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Himani Saini· 2 years ago
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मार्कशीट में डी का मतलब क्या होता है?

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Answered on02/17/24

हम सभी स्कूल जाते है वहा साल भर एक कक्षा मे पड़ते है। और अंत मे हमारी पढाई का एक परीक्षा होती है के हमने साल भर कक्षा मे रहकर क्या पढाई की , क्या सिखा। परीक्षा देने के बाद शिक्षक उस उत्तर पुस्तिका का अवलोकन करते है और हमे उसके अंक देते है। और आखिरी में वह सारे विषयो के अंक एक कागज पर लिखते है जो स्कूल के नाम और प्राध्यापक के हस्ताक्षर के साथ हमे कक्षा में उत्तीर्ण और अनुत्तीर्ण लिख कर हमे दिया जाता है। इसे मार्कशीट कहते है। 

जैसे जैसे हम आगे बढ़ते जाते है हर कक्षा मे हमे मार्कशीट दी जाती है। 

मार्कशीट मे कुछ विषयो के पीछे D लिखा होता है। क्या आप जानते है इसका क्या मतलब होता है? 

यदि आप इसका मतलब नही जानते तो इस लेख मे हम आपको यह जानकारी देंगे। 

दरअसल, मार्कशीट मे D का अर्थ Distinction होता है मतलब विशेष योग्यता। 

जैसे हमे हिंदी का ज्ञान अच्छा है और हमने तय अंको के परीक्षा के विषय मे अच्छे मार्क्स लाये तो यह हमारी विशेष योग्यता मे आयेगा। 

जैसे किसी विषय का परीक्षा पत्र 100 अंको का है और हमन उस विषय में 80 के ऊपर अंक प्राप्त किये तो हम उस विषय में विशेष योग्यता मिलेगी मतलब D । 

अब की मार्कशीट मे ग्रेड्स भी दिये जाते है। O ,A+ , A++ B  , B+ ऐसे बच्चों को ग्रेड्स में भी उनकी योग्यता को दर्शाया जाता हैं। 

मार्कशीट सभी बच्चों के लिए एक जरूरी दस्तावेज मानी जाती हैं। पिछली कक्षा में बच्चे का प्रदर्शन कैसा था यह उसकी पिछली कक्षा के मार्कशीट से पता लगाया जाता है। 

कॉलेज मे एडमिशन के समय 12th की मार्कशीट के अंको के आधार पर उसका चयन किया जाता है और पसंदीदा विषय दिया जाता है यदि वह उस अंको के सीमा मे आया है तो। 

 

 

 

Letsdiskuss

komal Solanki
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Answered on03/07/26

मार्कशीट में 'D' ग्रेड का मतलब आमतौर पर 'औसत' (Average) या 'संतोषजनक' (Satisfactory) प्रदर्शन होता है। यह दर्शाता है कि छात्र ने परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए आवश्यक न्यूनतम अंक प्राप्त कर लिए हैं, लेकिन उसका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा है।

विभिन्न बोर्ड्स के अनुसार 'D' का अर्थ:

  • अंक प्रतिशत: अधिकांश भारतीय शिक्षा बोर्डों (जैसे CBSE) में, 'D' ग्रेड उन छात्रों को दिया जाता है जिन्होंने 33% से 40% या 41% से 50% के बीच अंक प्राप्त किए हों।
  • पास या फेल: ग्रेड 'D' को आमतौर पर 'पास' माना जाता है। हालांकि, यदि किसी को 'D1' या 'D2' के बजाय 'E' या 'F' मिलता है, तो वह अनुत्तीर्ण की श्रेणी में आता है।
  • सुधार की गुंजाइश: यह ग्रेड संकेत देता है कि छात्र को संबंधित विषय में अपनी समझ बेहतर करने की आवश्यकता है।

ध्यान दें कि अलग-अलग विश्वविद्यालयों और प्रतियोगी परीक्षाओं में ग्रेडिंग सिस्टम थोड़ा भिन्न हो सकता है, इसलिए मार्कशीट के पीछे दिए गए निर्देशों को पढ़ना सबसे सही रहता है।

Ramesh Kumar
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