हिंदू धर्म, ज्योतिष शास्त्र और लोक मान्यताओं के अनुसार, शनिवार के दिन तेल का गिरना (खासकर सरसों के तेल का) अशुभ माना जाता है।
इसे लेकर कई मान्यताएं जुड़ी हुई हैं। आइए जानते हैं कि इसका क्या मतलब निकाला जाता है:
1. शनिदेव से संबंध: शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव (Shani Dev) को समर्पित होता है और सरसों का तेल उन्हें बहुत प्रिय है। इसलिए, शनिवार को तेल के ज़मीन पर गिरने को शनिदेव की नाराजगी या शनि दोष (Shani Dosha) से जोड़कर देखा जाता है।
2. धन हानि का संकेत: ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, तेल का गिरना आर्थिक नुकसान (Financial loss) या बेवजह के खर्चे बढ़ने का संकेत माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि आने वाले समय में पैसों से जुड़ी कोई परेशानी आ सकती है।
3. कार्यों में रुकावट: इसे बनते हुए कामों के बिगड़ने या किसी काम में अड़चन आने का भी एक पूर्व संकेत (Omen) माना जाता है।
4. तेल का गिरना vs. तेल का दान: यहाँ एक बात ध्यान देने वाली है—शनिवार के दिन तेल का गिरना या नया तेल खरीदना अशुभ माना जाता है। लेकिन, शनिवार के दिन शनि मंदिर में जाकर शनिदेव पर तेल चढ़ाना या किसी गरीब को तेल का दान करना बहुत ही शुभ और फलदायी माना गया है।
अगर गलती से तेल गिर जाए तो क्या करें? (उपाय) अगर आपसे अनजाने में शनिवार को तेल गिर गया है, तो इसमें बहुत ज्यादा घबराने की बात नहीं है। मान्यताओं के अनुसार इसके कुछ आसान उपाय हैं:
- मन ही मन शनिदेव से अपनी गलती की माफी मांग लें।
- किसी शनि मंदिर में जाकर सरसों के तेल का दीया जलाएं या थोड़ा सा तेल दान कर दें।
- 'ॐ शं शनैश्चराय नम:' मंत्र का जाप कर लें।