने स्मारकों को लेकर एक-दूसरे के गले मिलते हैं, जबकि यह सब दूसरों के लिए शुद्ध स्वार्थ से प्रेरित प्रतीत होता है – राजनीतिक स्पेक्ट्रम के सभी पक्षों से आने वाली भावना। यह स्वार्थी व्यवहार कहां से आता है, संकटों की एक श्रृंखला से बढ़ गया है?


शुरुआत के लिए, कुछ हद तक, आत्म-उन्मुख होना स्वाभाविक है। आखिर हम और क्या जानते हैं? हम अपनी दुनिया के केंद्र में हैं, हमेशा अहंकार को मजबूत करना चाहते हैं। 1600 के दशक में अंग्रेजी दार्शनिक थॉमस हॉब्स ने तर्क दिया कि स्वार्थ सबसे मौलिक मानवीय प्रेरणा है। लेकिन जरूरी नहीं कि हमारे दिमाग में स्वार्थ के लिए काम करना ही एकमात्र चीज हो। जैसा कि अनुसंधान ने दिखाया है, मानव व्यवहार को परोपकारिता और नैतिक विचारों से प्रेरित किया जा सकता है। तो किस बिंदु पर स्वस्थ आत्म-देखभाल और आत्म-प्रेम की सही मात्रा स्वार्थ बन जाती है, एक विशेषता जिसे हम नकारात्मक रूप से आंकते हैं?



Answered by
A
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Answered on05/30/21
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  1. मानव के स्वार्थी होने के अनेकों कारण है। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में देखे तो मानव भौतिक सुखों के पीछे भागते रहते हैं। हर किसी के मन में एक होड़ सी लगी है। और इसी होड़ में लगे रहने के कारण मानव मानसिक सुख की प्राप्ति नहीं कर पा रहा है। हर कोई अपने विपक्षी से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। और इस प्रतिस्पर्धा में है वह इतना स्वार्थी हो गया है कि वह अपने स्वार्थ के लिए कुछ भी कर देता है। तो हर किसी से प्रतिस्पर्धा होना। मानव के लिए एक स्वार्थ का विषय बन गया है। 

Answered by
A
Society & Culture Explorer
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I am a student and I love art study

Answered on05/28/21
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चलिए हम आपको बताते हैं कि आज कल के मनुष्य इतने अधिक स्वार्थी क्यों होते जा रहे हैं दरअसल इसके पीछे का कारण यह है कि मनुष्य अपनी भागदौड़ की जिंदगी में इतना अधिक व्यस्त हो गया है कि उसके पास खुद के लिए तो समय रहता ही नहीं तो दूसरों के लिए क्या समय निकालेगा, इसलिए आज के समय का मनुष्य खुद का काम देखता है कि पहले खुद का काम किया जाए बाद में दूसरों का हो या ना हो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। इसलिए कहते हैं कि आज के समय का मनुष्य स्वार्थी हो गया है।

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Answered by
Krishna Patel
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Answered on07/27/23
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