हनुमान चालीसएक बीज मंत्र है। इसे पढ़ने वाला व्यक्ति खुद को हनुमान जी से जुड़ा हुआ मानता है। हनुमान जी महादेव का अवतार है। पृथ्वी पर एक मात्र हनुमान जी ही है जो धरती पर विराजमान है।
हनुमान चालीसा की रचनागोस्वामी तुलसीदास जीने की थी। चालीसा की हर पंक्ति का एक विशेष अर्थ है। हर पंक्ति का अलग महत्व है।
हर रोज़ हनुमान चालीसा का पाठ करने से मनुष्य एकाग्र होता है। उसके जीवन की हर मुश्किल दूर होती हैं और उसे उनसे लड़ने की ताकत मिलती है। मन से नकारात्मकता दूर होती हैं । जैसा की प्रश्न किया गया है -
सब सुख लहे तुम्हारी सरना, तुम रक्षक काहू को डरना।इस दोहे का अर्थ है -
हनुमान जी आपकी शरण में आने पर सारे सुख मिल जाते है और जब आप मेरे रक्षक मेरी रक्षा कर रहे हो तो मुझे किस बात का डर है।
हनुमान चालीसा का नियमित पाठ करने से घर में सुख समृद्धि आती है। जब भी मन में भय लगता है चालीसा से यह भय दूर हो जाता हैं।
नासे रोग मिटे सब पीड़ा - सारे रोगों का नाश होता है। जब हमारा मन खुश तो तन खुश और जब हमारा तन खुश होगा तो हमे किसी भी तरीके की बीमारी या रोग ही नही होंगे। हनुमान जी की कृपा से हमे सभी पीड़ाओ से छुटकारा मिल जाता है।
संकट कटे मिटे सब पीड़ा -हनुमान जी के होते हुए संकट कैसे आ सकता हैं। जब भी आपको लगे संकट है चालिसा की इस दोहे को पढ़े आप खुद अपने अंदर एक नई शक्ति का संचार देखेंगे।
हनुमान चालीसा के हर दोहे में आप खुद में एक ऊर्जा को महसूस करते है। मन को शांति मिलती हैं। सब कार्यो में मन लगता हैं। चिंता से मुक्ति मिलती है। हनुमान जी सबका कल्याण करे। जय बजरंग बली।
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