हिन्दी मे कुल स्वर और व्यंजन की संख्या 52 है। जिनमे स्वर की संख्या 11 और व्यंजन की संख्या 41 है। इन वर्णों के व्यवस्थित और क्रमबध समुह को वर्णमाला कहा जाता हैं। वर्ण हिन्दी भाषा मे उपयोग होने वाला सबसे छोटी इकाई है। स्वर् उन्हे कहते है जिनका उच्चारन बिना किसी अवरोध के एवं बिना किसी दूसरे वर्ण की सहायता सए होता है। तथा व्यंजन उन्हे कहते है जिनका उच्चारण स्वर् की सहायता से होता है। 
हिन्दी में कितने स्वर और कितने व्यंजन हैं?
@rajnipatel6804 | Posted on November 26, 2021
हिंदी वर्णमाला स्वर और व्यंजन से मिलकर बनता है हिंदी वर्ण मे स्वर और व्यंजन की संख्या 52 होती है जिसमें से 11 स्वर और 41 व्यंजन होते हैं इन वर्णो व्यवस्थित क्रमबंद समूह को हिंदी वर्णमाला कहते हैं हिंदी भाषा में प्रयुक्त होने वाली सबसे छोटी इकाई होती है स्वर उन वर्णो को कहते हैं जिसका उच्चारण बिना रुके किया जाए स्वर तीन प्रकार के होते हैं दीर्घ स्वर, ह्रस्व स्वर, प्लुत स्वर
अ,आ, इ,ई,उ, ऊ, ए, ओ, ऐ,औ
व्यंजन उन बड़ों को कहते हैं जिन का उच्चारण सहायता से किया जा सके व्यंजन कई प्रकार के होते हैं!स्पर्श व्यंजन, संयुक्त व्यंजन,आगत व्यंजन आदि 
स्वर - जिनके उच्चारण में हवा बिना किसी रूकावट के मुख से बाहर आती है, वे स्वर कहलाते हैं ;
जैसे -अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ,औ,अं, ऑ !
स्वर के दो भेद होते हैं -(1) हास्य स्वर : इनके उच्चारण में कम समय लगता है!आ, ई, उ, और ऋ हास्य स्वर कहलाते है!(2) दीर्घ स्वर - इनके उच्चारण में हस्व स्वरो से 2 गुना समय लगता है| आ,ई,ऊ,ए,ऐ,ओ,औ और ऑ दीर्घ स्वर कहलाते है!
व्यंजन - जो वर्ण स्वर की सहायता से बोले जाते हैं और जिनके उच्चारण में हवा मुंह में कहीं ना कहीं टकराकर बाहर निकलती है, वे व्यंजन कहलाते हैं!जैसे : क, ख, ग,..... ज्ञ !


