यहाँ पर बहुत ही भयभीत करने वाला प्रश्न किया गया है कि वह कौन सा शहर है जो पानी मे डूबा हुआ है? तो चलिए हम आपको इस पोस्ट के माध्यम से बताएंगे कि वह शहर द्वारका नगरी है जो पूरी तरह से पानी मे डूबा हुआ है, क्योकि इस शहर के आस -पास इतनी नदियाँ और तालाब है कि ज़ब भी बारिश होती है नदी, तालाबों का पानी उछल कर द्वारका नगरी शहर मे आ जाता है और और द्वारका नगरी शहर पूरी तरह से बाढ़ के पानी आने के कारण डूब जाता है।
क्या आप जानते हैं कि भारत का एक ऐसा शहर जो पानी में डूबा हुआ है उसका नाम क्या है। बहुत से लोगों को पता नहीं होगा कि भारत का एक शहर पानी में डूबा हुआ है जिसका नाम है द्वारिका नगरी। जो भगवान श्री कृष्ण की नगरी थी, द्वारिका नगरी स्वर्ण की बनी हुई थी। द्वारिका नगरी में भगवान श्री कृष्ण अपनी तीनों रानियों के साथ रहते थे। तथा यहां पर उनकी सभी भक्तगण लोग भी रहते थे। यहां के लोग एक दूसरे से इतना प्रेम करते थे कि जब द्वारिका नगरी पानी में डूबी तो सभी लोग द्वारिका नगरी के साथ समुद्र में डूब गए थे।
भारत का वह प्रसिद्ध शहर जो वर्तमान में समुद्र के पानी में डूबा हुआ है, वह है द्वारका (Dwarka)। गुजरात के तट पर स्थित यह प्राचीन नगरी भगवान श्री कृष्ण की राजधानी मानी जाती है। धार्मिक ग्रंथों और पुरातात्विक खोजों के अनुसार, श्री कृष्ण के वैकुंठ प्रस्थान के बाद यह स्वर्ण नगरी अरब सागर में विलीन हो गई थी।
डूबी हुई द्वारका के बारे में मुख्य जानकारी:
- ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व: महाभारत के अनुसार, द्वारका को स्वयं भगवान विश्वकर्मा ने बनाया था। यह एक भव्य और सुव्यवस्थित नगरी थी। कृष्ण के जाने के बाद समुद्र का जलस्तर बढ़ा और पूरी नगरी जलमग्न हो गई।
- पुरातात्विक खोज (Archaeological Discovery): 1980 के दशक में समुद्र विज्ञान संस्थान (NIO) के वैज्ञानिकों ने पानी के नीचे शोध किया, जिसमें प्राचीन दीवारों के अवशेष, विशाल पत्थर के लंगर (Anchors) और बर्तन मिले। ये अवशेष साबित करते हैं कि वहाँ कभी एक विकसित सभ्यता मौजूद थी।
- पर्यटन का आकर्षण: हाल के वर्षों में 'स्कूबा डाइविंग' (Scuba Diving) के जरिए इस डूबी हुई नगरी के दर्शन करना पर्यटकों के बीच बहुत लोकप्रिय हुआ है। लोग पानी के अंदर जाकर इन ऐतिहासिक अवशेषों को करीब से देख सकते हैं।
निष्कर्ष: द्वारका भारत की उन दुर्लभ जगहों में से एक है जहाँ आस्था और विज्ञान का मेल होता है। इसके अलावा, दक्षिण भारत में महाबलिपुरम के कुछ मंदिरों और गुजरात की खंभात की खाड़ी में भी जलमग्न सभ्यताओं के संकेत मिले हैं, लेकिन द्वारका सबसे प्रमुख है।





