क्या आप जानते हैं मध्य प्रदेश में सबसे कम आबादी वाला शहर कौन सा है नहीं जानते होंगे आज मैं आपको यहां पर बताऊंगी कि मध्य प्रदेश में सबसे कम आबादी वाला शहर शाजापुर जिले का मक्सी शहर है 2011 के जनगणना के अनुसार इसकी आबादी मात्र 20, 008 है। इसका कुल क्षेत्रफल 19.19 वर्ग किलोमीटर है।जनसंख्या घनत्व1047 प्रति वर्ग किलोमीटर है। ऐसे शहर जिनकी आबादी 20,000 से लेकर 1 लाख के बीच तक है जबकि दूसरे ऐसे शहर जिनकी आबादी एक लाख से ऊपर है।
आज हम आपको यहां पर बताएंगे कि मध्य प्रदेश का कौन सा शहर सबसे कम आबादी वाला शहर है। जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल है। मध्य प्रदेश का सबसे अधिक आबादी वाला शहर इंदौर है और इसी के विपरीत मध्य प्रदेश का सबसे कम आबादी वाले शहर का नाम है शाजापुर जिले का मक्सी नामक शहर मध्यप्रदेश राज्य का सबसे कम आबादी वाला शहर है। 2011 के जनगणना के अनुसार इस शहर की आबादी मात्र 20,008 थी इस शहर का क्षेत्रफल कुल 19.19 वर्ग किलोमीटर है. तो आप अनुमान लगा लीजिए कि इस शहर की आबादी कितनी हो सकती है।
दोस्तों क्या आप जानते है कि मध्य प्रदेश में सबसे कम आबादी वाला शहर कौन सा है यदि चलिए हम आपको बताते हैं मध्य प्रदेश में सबसे कम आबादी वाला शहर नागदा है। मध्य प्रदेश भारत के मध्य में स्थित है जिसकी राजधानी भोपाल है मध्य प्रदेश की सीमा 5 राज्यों से लगती है जिसमें उत्तर प्रदेश छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान आता है। 2011 के जनगणना के हिसाब से मध्य प्रदेश सबसे अधिक आबादी वाला शहर इंदौर है जिसकी आबादी 3,276,697 है औऱ सबसे कम आबादी वाला शहर नागदा जिसकी जनसंख्या आबादी 100,036 है।

अगर इस सवाल का आसान जवाब दें, तो मध्य प्रदेश के सबसे कम आबादी वाले शहरों का आंकड़ा समय-समय पर जनगणना के अनुसार बदलता रहता है, इसलिए इसका सटीक उत्तर नवीनतम सरकारी आंकड़ों पर निर्भर करता है।
मध्य प्रदेश एक विशाल राज्य है, जहाँ इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों के साथ कई छोटे नगर भी मौजूद हैं, जिनकी आबादी काफी कम है। यही वजह है कि इस तरह के सवालों का जवाब अपडेटेड जनसंख्या डेटा के आधार पर देखा जाता है।
दिलचस्प बात यह है कि मध्य प्रदेश सिर्फ अपने शहरों की आबादी के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी पहचान के लिए भी काफी प्रसिद्ध है। अगर आप मध्य प्रदेश के बारे में और जानना चाहते हैं, तो यह भी दिलचस्प है कि मध्य प्रदेश को अन्य किन-किन नामों से जाना जाता है।
मध्य प्रदेश की खास पहचान
भारत का हृदय – देश के मध्य में स्थित होने के कारण
टाइगर स्टेट – बाघों की अधिक संख्या की वजह से
सोया स्टेट – सोयाबीन उत्पादन में अग्रणी होने के कारण
मध्य प्रदेश सिर्फ भौगोलिक रूप से ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान की वजह से भी बेहद खास राज्य है।