यह कहना सही नहीं होगा कि धोखा केवल लड़के देते हैं या केवल लड़कियां देती हैं। सच यह है कि धोखा किसी भी रिश्ते में कोई भी व्यक्ति दे सकता है। इसका संबंध लिंग (Gender) से कम और व्यक्ति के स्वभाव, सोच, परिस्थितियों और मूल्यों से अधिक होता है।
अक्सर लोग अपने व्यक्तिगत अनुभवों के आधार पर यह मान लेते हैं कि लड़के ज्यादा धोखा देते हैं या लड़कियां ज्यादा धोखा देती हैं। लेकिन वास्तविकता में ऐसा कोई सार्वभौमिक नियम नहीं है। दुनिया में ऐसे लाखों उदाहरण मिल जाएंगे जहां:
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लड़कों ने धोखा दिया
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लड़कियों ने धोखा दिया
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और ऐसे भी लोग हैं जिन्होंने पूरी ईमानदारी से रिश्ते निभाए
लोग धोखा क्यों देते हैं?
धोखे के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे:
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रिश्ते में भरोसे की कमी
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किसी और के प्रति आकर्षण
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झूठ बोलने की आदत
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भावनात्मक असंतोष
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स्वार्थ
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परिपक्वता की कमी
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संवाद की कमी
इन कारणों का किसी व्यक्ति के लड़का या लड़की होने से सीधा संबंध नहीं होता।
क्या सभी लड़के या लड़कियां एक जैसे होते हैं?
बिल्कुल नहीं। हर व्यक्ति अलग होता है। किसी एक व्यक्ति के गलत व्यवहार के आधार पर पूरे लड़का या लड़की वर्ग को दोष देना उचित नहीं है।
उदाहरण के लिए:
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कई लड़के अपने रिश्तों के प्रति पूरी तरह समर्पित होते हैं।
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कई लड़कियां भी रिश्तों को पूरी ईमानदारी से निभाती हैं।
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वहीं कुछ लोग भरोसा तोड़ देते हैं, चाहे वे किसी भी लिंग के हों।
रिश्ते में सबसे महत्वपूर्ण क्या है?
किसी भी स्वस्थ रिश्ते की नींव होती है:
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विश्वास
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ईमानदारी
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सम्मान
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खुला संवाद
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वफादारी
यदि ये चीजें मौजूद हों, तो रिश्ता मजबूत रहता है।
"धोखा कौन देता है – लड़का या लड़की?" का कोई एक सही उत्तर नहीं है। धोखा किसी भी व्यक्ति द्वारा दिया जा सकता है, चाहे वह लड़का हो या लड़की। इसलिए पूरे जेंडर को दोष देने के बजाय व्यक्ति के व्यवहार और चरित्र को देखना अधिक उचित है। रिश्तों में भरोसा और ईमानदारी ही सबसे महत्वपूर्ण होते हैं।
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