Asked 6 years ago

कुचला क्या होता है? इसे खाने से क्या हो सकता है?

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कुचला (Strychnos nux-vomica) एक सदाबहार और अत्यधिक विषैला औषधीय पौधा है, जिसके बीजों में स्ट्राइकिनीन (Strychnine) नामक घातक जहर पाया जाता है। यदि कोई व्यक्ति इसके बीजों को बिना शुद्ध किए या अधिक मात्रा में खा लेता है, तो यह सीधे उसके तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला करता है। इसके दुष्प्रभाव से पूरे शरीर में तेज ऐंठन और झटके आने लगते हैं, मांसपेशियां अत्यधिक कठोर और अकड़ जाती हैं, और श्वसन तंत्र पंगु होने के कारण सांस लेने में गंभीर कठिनाई होने लगती है। इसके अलावा पेट में भयानक दर्द, मरोड़ और उल्टी जैसी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं। अत्यधिक विषैला होने के कारण सही समय पर इलाज न मिलने पर इसके सेवन से इंसान या पशु की मृत्यु होना तय माना जाता है।

आयुर्वेद और होमियोपैथी (Nux-vomica) में इसका उपयोग केवल एक विशेष शुद्धिकरण प्रक्रिया (कुचला शोधन) के बाद बहुत ही सीमित मात्रा में किया जाता है। शुद्ध होने के बाद इसका इस्तेमाल पक्षाघात (लकवा), गठिया का दर्द, नसों की कमजोरी और मिर्गी जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं बनाने में होता है। चूंकि यह एक खतरनाक और जानलेवा जहर है, इसलिए आम लोगों को सख्त हिदायत दी जाती है कि वे इसका कभी भी घरेलू उपयोग या सीधे सेवन न करें; इसका प्रयोग केवल किसी योग्य आयुर्वेदिक डॉक्टर की देखरेख में ही किया जाना चाहिए।

यहां एक और दिलचस्प विषय है जिसका आप आनंद ले सकते हैं: वास्तु शाश्त्र में नवरतन पौधा किसके लिए होता है,इसका हमारे जीवन मे क्या प्रभाव पड़ता है ?

I

Answered By Ishaanvi Reddy

From the kitchen to the page — making food writing as honest, practical, and flavourful as the cooking itself.
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Ishaanvi Reddy is a trained chef and food writer with over 4 years of professional experience in culinary arts and food content. She holds a Diploma in Culinary Arts from the Institute of Hotel Management (IHM), Hyderabad — a qualification that gives her food writing a level of technical accuracy that distinguishes it from content written without kitchen experience. Her content covers recipes, cooking techniques, ingredient guides, food culture, nutrition basics, and restaurant trends across India. Her work has appeared on platforms including Slurrp, Herzindagi Food, and Eat This Not That India, where she writes for home cooks and food enthusiasts who want content that is tested, practical, and rooted in real culinary knowledge — not just adapted from other sources. With hands-on kitchen experience spanning South Indian, North Indian, and Continental cuisines, Ishaanvi brings a cross-regional perspective to her food writing. She has published 150+ food articles and recipes, covering everything from everyday meal planning to deep dives into the science of cooking and the cultural history of Indian food. Across all her work, every recipe is kitchen-tested, every technique is chef-verified, and every recommendation comes from direct culinary experience — not guesswork.

Updated on06/05/26
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कुचला एक औषधीय पौधा होता है जिसका वैज्ञानिक नाम Strychnos nuxvomica होता है। कुचला पौधे की लम्बाई लगभग 2-4मीटर होती है, कुचला पौधे के अंदर गोलाकार कई सारे बीज पाये जाते है कुचला पौधे की पत्तियाँ जामुन की तरह होती है और इसके फूल नीले रंग होते है तथा फल पकने के बाद पीले रंग के हो जाते है। कुचला पौधे के बीज यदि कोई व्यक्ति गलती से खा लेता है तो उस व्यक्ति की मौत हो सकती है, क्योकि कुचला पौधे के बीज बहुत ही जहरीला होता है।Letsdiskuss

 

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Answered By Setu Kushwaha

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Mp

Updated on05/28/26
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आज हम जानेंगे कि कुचला क्या होता है और इसे खाने से क्या प्रभाव हो सकते हैं। कुचला एक पौधे के बीज होते हैं, जिसका वैज्ञानिक नाम Strychnos nux-vomica है। इसे आयुर्वेद में बहुत सावधानी के साथ उपयोग किया जाता है। कुचला के बीजों में स्ट्राइकिनीन (strychnine) नामक जहरीला तत्व पाया जाता है, जो शरीर के लिए बहुत हानिकारक हो सकता है।

यदि कुचला को बिना सही प्रक्रिया या अधिक मात्रा में खा लिया जाए, तो यह शरीर में गंभीर प्रभाव डाल सकता है, जैसे तेज ऐंठन, मांसपेशियों में जकड़न, सांस लेने में कठिनाई और यहां तक कि यह जानलेवा भी हो सकता है।

इसलिए कुचला का उपयोग केवल विशेषज्ञ की सलाह और सही मात्रा में ही करना चाहिए।

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Answered By Ishaanvi Reddy

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Ishaanvi Reddy is a trained chef and food writer with over 4 years of professional experience in culinary arts and food content. She holds a Diploma in Culinary Arts from the Institute of Hotel Management (IHM), Hyderabad — a qualification that gives her food writing a level of technical accuracy that distinguishes it from content written without kitchen experience. Her content covers recipes, cooking techniques, ingredient guides, food culture, nutrition basics, and restaurant trends across India. Her work has appeared on platforms including Slurrp, Herzindagi Food, and Eat This Not That India, where she writes for home cooks and food enthusiasts who want content that is tested, practical, and rooted in real culinary knowledge — not just adapted from other sources. With hands-on kitchen experience spanning South Indian, North Indian, and Continental cuisines, Ishaanvi brings a cross-regional perspective to her food writing. She has published 150+ food articles and recipes, covering everything from everyday meal planning to deep dives into the science of cooking and the cultural history of Indian food. Across all her work, every recipe is kitchen-tested, every technique is chef-verified, and every recommendation comes from direct culinary experience — not guesswork.

Answered on03/17/26
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आपको बता दें की कुचला एक पौधा है जिसे वैज्ञानिक तौर पर Strychnos nuxvomica के नाम से जाना जाता है।इतना ही नहीं बल्कि आयुर्वेदिक चिकित्सक इसे कुचला के नाम से जानते हैं । इसका पौधा करीब-करीब एक मीटर तक लंबा और इसकी पत्तियाँँ जामुन जैसी फूल नीले सफेद ,फल छोटा अमरूद जितना पाया जाता है। कुचला के फल में 4 -5 बीज होते हैं जो गोलाकार लगभग 1 इन्च के और 1–2 मिली मोटे होते है जो इन बीजों के ऊपर लाल रंग का बीज आवरण होता है।

यह एक विषैले फल का बीज होता है जो विषैला होता है।जिससे आयुर्वेदिक नक्सवोमिका दवाई बनाई जाती हैं और आयुर्वेदिक चिकित्सक पक्षाघात, संधि वात और शरीर में गैस विकार, कृमिनाशक दवाएं बनाते हैं विषाक्त गुँण की तीव्रता को ध्यान रखते हुए,इस के विषैले पन के गुँण को विशेष औषधीय कर्म से न्यूनतम किया जाता है ।कुचला एक जहरीले पौधे का फल होता है जिसे कुत्ता विष /डोग किलर्स के नाम से जाना जाता है । इसके अलावा कुचला शोधन या कुचला मारण कहते हैं।
 
शारंगधर संहिता चिकित्सा ग्रंथ के अनुसार यह पितज प्रकृति का जहर होता है ( हीमोटोकसिक )जो रक्त संचालन तंत्र और पाचनतंत्र पर असर करता है यदि किसी ने भी इसे बिना शोधन किए इसके जहर अंश को मारे बिना खा लिया और वह पितज प्रकृति के शरीर वाला है तो उसका मरना तय है अगर वह वातज प्रकृति के शरीर का है तो उसकी चिकित्सा कठिन है मरने की संभावना ज्यादा है, यदि विष भक्षण कर्ता कफज शरीर का है तो उचित समय पर उचित चिकित्सा से उसका जीवन कठिनता से बच सकता है ।
P

Answered By pooja mishra

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Updated on03/16/26
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यदि आप नहीं जानते हैं कि कुचला क्या होता है और इसे खाने से कौन से फायदे प्राप्त होते हैं। तो आप चिंता मत करिए आज मैं आपके इस समस्या का समाधान लेकर आई हूं। आज मैं आपको यहां पर कुचला से जुड़ी समस्त जानकारी देने वाली हूं। सबसे पहले मैं आपको बताऊंगी कि कुचला क्या होता है और फिर इसके बाद इसे मिलने वाले फायदे इसका उपयोग करने की विधि के बारे में बताऊंगी। इसलिए आप मेरे लेख को एक बार पूरा अवश्य पढ़े।

कुचला क्या है :-

कुचला एक प्रकार का औषधीय पौधा है। इसमें बहुत से औषधि गुण पाए जाते हैं।और यह एक सदाबहार पौधा है। इस पौधे का सबसे अधिक उपयोग किए जाने वाला भाग इसके बीज है। इसका स्वाद कड़वा और इसकी गंध काफी तीखी होती है। इसका इस्तेमाल बहुत सी बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है। कुचला एक बहुत ही विषैला पौधा होता है इसके सेवन से लोगों की जान जा सकती है।

चलिए हम आपको बताते हैं कि कुचला खाने से क्या होता है :-

यदि किसी व्यक्ति की गठिया में दर्द बना रहता है तो ऐसे में कुछ लेकर तेल को पैरों पर लगाकर मालिश करने से गठिया रोगों को ठीक किया जा सकता है।

जिन लोगों को अंदरूनी बुखार होती है उन लोगों को कुचले के बीच का सेवन करना चाहिए इसके सेवन से किसी भी प्रकार की बुखार को जड़ से खत्म किया जा सकता है।

जिन लोगों को मिर्गी मारती है उन लोगों को कुचला के बीजों का सेवन करना चाहिए क्योंकि इसके बीज में मिर्गी की समस्या को ठीक करने का समाधान पाया जाता है।

इस प्रकार कुचला के बीजों का सेवन करने के कई सारे फायदे हैं जो कि मैं आपको बता दिए हैं लेकिन इसका सेवन बहुत ही सावधानी पूर्वक करना चाहिए।

Letsdiskuss

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Answered By Aanya Singh

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Answered on12/16/23
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कुचला पौधा एक विषहर औषधि पौधा माना जाता है। कुचला पौधा एक ऐसी औषधि है जिसका ना केवल बीज का उपयोग किया जाता है बल्कि इसके पत्ते,फूल का भी उपयोग होता है।कुचला पौधा के बीजों का उपयोग व्यक्ति के अनेक प्रकार के रोगों जैसे - मधुमेह, भावनात्मक विकार, हिस्टीरिया, मिर्गी, अंदरूनी बुखार, गठिया रोग ,हाइड्रोफोबिया, नपुंसकता, अनिद्रा की समस्या , लकवाग्रस्त और तंत्रिका से जुड़ी हुई आघात और पेशाब संबंधी समस्याओं के लिए बहुत ही उपयोगी माना जाता है।Article image

preeti  patel

Answered By preeti patel

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Answered on05/24/23
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आइए आज इस लेख के माध्यम से हम आपको बताते हैं कि आखिर कुचला होता क्या है और इसे खाने से क्या हो सकता है। दरअसल कुचला एक पौधा होता है जिसका वैज्ञानिक नाम स्त्रीचनोस नुक्सवोमिका है। इस पौधे की लंबाई 1 मीटर होती है इस पेड़ की पत्तियां जामुन जैसी होती है इसका फल अमरूद की तरह छोटा होता है जो पकने के बाद पीले रंग का हो जाता है इस फल के अंदर चार से पांच बीज पाए जाते हैं। कुचला एक विषैले फल का बीज है जिससे nux-vomica दवाई बनाई जाती है। जिसके सेवन से लोगों की मृत्यु हो सकती है।Letsdiskuss

Krishna Patel

Answered By Krishna Patel

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Answered on03/10/22
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