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Updated on May 30, 2026health-beauty

मैं जानना चाहती हूँ के इंसान गलत को गलत सिर्फ कहता है वो उस गलती को रोकता क्यों नहीं ?

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5 Answers

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Bridging clinical medicine and everyday wellness — helping readers make informed...
Updated on May 30, 2026

कई बार लोग गलत चीज़ को पहचान तो लेते हैं, लेकिन उसे रोकने की हिम्मत या जिम्मेदारी महसूस नहीं कर पाते। डर, समाज का दबाव, अपने नुकसान का भय या “मुझे क्या” वाली सोच लोगों को पीछे रोक देती है। कुछ लोग विवाद से बचना चाहते हैं, इसलिए सिर्फ बोलकर अलग हो जाते हैं। वहीं कई बार इंसान को लगता है कि अकेले उसके बोलने या रोकने से कुछ बदलने वाला नहीं है। लेकिन सच यह भी है कि हर कोई ऐसा नहीं होता, कुछ लोग गलत के खिलाफ खड़े भी होते हैं। गलत को रोकना सिर्फ समझ की नहीं, बल्कि साहस, जिम्मेदारी और action लेने की बात भी होती है।

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ABOUT THE AUTHORDr. Aarav Gupta

Dr. Aarav Gupta is a practising physician with over 8 years of clinical experience, specialising in general medicine and dermatology-adjacent wellness. He holds an MBBS from All India Institute of Medical Sciences (AIIMS), New Delhi, and an MD in General Medicine from the same institution — credentials that place his health and beauty writing on a foundation of verified medical knowledge. His content covers evidence-based skincare, preventive health, nutrition, mental wellness, and the science behind beauty trends that are too often reported without clinical context. His work has been published on platforms including HealthShots, OnlyMyHealth, and Lybrate, where he contributes medical reviews, explainers, and practical health guidance grounded in current clinical evidence. With 8+ years of patient-facing practice behind his writing, Dr. Gupta brings a perspective that is rarely found in health and beauty content — one shaped by real clinical encounters, not just research papers. He is a registered member of the Indian Medical Association (IMA) and has spoken on health literacy and responsible medical communication at platforms including the India Health Summit. Across all his work, his standard remains consistent — every claim is grounded in medical evidence, every recommendation is one he would make to a patient, and no trend is reported without clinical scrutiny.

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Updated on May 27, 2026
ये मानव स्वाभाव होता है | जो गलत को गलत देखता जरूर है पर उसको उस गलत को रोकने की ताकत नहीं होती | जब कोई बाहरी इंसान कोई गलती करता है तो हम सोचते है हमे क्या क्योकि न वो हमारा कोई लगता है और न हमे उससे कोई लेना देना है | बस यही सोच के हम आगे निकल जाते है | और ये गलती एक और गलती को जन्म देती है जो आगे चल कर गुनाह के रूप मे सामने आती है |
 
जब कोई गलती हमारा अपना करता है तो हम इसलिए नहीं कह पाते क्योकि वो हमारा अपना होता है | हमे डर होता है के कही उसको बुरा न लग जाए या उसको हमारे ऐसा कहने से कोई परेशानी न हो जाए | हम भावुक हो जाते है क्योकि वो हमारा अपना होता है | और इस तरह हम उसकी हर गलती को भूल जाते है या भूलने की कोशिश करते है | और यही हमारी सबसे बड़ी गलती होती है |अगर आपको लगता है कोई गलत है तो उसको तभी रोक देना चाहिए जब वो गलती कर रहा हो | तब नहीं जब वो गुनाह करने पर उतर आए |
 
मानव स्वाभाव ही ऐसा होता है | हर जगह बस यही कहता है हमे क्या ,या फिर छोड़ो क्यों बेवजह बहस करना ,क्यों किसी और के लड़ाई मे बीच मे आओ,हमारा क्या हमे क्या करना बस यही शब्द होते है जो सामने वाले इंसान को गलती से बड़ा गुनाह करने पर मजबूर करते है | हम जब तक गलती करने वालो को ये बताएंगे नहीं के वो गलत कर रहे है तो उन्हें रोकेंगे कैसे | पहली गलती हम खुद करते है जो गलत होने देते है | दूसरी गलती हम ये करते है के हम भावुक हो जाते है अपने अपनों को देख कर जिसके कारण वो गलती पर गलती करता है और हम सिवा देखने के कुछ नहीं कर सकते |
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ABOUT THE AUTHORKanchan Sharma

हिंदी लेखक

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Answered on Jun 4, 2023

जी हाँ बिल्कुल मै जानना चाहती हूँ कि इंसान गलत क़ो गलत सिर्फ कहता है जो इंसान गलती करता है उसे गलत करने से रोका क्यों नहीं जाता है ऐसा इसलिए क्योकि जो इंसान गलती कर रहा है उसको सही गलत समझ नहीं आता है और दूसरा व्यक्ति होता है उसकी गलती देखकर भी अनदेखा कर देता है क्योंकि उसे लगता है हमारा क्या जाएगा ये दूसरा कोई है गलती कर रहा है तो करने देते है गलती, लेकिन ये बिल्कुल गलत है यदि कोई अनजान इंसान ही क्यों ना हो यदि वह गलती करता है तो उसे गलती करने से हमें जरूर रोकना चाहिए।

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ABOUT THE AUTHORSetu Kushwaha

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Answered on Apr 22, 2023

आप जानना चाहती है कि इंसान गलत को गलत सिर्फ कहता ही क्यों है उसे सही करने के लिए कोशिश क्यों नहीं करता तो मैं आपको बता दूं कि इंसान हमेशा दूसरों की गलतियों को देखकर चुप रहता है ऐसा इसलिए क्योंकि उस इंसान को लगता है कि इसमें हमारा क्या जाएगा जो हो रहा है होने दो अक्सर इंसान गलती को देख कर चला जाता है लेकिन उसे सुधारने की कोशिश नहीं करता इसी वजह से आज आए दिन गुनाह होते जा रहे हैं इसलिए मैं उन लोगों से नम्र निवेदन करती हूं कि यदि आपके सामने कुछ गलत हो रहा है तो आपको आवाज अवश्य उठाना चाहिए।

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बहुत ही सुन्दर सवाल है आपका, हम इंसान की गलती देखते है ,पर कई बार तो हम उसको कहते ही नहीं कि वो गलत है ,जानते है क्यों ? क्योकि हम उसकी तरह गलत नहीं बन सकते | सबसे बड़ी बात अगर गलती करने वाला कोई अपना ही है, तब तो हम कुछ कह ही नहीं सकते | क्योकि हमारे उस गलती करने वाले अपने से और लोग भी जुड़े होते है ,और हमारा उसको गलत कहना कही हमारे अपनों को बुरा न लग जाए बस यही सोच हमे रोक लेती है |

जब हम किसी को गलत कह ही नहीं सकते तो रोक तो सकते ही नहीं | ये बात हुए हमारे अपनों कि जिनको हम न तो कुछ कह सकते है और न रोक सकते है | अब बात करते है बाहर वालो की ,हम उनकी गलती न कहते न रोकते है ,क्योकि वो हमारे अपने नहीं है ,तो मानव स्वभाव है कि "ये हमारा कौन लगता है ,हमे क्या लेना देना " बस यही कारण है कि हम गलत को न तो गलत कह सकते है, और न ही रोक सकते है |
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