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Anushka

Updated on Mar 23, 2026education

भगवान श्री राम का पूरा नाम क्या है?

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Answered on Feb 4, 2024

आज हम आपको बताने वाले हैं कि भगवान श्री राम जी का पूरा नाम क्या था। मैं आपको बता दूं कि भगवान श्री राम का नाम रामचंद्र है और उनके पिता का नाम राजा दशरथ था। मैं आपको बता दूं कि भगवान श्री राम का पूरा नाम दशरथ राघव है। दसरथ उनके पिता का नाम था और राघव उनके कुल का नाम था। इसके अलावा रामायण में भगवान राम को कई अन्य नामो से भी जाना जाता था। जैसे की मर्यादा पुरुषोत्तम, भगवान राम, रामचंद्र, श्री राम, महाराज राम।

चलिए जानते हैं कि वह कौन थे भगवान श्री राम :-

जैसा कि आप और हम जानते हैं कि अयोध्या में जन्मे राजा दशरथ के पुत्र 14 साल का वनवास झेलने वाले अहंकारी रावण का वध करने वाले भगवान श्री राम की भगवान श्री राम को कौन नहीं जानता है। भगवान श्री राम जी का जन्म 7323 ईसा पूर्व में हुआ था। और आज के युग में उनका जन्म चैत्र मास के नवमी को मनाया जाता है। जिसे हम रामनवमी के नाम से जानते हैं। जबकि अन्य शोध के अनुसार श्रीराम का जन्म 5114 ईसा पूर्व 10 जनवरी को दिन के 12:05 पर हुआ था।

चलिए हम आपको भगवान श्री राम से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताते हैं:-

  • भगवान राम को भगवान विष्णु का सातवां अवतार भी माना जाता है।
  • भगवान राम का नामकरण रघुकुल के गुरु महर्षि गुरू वशिष्ठ ने किया था।
  • मैं आपको बता दूं की मायावी रावण को हराने के लिए भगवान राम को देवराज इंद्र ने एक रथ दिया था। इसी रथ पर बैठकर भगवान राम ने रावण का वध किया था।
  • बताया जाता है की लंका पर चढ़ाई करने से पहले भगवान राम ने रामेश्वर में शिवलिंग बनाया था जहां उन्होंने उसे शिवलिंग की पूजा अर्चना की थी। आज रामेश्वर का यह शिवलिंग भारत के प्रमुख तीर्थ में गिना जाता है।

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Answered on Feb 6, 2024

यहां पर मैं आपको बताने वाली हूं कि भगवान श्री राम का पूरा नाम क्या है:-

मैं आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि भगवान श्री राम का पूरा नाम दशरथ राघव है। क्योंकि दशरथ उनके पिता का नाम था और राघव उनके कल का नाम था। इसी कारण भगवान श्री राम का नाम दशरथ राघव पड़ा। मैं आपको बता दूं कि भगवान श्री राम के और कई नाम है जैसे की रामचंद्र, महाराज राम, मर्यादा पुरुषोत्तम,भगवान राम और श्री राम आदि हैं।

चलिए हम आपको भगवान श्री राम से जुड़ी कुछ रोचक जानकारी देते हैं:-

पौराणिक कथा के अनुसार बताया जाता है कि भगवान श्री राम को पूर्ण अवतार माना जाता है। क्योंकि भगवान श्री राम 14 कलाओं के ज्ञाता थे।

ऐसी मान्यता है कि गिलहरी के शरीर पर मिलने वाली तीन धारियां प्रभु श्री राम के कारण ही हैं।कथा है की लंका जाने के लिए जब वानर सी समुद्र पर सेतु बना रही थी तब एक छोटी सी गिलहरी भी अपने मुंह में कंकर पत्थर भरकर सेतु बनाने में मदद कर रही थी। और उसके प्रेम को देखकर भगवान ने उसे अपने हाथों में ले लिया इसके बाद उसकी पीठ पर उंगलियां फिराने लगे। गिलहरी के शरीर पर जहां-जहां भगवान श्री राम की उंगली पड़ी वहीं धारियां बन गई।

इसके अलावा भगवान विष्णु के अवतार परशुराम यह नहीं जानते थे कि श्री राम भी विष्णु अवतार है। इसलिए उन्होंने राम जी को विष्णु जी के धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाने को कहा जिसे राम जी ने आसानी से चढ़ा दिया और परशुराम जी भी राम जी की असली स्वरूप को जान गए।

बताया जाता है कि रावण के साथ मुकाबला के लिए इंद्र देवता ने राम को एक दिव्य रथ भेजा था जिसमें बैठकर राम ने रावण को परास्त किया।

और यह भी बताया जाता है कि रामेश्वर में श्री राम ने शिवलिंग बनाकर शिव की आराधना की थी जिससे वहां एक प्रमुख तीर्थ स्थल बना।

Letsdiskuss

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Answered on Mar 21, 2026

रामायण में वर्णित भगवान Rama को कई नामों और उपनामों से जाना जाता है, जो उनके गुण, वंश और व्यक्तित्व को दर्शाते हैं।

उनका पूरा नाम आम तौर पर श्री रामचंद्र या मर्यादा पुरुषोत्तम श्री रामचंद्र माना जाता है।

रामचंद्र नाम में चंद्र का अर्थ होता है शीतल, शांत और उज्ज्वल, जो उनके स्वभाव को दर्शाता है।

उन्हें दशरथ नंदन राम भी कहा जाता है, क्योंकि वे अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र थे। इसके अलावा रघुनंदन, रघुकुल तिलक और सीतापति जैसे नाम भी प्रचलित हैं, जो उनके वंश और पारिवारिक संबंधों को बताते हैं।

मर्यादा पुरुषोत्तम उपनाम इसलिए दिया गया, क्योंकि उन्होंने जीवन में आदर्श, नियम और धर्म का पालन किया। विभिन्न ग्रंथों और भक्ति परंपराओं में उनके नामों का प्रयोग श्रद्धा और सम्मान के साथ किया जाता है।

उनके अलग-अलग नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि उनके आदर्श चरित्र, कर्तव्य और महान व्यक्तित्व की झलक भी प्रस्तुत करते हैं।

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