नाच न जाने आगँन टेढा का मतलब होता है कि कोई काम हम न कर पाये तो उस काम का ही अवगुण निकाल दे ।
जैसे कि शुभम कार न चला पा रहा हैै तो कार को ही खराब बता दिया ।
नाच न जाने आँगन टेढ़ा - मुहावरा का अर्थ क्या है?
नाच ना जाने आँगन टेढ़ा - कोई काम नहीं जानना या कोई काम सही ढंग से ना आने का बहाना।
लोकोक्ति का वाक्यों मे प्रयोग-
संगीता सबसे बोलती फिरती कि उससे बहुत अच्छा डांस करते आता है, लेकिन ज़ब उसकी भाभी ने कहा कि कल मेरे बेटे जन्मदिन है संगीता डांस करने के लिए जरूर आना तो ज़ब डांस करने का समय आया तो संगीता मे बहाना बना लिया कि बहुत लोग है मुझे डांस करने मे अच्छा नहीं लग रहा है यह तो वही बात हो गई नाच ना जाने आँगन तो टेढ़ा।
हिंदी भाषा में यह एक बहुत प्रसिद्ध मुहावरा है, जिसका उपयोग रोज़मर्रा की बातचीत में भी किया जाता है। इस मुहावरे का अर्थ है अपनी कमी या अयोग्यता को छिपाने के लिए दूसरों या परिस्थितियों को दोष देना।
जब कोई व्यक्ति खुद किसी काम को ठीक से नहीं कर पाता, तो वह अपनी गलती मानने की बजाय बहाने बनाता है। उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति नाचना नहीं जानता और कहे कि जगह ठीक नहीं है, तो यह इसी मुहावरे को दर्शाता है।
यह मुहावरा हमें सिखाता है कि अपनी गलती स्वीकार करना और सुधार करना जरूरी होता है। इस कहावत का प्रयोग ऐसे लोगों के लिए किया जाता है जो अपनी कमजोरी छिपाने के लिए बहाने बनाते हैं।





