Telecom industry में competition बहुत intense हो चुका है और कई smaller companies समय के साथ market से बाहर हो गईं। पिछले कुछ सालों में Vodafone Idea को लेकर financial struggles की discussions काफी हुई हैं क्योंकि competition और debt pressure बढ़ा। हालांकि telecom sector में situations तेजी से बदलती रहती हैं depending on investments, government support और market strategy। Honestly, India का telecom market इतना competitive हो चुका है कि survival के लिए strong infrastructure और pricing strategy दोनों जरूरी हैं।
कौन सी टेलीकॉम कंपनी बंद होने की कगार पर है ?
Join this conversation
नमस्कार समीर जी , आप जानना चाहते है के कौन सी टेलीकॉम कंपनी है जो बंद होने के कगार पर है | तो आपको बता दे के एयरसेल कंपनी के बारे मे ऐसा सुनने आया है | परन्तु वहीं, एयरसेल ने इस खबर पर कुछ भी कहने से इनकार किया है |
एयरसेल दिवालिया होने की स्थिति में आ गई है | कंपनी ने खुद इसके लिए अर्जी दी है , ऐसे में कंपनी बंद होने के साथ ही सभी सर्किल्स में इसकी सेवाएं भी बंद हो जाएंगी | मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयरसेल कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में दिवालिया होने की अर्जी दी है | कंपनी ने अर्जी देने से पहले ही अपने बोर्ड को भंग कर दिया है | दिवालिया घोषित होने के बाद एयरसेल कंपनी के तौर पर खत्म हो जाएगी | इसके बाद बाजार में एयरटेल, जियो, वोडाफोन, आइडिया ही बाकी रह जाएंगी | इनके अलावा दो सरकारी कंपनी एमटीएनएल और बीएसएनएल होंगी | वहीं, आइडिया-वोडाफोन का मर्जर पूरा होने पर टेलीकॉम मार्केट में सिर्फ तीन खिलाड़ी रह जाएंगे |
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कंपनी दिवालिया होने से बच सकती थी | मलेशिया की पैरेंट कंपनी मैक्सिस ने एयरसेल में निवेश करने का मन बनाया था | लेकिन, बाद में उसने अपना इरादा बदल दिया | गौरतलब है कि कंपनी अपने कर्जदारों से सितंबर से 15500 करोड़ रुपए के कर्ज को रिस्ट्रक्चर करने की बातचीत कर रही है | कंपनी के एक सूत्र के मुताबिक, बिजनेस चलाने के लिए कंपनी के पास कैश नहीं है | इस हफ्ते के अंत तक कंपनी सैलरी का भुगतान भी बंद कर सकती है | वहीं, एयरसेल ने इस खबर पर कुछ भी कहने से इनकार किया है |
एयरसेल ने पिछले सितंबर के बाद से बैंकों को कर्ज की किस्त नहीं चुकाई है | इसी कारण कंपनी का कर्ज रिस्ट्रक्चर नहीं हो पाया | रिजर्व बैंक के सभी डेट रीस्ट्रक्चरिंग स्कीम पर पाबंदी लगाने की वजह से एयरसेल को यह फैसला करना पड़ा |
