मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की कथा तो आप सभी ने सुनी ही होगी आज हम आपको बताएंगे कि भगवान श्री राम के गुरु कौन थे। भगवान श्री राम के गुरु का नाम है विश्वामित्र इन्ही के द्वारा भगवान श्री राम को एक महान योद्धा बनाया गया। तभी भगवान श्री राम सभी राक्षसों का वध कर पाए थे। जब भगवान श्री राम 14 वर्ष का वनवास करने के लिए अयोध्या से निकले थे तो उनकी कई सारी ऋषि-मुनियों से भेंट हुई। तथा सभी ऋषि मुनि ने उन्हें कुछ ना कुछ ज्ञान अवश्य दिए। इसीलिए तो भगवान श्री राम को मर्यादा पुरुषोत्तम के नाम से जाना जाता है।
दोस्तों हमारे हिंदू धर्म में एक से बढ़कर एक गुरु रहे हैं। और हर किसी को शिक्षा लेने के लिए गुरु की आवश्यकता होती है। तों आज हम इस पोस्ट में जानेंगे कि भगवान राम के गुरु कौन थे। तों मर्यादा पुरुषोत्तम राम के गुरु वशिष्ट थे। भगवान राम के जीवन में अपने गुरु को विशेष महत्व देते थे। ऋषि वशिष्ट ने ही भगवान राम और उनके तीनों भाइयों को शिक्षा दी थी। ऋषि वशिष्ठ ने भगवान राम को राज्य पाठ को संभालने की शिक्षा दी थी। बगैर गुरु के भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम नहीं बन पाते।

अगर इस सवाल का सीधा जवाब दें, तो भगवान श्री राम के गुरु महर्षि वशिष्ठ थे।
महर्षि वशिष्ठ ने भगवान श्री राम और उनके भाइयों को शिक्षा, ज्ञान, धर्म, नीति और जीवन के आदर्शों की शिक्षा दी थी। वे अयोध्या के राजगुरु भी थे और राजा दशरथ के परिवार के मार्गदर्शक माने जाते थे। रामायण में महर्षि वशिष्ठ का बहुत महत्वपूर्ण स्थान बताया गया है।
इसके अलावा, भगवान श्री राम ने महर्षि विश्वामित्र से भी कई महत्वपूर्ण शिक्षाएं और दिव्य अस्त्र-शस्त्र का ज्ञान प्राप्त किया था। इसलिए दोनों ऋषियों का श्री राम के जीवन में विशेष योगदान माना जाता है।
मुख्य गुरु: महर्षि वशिष्ठ
शिक्षा: धर्म, नीति, ज्ञान और आदर्श जीवन
अन्य गुरु: महर्षि विश्वामित्र (अस्त्र-शस्त्र और विशेष शिक्षा)
श्री राम से जुड़ी ऐसी रोचक बातें हमेशा श्रद्धा और जिज्ञासा बढ़ाती हैं। अगर आपके मन में यह सवाल आ रहा है कि भगवान श्री राम का पूरा नाम क्या है, तो इसके बारे में जानना भी दिलचस्प हो सकता है।