आइए दोस्तों आज हम इस पोस्ट के माध्यम से बता रहे हैं कि आखिर निधिवन के द्वार शाम होते ही क्यों बंद हो जाते हैं। और फिर वहां कोई नहीं जाता है। ये बात काफी आश्चर्यचकित वाली बात है कि इस निधिवन की रहस्यमई बातें हैं क्या कि वहां के द्वार शाम होते ही बंद हो जाते फिर वहा कोई नहीं जाता बताया जाता है कि शाम होते ही राधा रानी और भगवान श्री कृष्ण वहां रासलीला करने के लिए आते हैं और जो व्यक्ति उन्हें रासलीला करते हुए देख लेता है उनकी मृत्यु हो जाती है इसीलिए निधिवन के द्वार शाम होते ही बंद हो जाते हैं फिर वहा कोई नहीं जाता है.।.jpeg&w=640&q=75)
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ब्रिज गुप्ता · 7 years ago
Providing reliable, well-researched content across diverse topics to inform, educate, and inspire readers.शाम होते ही क्यों बंद हो जाते हैं, निधिवन के द्वार, फिर कोई क्यों नहीं जाता निधिवन ?
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Answered on05/29/22
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Answered on05/28/22
आइए आज हम आपको निधिवन से जुड़ी कुछ रहस्यमई बातें बताते हैं जिनके बारे में जानकर आप भी आश्चर्यचकित हो जाएंगे कहा जाता है कि आज भी शाम होते ही निधिवन के द्वार बंद हो जाते हैं और इसके आसपास भी कोई नहीं जाता है इसके पीछे का रहस्य क्या हो सकता है चलिए आज हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताती हैं। निधिवन दो शब्दों से मिलकर बना होता है निधि और वन वैसे तो यह वन है जिसकी सुंदरता देखते ही बनती है कहा जाता है कि आज भी यहां पर भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी शाम के वक्त रासलीला करने आते हैं और जो भी व्यक्ति उन्हें रासलीला करते देख लेता है तो उसकी मृत्यु हो जाती है इसलिए शाम के समय निधि वन के द्वार में ताला लगा दिया जाता है ।
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Updated on05/30/26
भारत में कई रहस्य हैं, जो अभी सुलझे नहीं है | ऐसा ही एक रहस्य है, जो अभी तक उलझा हुआ | आज आपको बताते हैं, निधिवन के बारें में, जहाँ आज भी शाम होते ही मंदिर में ताला लग जाता है, और उसके बाद कोई भी निधिवन के आस-पास भी नहीं रहता |

जैसा कि सभी जानते हैं, मथुरा कृष्ण भगवान की जन्म भूमि है | मथुरा में वृंदावन मंदिर जहाँ लोगों की अपार श्रद्धा है | निधिवन वृंदावन में ही स्थित है और यहां के लोगों की मान्यता है, कि यहां आज भी हर रात भगवान कृष्णा और गोपियाँ निधिवन मेंरास लीला करते हैं |
यहां पर कोई रात्रि के समय नहीं रुकता | कहा जाता है, जो भी यहां रुकता है, या तो वो अपनी जान से हाथ धो बैठता है, या फिर वो पागल हो जाता है | परन्तु वो उस जगह की सच्चाई किसी को नहीं बता पाता कि उसने क्या देखा | बस यही कारण है, कि संध्या आरती के बाद निधिवन के द्वार बंद हो जाते हैं, फिर यहां पर किसी का आगमन नहीं होता | सबसे बड़ी और सोचने वाली बात तो यह है, कि निधिवन में कोई पक्षी भी रात के समय उस स्थान पर नहीं रहता |

निधिवन के अंदर "रंग महल " है, जिसकी मान्यता यह मानी गई है, कि यहाँ पर राधा और कृष्णा रोज रात को आते हैं | "रंग महल" में राधा और कृष्णा के लिए चंदन की पलंग को रोज शाम सात बजे के पहले सजा के रख दिया जाता है। एक लोटा जल, राधाजी के लिए सारा श्रृंगार का सामान,दातुन और पान रख दिया जाता है।
सुबह पांच बजे जब ‘रंग महल’ का पट खुलता है, तो लोटे का पानी खाली, दातुन दांतों से कुचली हुई,पान खाया हुआ मिलता है। यह भी एक रहस्य है, कि ऐसा क्यों होता है ?

निधिवन के कुछपेड़ जो कि पूरे सूखें हुए हैं, परन्तु उनमें अभी भीजान जीवित है, सुखी हुई पेड़ की शाख से हरी पत्तियां निकली हुई हैं | यहाँ के पेड़ों की एक और खास बात है, वैसे तो पेड़ जब बढ़ता है, तो वो आसमान की तरफ से बढ़ता है, परन्तु यह पेड़ ज़मीन की तरफ बढ़ते हैं |
बड़ा ही रहस्यमय है ये मंदिर | ऐसे और भी कई रहस्य है, इस दुनिया में जिसको कोई जानता भी नहीं है |
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